राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 16 अप्रैल 2026
INDIA गठबंधन की सर्वदलीय बैठक में शामिल होने के बाद Tejashwi Yadav ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला। उन्होंने आरोप लगाया कि ‘नारी शक्ति वंदन अधिनियम’ की नैतिक ढाल लेकर सरकार पहले से पारित महिला आरक्षण कानून को लागू करने के बजाय उसमें संशोधन और परिसीमन के बहाने संविधान और देश के संघीय ढांचे को कमजोर करने की कोशिश कर रही है।
तेजस्वी यादव ने कहा कि प्रस्तावित “विशेष संसद सत्र” के पीछे सरकार की मंशा साफ नहीं है। उनके मुताबिक, यह कदम महिलाओं को वास्तविक अधिकार देने के बजाय राजनीतिक समीकरण साधने की कोशिश ज्यादा लगता है। उन्होंने कहा कि विपक्ष इस मुद्दे पर सतर्क है और किसी भी तरह के “संवैधानिक छेड़छाड़” को बर्दाश्त नहीं करेगा।
RJD नेता ने स्पष्ट किया कि उनकी पार्टी महिला आरक्षण की पूरी समर्थक है, लेकिन मौजूदा ढांचे को अधूरा बताया। उन्होंने कहा कि देश की आधी आबादी को सिर्फ 33% नहीं बल्कि 50% आरक्षण मिलना चाहिए। साथ ही उन्होंने जोर देकर कहा कि इस आरक्षण के भीतर SC, ST और OBC वर्ग की महिलाओं के लिए अलग से कोटा अनिवार्य होना चाहिए, ताकि सामाजिक न्याय सुनिश्चित हो सके।
तेजस्वी यादव ने कहा कि यदि आरक्षण के भीतर आरक्षण नहीं दिया गया, तो यह सिर्फ दिखावटी कदम साबित होगा और वंचित वर्गों की महिलाओं को वास्तविक लाभ नहीं मिल पाएगा। उन्होंने इसे सामाजिक न्याय के सिद्धांत से जुड़ा हुआ मुद्दा बताते हुए कहा कि बिना समावेशी व्यवस्था के महिला आरक्षण अधूरा रहेगा।
INDIA गठबंधन की बैठक में इस मुद्दे पर व्यापक चर्चा हुई और संकेत मिले हैं कि विपक्ष आने वाले दिनों में इसे बड़ा राजनीतिक मुद्दा बनाएगा। महिला आरक्षण, परिसीमन और जातिगत प्रतिनिधित्व को लेकर सियासी माहौल पहले ही गर्म है, ऐसे में विशेष संसद सत्र से पहले बयानबाज़ी और टकराव और तेज होने के आसार हैं।





