महेंद्र कुमार | नई दिल्ली | 4 जनवरी 2026
अगर आपके पास आयुष्मान भारत–प्रधानमंत्री जन आरोग्य योजना (AB-PMJAY) का कार्ड है और आप इसके जरिए सरकारी या सूचीबद्ध निजी अस्पतालों में मुफ्त इलाज का लाभ लेते हैं, तो यह खबर आपके लिए बेहद अहम है। सरकार ने आयुष्मान कार्ड से जुड़े नियमों में कुछ अहम बदलाव किए हैं, जिनका सीधा असर लाभार्थियों के इलाज पर पड़ सकता है। नए नियमों के तहत अब यह अनिवार्य कर दिया गया है कि हर लाभार्थी की व्यक्तिगत जानकारी पूरी तरह सही, अपडेट और सत्यापित हो। अगर किसी मरीज का डेटा अधूरा, गलत या संदिग्ध पाया गया, तो अस्पताल में इलाज के समय कैशलेस सुविधा रोकी जा सकती है, जिससे मरीज और उसके परिवार को गंभीर परेशानी का सामना करना पड़ सकता है।
सरकार और राष्ट्रीय स्वास्थ्य प्राधिकरण (NHA) के अनुसार, अब आधार से लिंक और सत्यापन, मोबाइल नंबर का अपडेट, और पहचान से जुड़ी सभी जानकारियों का मिलान जरूरी कर दिया गया है। इलाज के दौरान ओटीपी, स्वीकृति संदेश और अन्य जरूरी सूचनाएं मोबाइल पर भेजी जाती हैं, इसलिए गलत या बंद मोबाइल नंबर होने पर भी इलाज अटक सकता है। इसके अलावा कई मामलों में यह देखा गया है कि नाम, उम्र, पता या परिवार के सदस्यों की जानकारी रिकॉर्ड से मेल नहीं खाती, जिसके कारण अस्पताल कैशलेस इलाज देने से इनकार कर देते हैं। ऐसे मामलों को रोकने के लिए सरकार अब पहले से ही डेटा सुधार पर जोर दे रही है।
सरकार का साफ कहना है कि इन बदलावों का मकसद आम जनता को परेशान करना नहीं, बल्कि फर्जी आयुष्मान कार्ड, डुप्लीकेट एंट्री और गलत लाभार्थियों पर लगाम लगाना है। जांच में सामने आया है कि कई जगह एक ही व्यक्ति के नाम पर एक से ज्यादा कार्ड बने हुए थे, या फिर अपात्र लोग योजना का लाभ ले रहे थे। इससे न केवल सरकारी धन का दुरुपयोग हुआ, बल्कि असली जरूरतमंद मरीजों को समय पर इलाज नहीं मिल पाया। इसी कारण अब योजना के तहत ई-केवाईसी और डेटा क्लीनिंग की प्रक्रिया को सख्ती से लागू किया जा रहा है।
अगर आप चाहते हैं कि भविष्य में आयुष्मान कार्ड के जरिए इलाज में कोई रुकावट न आए, तो आपको बिना देर किए अपनी जानकारी अपडेट करा लेनी चाहिए। इसके लिए नजदीकी आयुष्मान केंद्र, कॉमन सर्विस सेंटर (CSC) या किसी सरकारी अस्पताल में जाकर आधार सत्यापन, मोबाइल नंबर अपडेट और परिवार विवरण की जांच कराई जा सकती है। यह प्रक्रिया मुफ्त है और कुछ ही मिनटों में पूरी हो जाती है। थोड़ा-सा समय निकालकर यह जरूरी काम कर लेना आगे चलकर बड़े इलाज के समय होने वाली परेशानी, तनाव और आर्थिक दबाव से आपको बचा सकता है।




