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बंगाल में CJP कार्यकर्ता के पिता की मौत, हमले के आरोप में 3 गिरफ्तार; BJP ने आरोप नकारे

स्लग: स्कूल की बदहाली पर सवाल उठाने के बाद हमले का आरोप, CJP ने BJP कार्यकर्ताओं को बताया जिम्मेदार; बंगाल सरकार ने कहा—FIR में नामजद पांच में से तीन गिरफ्तार, बाकी दो भी पकड़े जाएंगे

अपराध | ABC NATIONAL NEWS | कोलकाता/बांकुड़ा | 17 अगस्त 2026

पश्चिम बंगाल के बांकुड़ा जिले में एक सरकारी स्कूल की स्थिति को लेकर सवाल उठाने के बाद कथित हमले में Cockroach Janta Party (CJP) के स्वयंसेवक के पिता की मौत ने राजनीतिक विवाद खड़ा कर दिया है। CJP का आरोप है कि उसके 25 वर्षीय स्वयंसेवक शेख अब्दुल हफीज के घर में 13 अगस्त की रात कथित तौर पर स्थानीय BJP कार्यकर्ता घुसे और परिवार के साथ मारपीट की। इस हमले में हफीज के पिता जनाब मफीक के सिर में गंभीर चोटें आईं और इलाज के दौरान 15 अगस्त को उनकी मौत हो गई। मामले में अब पुलिस ने पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की है और पश्चिम बंगाल के मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी के मुताबिक इनमें से तीन लोगों को गिरफ्तार किया जा चुका है, जबकि बाकी दो की गिरफ्तारी भी की जाएगी। मुख्यमंत्री ने हालांकि इस घटना में BJP के किसी संगठनात्मक संबंध से इनकार किया है और कहा है कि FIR में नामजद लोग अपराधी हैं तथा कानून के मुताबिक कार्रवाई होगी।

स्कूल की स्थिति देखने गया था CJP स्वयंसेवक

यह पूरा मामला CJP के ‘School Thik Karo’ अभियान से जुड़ा बताया जा रहा है। पार्टी ने इस अभियान के तहत सरकारी स्कूलों की वास्तविक स्थिति सामने लाने और वहां बुनियादी सुविधाओं की कमी को उजागर करने की पहल शुरू की है। CJP के मुताबिक, बांकुड़ा के करिशुंडा इलाके में रहने वाले हफीज ने 13 अगस्त को अपने गांव के सरकारी स्कूल का दौरा किया था। उसका उद्देश्य स्कूल की आधारभूत सुविधाओं, खासकर बच्चों के लिए शौचालय, पेयजल और अन्य व्यवस्थाओं की स्थिति को देखना और उसका दस्तावेजीकरण करना था। CJP का दावा है कि हफीज ने स्कूल के शिक्षक से वहां की स्थिति रिकॉर्ड करने की अनुमति मांगी थी और शिक्षक ने उसे अगले दिन आने को कहा था। बाद में हफीज के मुताबिक, शिक्षक ने स्थानीय राजनीतिक कार्यकर्ताओं को उसके स्कूल दौरे के बारे में जानकारी दी।

CJP के अनुसार, उसी रात करीब 8:30 बजे कुछ लोग हफीज के घर पहुंचे। संगठन का आरोप है कि इन लोगों ने हफीज और उसके परिवार पर हमला किया तथा उससे स्कूल की खराब स्थिति को सामने लाने के लिए माफी मांगने वाला वीडियो रिकॉर्ड करने को कहा। आरोप है कि हफीज ने ऐसा करने से इनकार किया तो उसके साथ और उसके परिवार के साथ मारपीट की गई। CJP के मुताबिक, हफीज की गर्दन में गंभीर चोट आई, जबकि उसके पिता मफीक के सिर पर गंभीर चोट लगी। बाद में हफीज ने अस्पताल से एक वीडियो में अपने साथ हुई कथित घटना का विवरण दिया और सुरक्षा संबंधी चिंता के कारण कोलकाता चला गया। उसके पिता को गंभीर हालत में अस्पताल में भर्ती कराया गया, जहां इलाज के दौरान उनकी मौत हो गई।

CJP ने BJP कार्यकर्ताओं पर लगाया आरोप

CJP ने सीधे तौर पर आरोप लगाया है कि हमले में स्थानीय BJP से जुड़े लोग शामिल थे। पार्टी के मुख्य प्रवक्ता सौरव दास ने घटना की कड़ी निंदा करते हुए कहा कि एक सरकारी स्कूल की स्थिति पर सवाल उठाना कोई अपराध नहीं है और इसके लिए किसी परिवार को निशाना बनाना लोकतांत्रिक अधिकारों पर हमला है। CJP संस्थापक और राष्ट्रीय संयोजक अभिजीत दीपके ने भी कहा है कि संगठन दबाव में पीछे नहीं हटेगा और ‘School Thik Karo’ अभियान जारी रहेगा। उन्होंने हफीज और उसके परिवार को कानूनी तथा अन्य सहायता देने के लिए पश्चिम बंगाल में पार्टी प्रतिनिधिमंडल भेजने की बात कही है।

CJP ने घटना की निष्पक्ष जांच, आरोपियों की तत्काल गिरफ्तारी और हफीज तथा उसके परिवार की सुरक्षा की मांग की है। संगठन का यह भी आरोप है कि शुरुआती हमले के बाद पुलिस की ओर से आवश्यक कानूनी प्रक्रिया तुरंत शुरू नहीं की गई। हालांकि बाद में पुलिस कार्रवाई हुई और अब पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज होने तथा तीन आरोपियों की गिरफ्तारी की बात राज्य सरकार की ओर से सामने आई है।

मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी ने BJP कनेक्शन से किया इनकार

मामले ने राजनीतिक रंग उस समय और गहरा कर दिया जब BJP पर लगे आरोपों पर मुख्यमंत्री सुवेंदु अधिकारी को सफाई देनी पड़ी। अधिकारी ने साफ कहा कि घटना में BJP का कोई संबंध नहीं है। उनके मुताबिक, पांच लोगों के खिलाफ FIR दर्ज की गई है, जिनमें तीन गिरफ्तार हो चुके हैं और बाकी दो को भी गिरफ्तार किया जाएगा। उन्होंने कहा कि आरोपियों के खिलाफ कानून के अनुसार कड़ी कार्रवाई की जाएगी।

BJP की ओर से भी कहा गया है कि यदि किसी पार्टी कार्यकर्ता की संलिप्तता जांच में सामने आती है तो उसके खिलाफ कार्रवाई होनी चाहिए। केंद्रीय मंत्री सुकांत मजूमदार ने कहा कि पुलिस को आरोपों की जांच करनी चाहिए और यदि वे सही पाए जाते हैं तो कार्रवाई होनी चाहिए। BJP नेता अग्निमित्रा पॉल ने भी कहा कि पार्टी किसी दोषी व्यक्ति को संरक्षण नहीं देगी और कानून अपना काम करेगा। BJP नेताओं ने यह संभावना भी जताई कि घटना का कारण कोई स्थानीय विवाद हो सकता है और राजनीतिक संबंध की बात जांच के बाद ही स्पष्ट होगी।

मामला सिर्फ राजनीतिक आरोप नहीं, जांच का भी सवाल

इस घटना ने एक बड़ा सवाल खड़ा किया है—क्या किसी सरकारी स्कूल की बदहाल व्यवस्था को लेकर सवाल उठाना इतना जोखिम भरा हो सकता है कि शिकायतकर्ता या उसके परिवार को हिंसा का सामना करना पड़े? दूसरी ओर, BJP की ओर से लगाए गए राजनीतिक आरोपों से इनकार और राज्य सरकार द्वारा आरोपियों के खिलाफ कार्रवाई का दावा यह संकेत देता है कि पूरे मामले की सच्चाई पुलिस जांच के बाद ही स्पष्ट होगी। फिलहाल यह स्थापित तथ्य नहीं है कि गिरफ्तार किए गए तीनों आरोपी BJP कार्यकर्ता हैं; CJP ने ऐसा आरोप लगाया है, जबकि मुख्यमंत्री ने BJP कनेक्शन से इनकार किया है। इसलिए मामले में राजनीतिक आरोप और पुलिस जांच के निष्कर्ष को अलग-अलग देखना महत्वपूर्ण है।

CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने इस घटना के बाद कहा है कि संगठन अपने अभियान से पीछे नहीं हटेगा। पार्टी का कहना है कि सरकारी स्कूलों की स्थिति, बच्चों के लिए बुनियादी सुविधाओं और शिक्षा व्यवस्था पर सवाल उठाना नागरिक भागीदारी का हिस्सा है। ऐसे में बांकुड़ा की यह घटना अब सिर्फ एक परिवार की त्रासदी नहीं रह गई है, बल्कि स्कूल व्यवस्था, राजनीतिक दबाव, नागरिक अधिकार और कानून-व्यवस्था को लेकर भी बहस का मुद्दा बन गई है। आगे की पुलिस जांच यह तय करेगी कि हमले के पीछे वास्तव में कौन था, घटना का कारण क्या था और आरोपों में लगाए गए राजनीतिक संबंध कितने सही हैं।

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