Home » Sports » ईडन गार्डन्स की गूंज आज भी ज़िंदा: अजहरुद्दीन ने पहले मैच की यादें कीं ताज़ा

ईडन गार्डन्स की गूंज आज भी ज़िंदा: अजहरुद्दीन ने पहले मैच की यादें कीं ताज़ा

Facebook
WhatsApp
X
Telegram

एबीसी डेस्क 31 दिसंबर 2025

भारतीय क्रिकेट के दिग्गज बल्लेबाज़ मोहम्मद अजहरुद्दीन ने अपने टेस्ट क्रिकेट करियर के पहले दिन को भावुक शब्दों में याद किया है। उन्होंने सोशल मीडिया पर साझा किया कि आज का दिन उनके लिए खास है, क्योंकि इसी दिन उन्होंने 1984 में कोलकाता के ऐतिहासिक ईडन गार्डन्स मैदान पर इंग्लैंड के खिलाफ अपने टेस्ट सफर की शुरुआत की थी। अजहर ने लिखा कि उस दिन लगाया गया उनका पहला टेस्ट शतक और स्टेडियम में मौजूद दर्शकों की गूंजती तालियां आज भी उनकी यादों में उतनी ही ताज़ा हैं।

अजहरुद्दीन का वह डेब्यू मैच भारतीय क्रिकेट इतिहास में खास जगह रखता है। एक युवा खिलाड़ी के तौर पर मैदान पर उतरते ही उन्होंने न सिर्फ दबाव को संभाला, बल्कि अपने आत्मविश्वास और शानदार बल्लेबाज़ी से सभी का दिल जीत लिया। पहली ही पारी में शतक जड़कर उन्होंने यह साफ कर दिया था कि भारतीय क्रिकेट को एक नया और खास बल्लेबाज़ मिल गया है।

उन्होंने यह भी संकेत दिया कि ईडन गार्डन्स का माहौल, दर्शकों का उत्साह और देश के लिए खेलने का गर्व—ये सब उनके करियर की नींव बने। अजहर के लिए वह दिन सिर्फ एक मैच नहीं था, बल्कि एक ऐसे सफर की शुरुआत थी, जिसने उन्हें भारतीय क्रिकेट के सबसे स्टाइलिश और चर्चित बल्लेबाज़ों में शामिल कर दिया।

आज, दशकों बाद भी जब अजहरुद्दीन अपने पहले टेस्ट दिन को याद करते हैं, तो यह एहसास होता है कि कुछ पल समय के साथ धुंधले नहीं पड़ते। ईडन गार्डन्स की वह शाम, बल्ले से निकली टाइमिंग और तालियों की गूंज—यह सब भारतीय क्रिकेट की यादगार विरासत का हिस्सा बन चुका है।

अजहर और एतिहासिक रिकॉर्ड

भारतीय क्रिकेट के इतिहास में मोहम्मद अजहरुद्दीन का नाम एक ऐसे बल्लेबाज़ के रूप में दर्ज है, जिसने अपनी स्टाइलिश बल्लेबाज़ी, तेज़ कलाई के शॉट्स और कप्तानी के दौर से भारतीय क्रिकेट को नई पहचान दी। हाल ही में अजहरुद्दीन ने सोशल मीडिया पर एक भावुक पोस्ट साझा करते हुए याद किया कि कैसे 1984 में कोलकाता के ईडन गार्डन्स में इंग्लैंड के खिलाफ उनके टेस्ट करियर की शुरुआत हुई थी—और उसी मैच में उन्होंने अपना पहला शतक जड़कर इतिहास रच दिया था। 41 साल बाद भी उस दिन की तालियों की गूंज उनके दिल में ताज़ा है।

ईडन गार्डन्स की ऐतिहासिक शुरुआत (1984)

मोहम्मद अजहरुद्दीन ने 1984 में इंग्लैंड के खिलाफ ईडन गार्डन्स, कोलकाता में टेस्ट क्रिकेट में पदार्पण किया। यह डेब्यू मैच ही उनके करियर का टर्निंग पॉइंट बन गया। उन्होंने पहली ही पारी में शतक लगाया और ऐसा करने वाले चुनिंदा भारतीय बल्लेबाज़ों में शामिल हो गए। खास बात यह रही कि उन्होंने अपने पहले तीन टेस्ट मैचों में लगातार तीन शतक लगाए—जो आज भी भारतीय क्रिकेट में एक दुर्लभ रिकॉर्ड है।

