राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 30 जून 2026
पेट्रोल में 20% एथेनॉल (E-20) मिलाने की केंद्र सरकार की महत्वाकांक्षी योजना पर सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान बड़ा बयान सामने आया है। केंद्र सरकार ने सर्वोच्च अदालत को बताया कि एथेनॉल ब्लेंडिंग कार्यक्रम फिलहाल एक “चल रहा प्रयोग (Experiment)” है और इसके वास्तविक नतीजे अगले साल तक स्पष्ट होंगे।
सुप्रीम कोर्ट की जस्टिस एम.एम. सुंदरेश और जस्टिस शील नागू की पीठ भारत पेट्रोलियम कॉर्पोरेशन लिमिटेड (BPCL) की उस याचिका पर सुनवाई कर रही थी, जिसमें कर्नाटक हाईकोर्ट के उस आदेश को चुनौती दी गई है, जिसमें ऑयल मार्केटिंग कंपनियों को एथेनॉल सप्लाई का कोटा बढ़ाने का निर्देश दिया गया था।
सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार की ओर से पेश अटॉर्नी जनरल आर. वेंकटरमणी ने कहा कि E-20 ब्लेंडिंग कार्यक्रम अभी परीक्षण के दौर में है और अगले वर्ष इसके प्रभाव का बेहतर आकलन किया जा सकेगा। उन्होंने यह भी दलील दी कि हाईकोर्ट का आदेश राष्ट्रीय एथेनॉल ब्लेंडिंग नीति को प्रभावित कर सकता है।
सरकार ने अदालत को बताया कि 17 अक्टूबर 2025 तक 378 सप्लायर्स को लगभग 1,050 करोड़ लीटर एथेनॉल की आपूर्ति का आवंटन किया गया था। इनमें से 18 जून 2026 तक करीब 680 करोड़ लीटर एथेनॉल की सप्लाई हो चुकी है।
मामला तब शुरू हुआ जब एक एथेनॉल निर्माता ने कर्नाटक हाईकोर्ट में याचिका दाखिल कर आरोप लगाया कि उसकी उत्पादन क्षमता लगभग 9.9 करोड़ लीटर होने के बावजूद उसे 2025-26 के लिए केवल 3.92 करोड़ लीटर का ही कोटा दिया गया। हाईकोर्ट ने निर्माता के पक्ष में फैसला देते हुए BPCL, HPCL और IOC को अतिरिक्त आवंटन पर विचार करने का निर्देश दिया था।
हालांकि, ऑयल मार्केटिंग कंपनियों ने अदालत में कहा कि ऐसा करने के लिए उन्हें केंद्र सरकार की मौजूदा नीति में बदलाव करना पड़ेगा। इसी आदेश को चुनौती देते हुए BPCL सुप्रीम कोर्ट पहुंची, जहां फिलहाल अदालत ने यथास्थिति (Status Quo) बनाए रखने का आदेश दिया है।
गौरतलब है कि केंद्र सरकार ने 2022 में राष्ट्रीय जैव ईंधन नीति में संशोधन कर पेट्रोल में एथेनॉल मिश्रण को चरणबद्ध तरीके से बढ़ाने की योजना बनाई थी। सरकार का दावा है कि देश अब 20 प्रतिशत एथेनॉल मिश्रण का लक्ष्य हासिल कर चुका है।
हालांकि, E-20 को लेकर देशभर में बहस जारी है। कई वाहन मालिकों ने माइलेज घटने, इंजन की कार्यक्षमता प्रभावित होने और रखरखाव खर्च बढ़ने की शिकायतें की हैं। दूसरी ओर सरकार का कहना है कि एथेनॉल मिश्रित पेट्रोल से वाहनों को नुकसान पहुंचने का कोई वैज्ञानिक प्रमाण नहीं मिला है।
इस बीच केंद्रीय मंत्री नितिन गडकरी और हरदीप सिंह पुरी भविष्य में एथेनॉल मिश्रण को 20 प्रतिशत से बढ़ाकर 85 प्रतिशत तक ले जाने की संभावना भी जता चुके हैं, हालांकि फिलहाल इस संबंध में कोई आधिकारिक नीति घोषित नहीं की गई है।




