अवधेश कुमार । नई दिल्ली 17 दिसंबर 2025
नई दिल्ली: देश की राजधानी दिल्ली में वायु प्रदूषण की गंभीर स्थिति ने सरकारी निर्णयों की गति को और तेज कर दिया है। राज्य सरकार ने सोमवार को राजधानी दिल्ली और एनसीआर में बढ़ते प्रदूषण को नियंत्रित करने के लिए महत्त्वपूर्ण कदम उठाते हुए एक नए वर्क-फ्रॉम-होम (WFH) आदेश और मजदूरों के लिए आर्थिक सहायता पैकेज की घोषणा की है। यह निर्णय पर्यावरणीय कारणों और आम जनता के स्वास्थ्य को ध्यान में रखकर लिया गया है।
सबसे पहले, दिल्ली सरकार ने सभी सरकारी और निजी कार्यालयों में कर्मचारियों की भौतिक उपस्थिति को 50 प्रतिशत तक सीमित कर दिया है, जबकि शेष 50 प्रतिशत कर्मचारियों को घर से काम करने वर्क-फ्रॉम-होम के जरिए कार्य जारी रखने का अनिवार्य निर्देश दिया गया है। इस दिशा में जारी आदेश का उद्देश्य वायु प्रदूषण से संक्रमण को कम करना और वाहनों के सड़कों पर होने वाले उत्सर्जन को सीमित करना है, जिससे राजधानी दिल्ली की हवा की गुणवत्ता में सुधार हो सके। आदेश के अनुसार, 18 दिसंबर से यह नियम लागू होगा और इसमें स्वास्थ्य कार्यों, आपातकालीन सेवाओं तथा आवश्यक विभागों को छूट दी गई है।
सरकार के इस फैसले का तात्पर्य यह है कि अब कार्यालयों में 50 प्रतिशत कर्मचारी ही दफ्तर जाकर अपनी सेवाएँ देंगे, जबकि बाकी आधे कर्मी घर से ही अपनी ड्यूटी निभाएंगे। यह निर्णय “ग्रेडेड रिस्पांस एक्शन प्लान” (GRAP) के तहत लिया गया है, जो वायु गुणवत्ता के पैमाने के ऊपर निर्भर करता है और सख्त कदमों को लागू करने के लिए सक्षम बनाता है। इसके साथ ही, दिल्ली सरकार ने यह भी कहा है कि यदि कार्य की आवश्यकता पड़े तो विभागाध्यक्ष तथा प्रशासनिक सचिव अधिक कर्मियों को बुला सकते हैं, जिनकी उपस्थिति अनिवार्य हो सकती है, ताकि आवश्यक सेवाओं का निरंतर संचालन सुनिश्चित हो सके।
दूसरा महत्वपूर्ण निर्णय निर्माण कार्यों के बंद होने से प्रभावित मजदूरों के लिए आर्थिक सहायता प्रदान करने से जुड़ा है। दिल्ली सरकार ने घोषणा की है कि ग्रैप-3 तथा ग्रैप-4 प्रतिबंधों के कारण प्रभावित सभी रजिस्टर्ड और वेरिफाइड निर्माण श्रमिकों के बैंक खातों में सीधे ₹10,000 प्रति व्यक्ति के रूप में डायरेक्ट बेनिफिट ट्रांसफर (DBT) किया जाएगा। इसका उद्देश्य उन मजदूरों की आर्थिक मदद करना है, जिनकी आमदनी निर्माण गतिविधियों के ठप होने से प्रभावित हुई है। यह राशि सीधे उनके बैंक खातों में भेजी जाएगी ताकि वे अपने दैनिक आवश्यक खर्चों को पूरा कर सकें।
सरकार ने यह भी स्पष्ट किया है कि जैसे ही GRAP-4 प्रतिबंध समाप्त होंगे, उस अवधि के दिन भी मुआवजे की गणना में शामिल किए जाएंगे और अलग से सहायता दी जाएगी। श्रम विभाग ने इस फैसले को बड़े राहत पैकेज के रूप में पेश किया है, जिससे हजारों मजदूरों को मौजूदा विषम परिस्थितियों में सहारा मिलता है।
इसके अलावा, वर्क-फ्रॉम-होम के आदेश के पालन को सुनिश्चित करने के लिए सरकार ने समय के विभाजन, शिफ्ट व्यवस्था और कार पूलिंग जैसे उपायों को अपनाने का सुझाव भी दिया है, ताकि सड़कों पर वाहन कम हों और प्रदूषण नियंत्रण में मदद मिल सके। उल्लंघन करने वाले प्रतिष्ठानों पर जुर्माना और अन्य कानूनी कार्रवाई की भी चेतावनी जारी की गई है।
समग्र रूप से, यह निर्णय दिल्ली सरकार की स्वास्थ्य और पर्यावरण सुरक्षा नीति का हिस्सा है, जिसका उद्देश्य राजधानी में प्रदूषण के संकट को नियंत्रित करना और आम जनता एवं श्रमिकों को सुरक्षा तथा राहत प्रदान करना है।