स्टाइल, क्लास और कलाई का जादू

अजहरुद्दीन की बल्लेबाज़ी का अंदाज़ बाकी खिलाड़ियों से अलग था। उनकी कलाई की ताकत और टाइमिंग इतनी शानदार थी कि गेंद फील्डरों के बीच से निकल जाती थी। स्क्वायर कट, कवर ड्राइव और ऑन साइड शॉट्स उनके ट्रेडमार्क बन गए। क्रिकेट प्रेमी उन्हें “सबसे स्टाइलिश भारतीय बल्लेबाज़ों” में गिनते हैं।

टेस्ट और वनडे करियर की झलक

  1. 99 टेस्ट मैच खेले

2.45.03 की औसत से 6,215 रन बनाए

  1. टेस्ट क्रिकेट में 22 शतक उनके नाम रहे
  2. वनडे क्रिकेट में भी उनका योगदान बेहद अहम रहा।
  3. उन्होंने 334 वनडे मैच खेले
  4. 9,378 रन बनाए
  5. लंबे समय तक वे भारत की वनडे बल्लेबाज़ी की रीढ़ माने जाते रहे

कप्तानी का दौर: उतार-चढ़ाव भरा सफर

अजहरुद्दीन ने 1989 से 1999 के बीच भारतीय टीम की कप्तानी की। वे भारत के सबसे लंबे समय तक कप्तान रहने वाले खिलाड़ियों में शामिल रहे। उनके नेतृत्व में भारत ने कई विदेशी दौरों पर शानदार प्रदर्शन किया। हालांकि, यह दौर विवादों से भी अछूता नहीं रहा और मैच फिक्सिंग के आरोपों ने उनके क्रिकेट करियर पर गहरी छाया डाल दी।

विवाद और संघर्ष

2000 में मैच फिक्सिंग के आरोपों के चलते अजहरुद्दीन पर क्रिकेट खेलने का प्रतिबंध लगाया गया। यह उनके करियर का सबसे कठिन दौर था। हालांकि, सालों बाद अदालत ने उन पर लगे आजीवन प्रतिबंध को हटा दिया। इसके बावजूद, उनका अंतरराष्ट्रीय क्रिकेट में वापसी का सपना पूरा नहीं हो सका।

क्रिकेट से राजनीति तक

क्रिकेट से संन्यास लेने के बाद मोहम्मद अजहरुद्दीन ने सार्वजनिक जीवन में एक नई पारी शुरू की और राजनीति में सक्रिय भूमिका निभाई। उन्होंने लोकसभा चुनाव जीतकर सांसद के रूप में देश की संसद में अपनी जिम्मेदारियाँ निभाईं। वर्तमान समय में वे तेलंगाना सरकार में मंत्री के रूप में कार्यरत हैं, जहां वे प्रशासन और जनसेवा से जुड़े अहम दायित्व संभाल रहे हैं। इसके साथ-साथ अजहरुद्दीन घरेलू क्रिकेट और क्रिकेट प्रशासन से भी जुड़े रहे, जिससे खेल के साथ उनका रिश्ता लगातार बना रहा।

आज भी ताज़ा हैं यादें

आज, जब अजहरुद्दीन अपने डेब्यू को 41 साल पूरे होने की बात करते हैं, तो यह सिर्फ एक खिलाड़ी की याद नहीं, बल्कि भारतीय क्रिकेट के एक स्वर्णिम अध्याय की याद है। ईडन गार्डन्स में गूंजती तालियां, बल्ले से निकलती टाइमिंग और एक युवा खिलाड़ी का आत्मविश्वास—यह सब भारतीय क्रिकेट की सामूहिक स्मृति का हिस्सा बन चुका है।

एक नाम, कई पहचानें

मोहम्मद अजहरुद्दीन का क्रिकेट ग्राफ सिर्फ रनों और शतकों की कहानी नहीं है। यह प्रतिभा, लोकप्रियता, विवाद, संघर्ष और यादों से भरी एक पूरी यात्रा है। आज भी जब भारतीय क्रिकेट के स्टाइलिश बल्लेबाज़ों की बात होती है, तो अजहरुद्दीन का नाम सम्मान और चर्चा के साथ लिया जाता है—एक ऐसे खिलाड़ी के रूप में, जिसने क्रिकेट को कला की तरह खेला।

5 1 vote
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments