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अराजकता फैलाकर राजनीतिक जमीन तलाश रही कांग्रेस: मोदी

राष्ट्रीय | मोबनी मजूमदार | ABC NATIONAL NEWS | सूरत/नई दिल्ली | 6 जून 2026

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने गुजरात के सूरत से कांग्रेस पर तीखा राजनीतिक हमला बोलते हुए आरोप लगाया कि पिछले 12 वर्षों से कांग्रेस देश में अराजकता, भ्रम और अस्थिरता का माहौल पैदा करने की कोशिश कर रही है ताकि वह अपनी खोई हुई राजनीतिक जमीन वापस हासिल कर सके। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश की जनता कांग्रेस की राजनीति को समझ चुकी है और लगातार चुनावों में उसे करारा जवाब दे रही है। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासन वाले राज्यों में जनता पार्टी के कामकाज से निराश है और यही कारण है कि विभिन्न राज्यों में कांग्रेस की राजनीतिक स्थिति लगातार कमजोर होती जा रही है।

सूरत में लगभग 18,777 करोड़ रुपये की विभिन्न विकास परियोजनाओं का उद्घाटन और शिलान्यास करने पहुंचे प्रधानमंत्री मोदी ने अपने संबोधन में कहा कि कांग्रेस ने पिछले एक दशक से अधिक समय में विकास के मुद्दों पर सरकार का मुकाबला करने के बजाय केवल नकारात्मक राजनीति की है। उन्होंने आरोप लगाया कि कांग्रेस देश में निवेश, विकास और आर्थिक प्रगति के माहौल को प्रभावित करने के लिए लगातार भ्रम फैलाने का प्रयास करती रही है। प्रधानमंत्री ने कहा कि जब देश तेजी से आगे बढ़ रहा है, दुनिया की प्रमुख अर्थव्यवस्थाओं में भारत की स्थिति मजबूत हो रही है और बड़े पैमाने पर बुनियादी ढांचे का निर्माण हो रहा है, तब विपक्ष विकास के एजेंडे का समर्थन करने के बजाय केवल राजनीतिक अस्थिरता का वातावरण बनाने में जुटा हुआ है।

प्रधानमंत्री ने अपने भाषण में हिमाचल प्रदेश और कर्नाटक की राजनीति का भी उल्लेख किया। उन्होंने दावा किया कि कांग्रेस शासित राज्यों में जनता सरकार के प्रदर्शन से संतुष्ट नहीं है। पीएम मोदी ने हाल ही में कर्नाटक में हुए नेतृत्व परिवर्तन और हिमाचल प्रदेश के स्थानीय निकाय चुनावों का हवाला देते हुए कहा कि इन घटनाओं ने कांग्रेस के प्रति जनता के बढ़ते असंतोष को उजागर कर दिया है। उन्होंने कहा कि जहां भी कांग्रेस को शासन का अवसर मिला, वहां प्रशासनिक अस्थिरता, आंतरिक खींचतान और विकास कार्यों में बाधाएं देखने को मिलीं।

प्रधानमंत्री मोदी ने गुजरात की जनता की भी सराहना की और कहा कि राज्य ने बहुत पहले ही कांग्रेस को राजनीतिक रूप से हाशिये पर पहुंचा दिया था। उन्होंने कहा कि गुजरात के लोगों ने विकास, सुशासन और स्थिरता के रास्ते को चुना, जिसके कारण राज्य आज देश के सबसे तेजी से विकसित होने वाले क्षेत्रों में शामिल है। प्रधानमंत्री ने दावा किया कि गुजरात मॉडल को अब देश के अन्य हिस्सों में भी अपनाया जा रहा है और यही वजह है कि निवेशक भारत को एक भरोसेमंद वैश्विक गंतव्य के रूप में देख रहे हैं।

अपने संबोधन में प्रधानमंत्री ने विकास परियोजनाओं का उल्लेख करते हुए कहा कि केंद्र सरकार का लक्ष्य केवल चुनाव जीतना नहीं बल्कि देश के हर क्षेत्र तक विकास पहुंचाना है। उन्होंने कहा कि सूरत और दक्षिण गुजरात में शुरू की गई नई परियोजनाएं उद्योग, परिवहन, ऊर्जा और शहरी विकास को नई गति देंगी। इन परियोजनाओं से रोजगार के अवसर बढ़ेंगे, स्थानीय अर्थव्यवस्था मजबूत होगी और क्षेत्र को वैश्विक निवेश के लिए और अधिक आकर्षक बनाया जा सकेगा। प्रधानमंत्री ने कहा कि देश के विभिन्न राज्यों में चल रही आधारभूत संरचना परियोजनाएं भारत को विकसित राष्ट्र बनाने की दिशा में महत्वपूर्ण भूमिका निभा रही हैं।

प्रधानमंत्री के इस बयान को कांग्रेस नेता राहुल गांधी के हालिया हमलों के जवाब के रूप में भी देखा जा रहा है। पिछले कुछ दिनों से कांग्रेस नेतृत्व लगातार केंद्र सरकार, अर्थव्यवस्था, शिक्षा व्यवस्था और विभिन्न राष्ट्रीय मुद्दों को लेकर मोदी सरकार पर हमलावर है। राहुल गांधी ने हाल ही में दावा किया था कि सरकार के भीतर संस्थागत असंतोष बढ़ रहा है और आने वाले समय में राजनीतिक परिस्थितियों में बड़ा बदलाव देखने को मिल सकता है। भाजपा ने इन बयानों को निराधार और भ्रम फैलाने वाला बताते हुए लगातार पलटवार किया है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2026 के विभिन्न राज्यों के चुनावों और आगामी राष्ट्रीय राजनीतिक चुनौतियों को देखते हुए भाजपा और कांग्रेस के बीच बयानबाजी का स्तर लगातार तेज होता जा रहा है। एक ओर कांग्रेस केंद्र सरकार को आर्थिक और सामाजिक मुद्दों पर घेरने की कोशिश कर रही है, वहीं भाजपा विकास, स्थिरता और मजबूत नेतृत्व को अपना प्रमुख राजनीतिक हथियार बना रही है। ऐसे में आने वाले महीनों में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप और अधिक तीखे होने की संभावना है।

सूरत से प्रधानमंत्री मोदी का यह संदेश स्पष्ट रूप से विपक्ष, विशेषकर कांग्रेस, को राजनीतिक रूप से घेरने की रणनीति का हिस्सा माना जा रहा है। प्रधानमंत्री ने यह भी संकेत दिया कि भाजपा आने वाले चुनावों में विकास और सुशासन के मुद्दे को केंद्र में रखकर जनता के बीच जाएगी, जबकि कांग्रेस को उन्होंने “अराजकता और भ्रम की राजनीति” करने वाला दल बताया। अब देखना होगा कि कांग्रेस इन आरोपों का क्या जवाब देती है और यह राजनीतिक टकराव आने वाले चुनावी समीकरणों को किस हद तक प्रभावित करता है।

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