Home » International » Epstein फाइल्स का धमाका: ट्रम्प–प्रिंस एंड्र्यू समेत दिग्गजों के नाम उजागर

Epstein फाइल्स का धमाका: ट्रम्प–प्रिंस एंड्र्यू समेत दिग्गजों के नाम उजागर

Facebook
WhatsApp
X
Telegram

अंतरराष्ट्रीय डेस्क 16 नवंबर 2025

Jeffrey Epstein से जुड़े नए दस्तावेज़—लगभग 20,000 पृष्ठों का ईमेल रिकॉर्ड—सार्वजनिक होने के बाद वैश्विक राजनीति, राजघरानों, मीडिया और कॉरपोरेट जगत में हलचल मच गई है। इन फाइल्स ने एक बार फिर यह सवाल उठा दिया है कि Epstein का नेटवर्क कितनी दूर तक फैला था और किन-किन प्रभावशाली लोगों के साथ उसकी बातचीत या करीबी संबंध थे। इन नए दस्तावेज़ों में जिन नामों का उल्लेख हुआ है, वे केवल सामाजिक संपर्कों की सूची भर नहीं हैं; बल्कि वे यह दर्शाते हैं कि Epstein के नेटवर्क में कई ऊँचे पदों पर बैठे लोग शामिल रहे। इसमें पूर्व अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प, पूर्व अमेरिकी वित्त मंत्री लैरी समर्स, ब्रिटेन के शाही परिवार के सदस्य प्रिंस एंड्र्यू, अरबपति टेक-उद्योगपति पीटर थील, और मीडिया लेखक माइकल वोल्फ जैसे बड़े नाम शामिल हैं। यह खुलासे बताते हैं कि Epstein का दायरा सिर्फ व्यक्तिगत संपर्कों तक सीमित नहीं था, बल्कि शक्ति, राजनीति, मीडिया प्रभाव और वैश्विक व्यापारिक नेटवर्कों तक फैला हुआ था।

इन ईमेल फाइलों में सामने आए कुछ संदेश बेहद चौंकाने वाले हैं। उदाहरण के लिए, एक ईमेल में “The Duke” के नाम से संदर्भित प्रिंस एंड्र्यू स्पष्ट शब्दों में Epstein को निर्देश देते दिखते हैं कि हर बयान और कानूनी उत्तर में यह साफ कर दिया जाए कि “मैं इस मामले में शामिल नहीं हूँ”। यह संदेश यह दर्शाता है कि एंड्र्यू खुद को Epstein के विवादों से दूर रखने के लिए लगातार दबाव बना रहे थे। दूसरी ओर, लैरी समर्स और Epstein के बीच सामाजिक और राजनीतिक मुद्दों पर संवाद मिलता है, जबकि माइकल वोल्फ तथा अन्य मीडिया व्यक्तियों के साथ रणनीतिक चर्चाओं का उल्लेख भी पाया गया है। ये ईमेल केवल औपचारिक बातचीत नहीं, बल्कि एक ऐसे नेटवर्क की ओर इशारा करते हैं जो पर्दे के पीछे बैठकर विभिन्न शक्ति-केंद्रों से जुड़ा हुआ था।

इस पूरे मामले में सबसे विवादित पहलू यह है कि Epstein फाइल्स में नाम आने का मतलब यह नहीं है कि इन सभी लोगों ने किसी अपराध में भाग लिया था। अमेरिकी न्याय विभाग पहले ही कह चुका है कि उन्हें Epstein की तथाकथित “क्लाइंट लिस्ट” का प्रमाणिक आधार नहीं मिला। इसके बावजूद, दस्तावेज़ों में इन नामों की मौजूदगी उन व्यक्तियों पर नैतिक और सार्वजनिक दबाव जरूर बनाती है, क्योंकि Epstein पर लगे यौन शोषण और मानव तस्करी के आरोप बेहद गंभीर थे। जैसे-जैसे ये नाम सामने आते हैं, वैश्विक स्तर पर यह बहस तेज हो रही है कि क्या इतने शक्तिशाली लोग केवल सामाजिक संपर्कों की वजह से Epstein के दायरे में आए, या वास्तव में यह एक गहराई से जुड़ा हुआ नेटवर्क था?

इन दस्तावेज़ों के सार्वजनिक होने से अमेरिकी कांग्रेस और हाउस ओवरसाइट कमेटी ने मामले की गहन समीक्षा को तेज कर दिया है। कई लोग यह मांग कर रहे हैं कि सभी फाइल्स को पूरी तरह सार्वजनिक किया जाए ताकि किसी भी स्तर पर कोई रहस्य या संरक्षण न रह जाए। वहीं दूसरी ओर, Epstein मामले को लेकर बनी रहस्यमयता और अधूरी जानकारी के कारण कई लोगों में अविश्वास भी बढ़ रहा है। Virginia Giuffre से जुड़े मामलों के कारण यह सवाल भी उठाया जा रहा है कि पीड़ितों की आवाज़ और न्याय की मांग को आखिर कब पूरा सम्मान मिलेगा।

Epstein फाइल्स का यह नया अध्याय केवल एक सेक्स-स्कैंडल का खुलासा नहीं है—यह विश्वभर की राजनीतिक और सामाजिक व्यवस्था में शक्ति, संपर्क, गोपनीयता और जवाबदेही के संतुलन पर बड़ा प्रश्नचिन्ह लगाता है। कौन कितना जिम्मेदार था, कौन कितना शामिल था, और कौन केवल संपर्क सूची में दर्ज था—यह सब आने वाले समय की जांच और पारदर्शिता पर निर्भर करता है। लेकिन इतना स्पष्ट है कि Epstein का नेटवर्क किसी एक देश, एक संस्था या एक वर्ग तक सीमित नहीं था; और यह मामला आने वाले महीनों तक वैश्विक सुर्खियों में बना रहेगा।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments