मुंबई, 17 अक्टूबर 2025 —
मुंबई के अंधेरी स्थित वीरा देसाई रोड पर प्रसिद्ध कॉमेडियन कपिल शर्मा के स्वामित्व वाले ‘द कपिल शर्मा कैफे’ में एक बार फिर दहशत का माहौल बन गया है। बुधवार देर रात, अज्ञात बदमाशों ने कैफे के बाहर ताबड़तोड़ फायरिंग कर दी, जो पिछले कुछ महीनों में इस प्रतिष्ठान पर हमले की तीसरी घटना है। इस ताज़ा घटना का सीसीटीवी फुटेज सोशल मीडिया पर तेजी से वायरल हो रहा है, जिसने पुलिस और प्रशासन की कार्यप्रणाली पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। यह हमला ऐसे समय में हुआ है जब कुछ ही दिन पहले कैफे के मालिक और उनके सहयोगियों को एक कुख्यात गैंगस्टर ने ‘प्रोटेक्शन मनी’ या ‘हफ्ता वसूली’ के लिए धमकी दी थी, जिससे यह स्पष्ट होता है कि यह केवल संपत्ति विवाद नहीं, बल्कि मुंबई के कारोबारी माहौल पर गैंगस्टर सिंडिकेट की बढ़ती हुई पकड़ का स्पष्ट संकेत है।
ताबड़तोड़ फायरिंग और दहशत का मंजर: सामने आया घटना का भयावह वीडियो
घटना का जो वीडियो फुटेज सामने आया है, वह देर रात का है जब कैफे बंद होने के कगार पर था या बंद हो चुका था। वीडियो में साफ देखा जा सकता है कि दो अज्ञात बदमाश बाइक पर सवार होकर कैफे के बाहर आते हैं। बिना किसी चेतावनी या बातचीत के, पीछे बैठा बदमाश पिस्तौल निकालकर कैफे के मुख्य शटर और कांच के दरवाज़ों पर तेज़ी से कई राउंड फायर करता है। फायरिंग के बाद दोनों बदमाश तुरंत अंधेरे का फायदा उठाकर मौके से फरार हो जाते हैं। इस गोलीबारी की आवाज़ से पूरे इलाके में दहशत फैल गई, और स्थानीय लोगों ने तुरंत पुलिस को सूचना दी। यह हमला इतना सुनियोजित था कि बदमाशों को किसी के पकड़े जाने का कोई डर नहीं था, जिससे यह आशंका बलवती होती है कि इन गैंगस्टरों को पुलिस या कानूनी कार्रवाई का कोई भय नहीं है और वे पूरी तरह बेखौफ होकर अपनी आपराधिक गतिविधियाँ चला रहे हैं।
तीसरी घटना और ‘हफ्ता वसूली’ का एंगल: अंडरवर्ल्ड की वापसी की आहट
यह ध्यान देना ज़रूरी है कि ‘द कपिल शर्मा कैफे’ पर हुआ यह ताज़ा हमला, पिछले कुछ महीनों में हुई फायरिंग की तीसरी घटना है। हर बार हमलावर एक ही पैटर्न अपनाते हैं: फायरिंग करना और मौके से फरार हो जाना। इस दोहराव से यह स्पष्ट है कि इसके पीछे का मक़सद केवल डर पैदा करना नहीं, बल्कि किसी विशेष मांग को मनवाना है। पुलिस सूत्रों के अनुसार, इन हमलों के पीछे एक कुख्यात गैंगस्टर सिंडिकेट का हाथ है, जिसने कपिल शर्मा और उनके व्यापारिक सहयोगियों से भारी मात्रा में ‘प्रोटेक्शन मनी’ या ‘हफ्ता वसूली’ की मांग की थी। बार-बार की गई धमकियों को जब कैफे प्रबंधन ने अनसुना किया, तो गैंगस्टर ने अपनी धमकी को अंजाम देने के लिए इन लगातार हमलों का रास्ता अपनाया। यह घटना मुंबई, जिसे कभी सुरक्षित ‘माया नगरी’ माना जाता था, में अंडरवर्ल्ड और ‘हफ्ता वसूली’ की पुरानी, भयानक संस्कृति की वापसी की स्पष्ट और डरावनी आहट है।
पुलिस की विफलता और सुरक्षा पर गंभीर सवाल: क्या आम नागरिक सुरक्षित है?
इस हाई-प्रोफाइल मामले में बार-बार की गई फायरिंग ने मुंबई पुलिस की कार्यप्रणाली और कानून-व्यवस्था की स्थिति पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। किसी एक ही व्यावसायिक प्रतिष्ठान को लगातार तीसरी बार निशाना बनाना, और हर बार हमलावरों का बेखौफ होकर भाग निकलना, यह दर्शाता है कि या तो पुलिस की खुफिया तंत्र पूरी तरह से विफल है, या अपराधियों को यह संदेश मिल चुका है कि वे बिना किसी डर के अपने मंसूबों को अंजाम दे सकते हैं। यदि एक राष्ट्रीय हस्ती के व्यावसायिक उद्यम को इस तरह बार-बार निशाना बनाया जा सकता है, तो सवाल उठता है कि शहर के आम कारोबारी और नागरिक कितने सुरक्षित हैं? पुलिस को अब केवल औपचारिक बयान देने के बजाय, इस मामले की गंभीरता को समझते हुए, गैंगस्टर सिंडिकेट के खिलाफ एक व्यापक और त्वरित कार्रवाई शुरू करने की ज़रूरत है, ताकि मुंबई के व्यापारिक माहौल से भय का यह नया साया हटाया जा सके और अपराधियों को यह स्पष्ट संदेश दिया जा सके कि कानून का राज अभी भी कायम है।




