अमरनाथ | मुंबई 30 दिसंबर 2025
मुंबई में साइबर ठगों ने एक बुजुर्ग महिला को “डिजिटल अरेस्ट” के नाम पर डराकर 3 करोड़ 71 लाख रुपये की ठगी कर ली। हैरानी की बात यह है कि ठग ने खुद को देश के पूर्व मुख्य न्यायाधीश (CJI) डी.वाई. चंद्रचूड़ बताकर महिला को मानसिक दबाव में रखा और कानून का डर दिखाकर पैसे ऐंठ लिए। इस मामले में पुलिस ने सूरत से एक आरोपी को गिरफ्तार किया है, जबकि नेटवर्क से जुड़े अन्य लोगों की तलाश जारी है। ठगों ने बुजुर्ग महिला को कॉल कर कहा कि वह एक गंभीर कानूनी मामले में फंसी हुई हैं और अगर उन्होंने तुरंत सहयोग नहीं किया तो उन्हें गिरफ्तार कर लिया जाएगा। कॉल पर खुद को “पूर्व CJI” बताकर बात करने वाले व्यक्ति ने वीडियो कॉल और लगातार फोन के जरिए महिला को घर में ही रहने, किसी से बात न करने और निर्देशों का पालन करने को कहा—यही तथाकथित “डिजिटल अरेस्ट” था। डर और तनाव में आई महिला ने अलग-अलग खातों में भारी रकम ट्रांसफर कर दी।
जांच में सामने आया है कि यह पूरा मामला एक संगठित साइबर ठगी गिरोह का है, जो वरिष्ठ नागरिकों को खासतौर पर निशाना बनाता है। पुलिस का कहना है कि आरोपी कानून, कोर्ट और एजेंसियों के नाम का इस्तेमाल कर लोगों को भ्रमित करते हैं, ताकि वे सवाल करने की हिम्मत न जुटा सकें।
कैसे रहें सतर्क, कैसे बचें डिजिटल अरेस्ट और साइबर ठगी से
1. किसी भी कोर्ट, CBI, पुलिस या जज के नाम से आए कॉल पर घबराएं नहीं। कोई भी एजेंसी फोन या वीडियो कॉल पर “डिजिटल अरेस्ट” नहीं करती।
2. पैसे ट्रांसफर करने का दबाव आए तो तुरंत समझ लें—यह ठगी है।
3. किसी अनजान कॉल पर अपनी निजी जानकारी, बैंक डिटेल, OTP या KYC साझा न करें।
4. वीडियो कॉल पर वर्दी या बड़े पद का दावा करने वालों पर आंख बंद कर भरोसा न करें।
5. ऐसी कॉल आते ही परिवार के सदस्य, वकील या नजदीकी पुलिस से बात करें।
6. साइबर ठगी की आशंका हो तो तुरंत 1930 हेल्पलाइन या cybercrime.gov.in पर शिकायत दर्ज करें।
7.।बुजुर्गों को खासतौर पर जागरूक करें, क्योंकि ठग डर और अकेलेपन का फायदा उठाते हैं।
यह मामला एक कड़ी चेतावनी है कि डिजिटल दुनिया में डर सबसे बड़ा हथियार बन चुका है। सतर्कता, बातचीत और समय पर शिकायत ही ऐसी ठगी से बचने का सबसे मजबूत तरीका है।





