एबीसी डेस्क 2 जनवरी 2026
बच्चों की सुरक्षा और उनके मानसिक स्वास्थ्य को लेकर दुनियाभर में चिंता बढ़ती जा रही है। मोबाइल और सोशल मीडिया की बढ़ती लत ने बच्चों की पढ़ाई, नींद और व्यवहार पर गहरा असर डाला है। इसी चिंता के बीच ऑस्ट्रेलिया के बाद अब फ्रांस में भी बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर सख्ती की तैयारी शुरू हो गई है। वहां सरकार 15 साल से कम उम्र के बच्चों को सोशल मीडिया से दूर रखने के लिए नया कानून लाने पर विचार कर रही है।
फ्रांस सरकार का मानना है कि कम उम्र में सोशल मीडिया का जरूरत से ज्यादा इस्तेमाल बच्चों को मानसिक तनाव, अवसाद और अकेलेपन की ओर धकेल रहा है। इसके साथ ही साइबर बुलिंग, आपत्तिजनक कंटेंट और ऑनलाइन हिंसा जैसी समस्याएं भी तेजी से बढ़ी हैं। इन्हीं कारणों से सरकार चाहती है कि बच्चे मोबाइल स्क्रीन की दुनिया से बाहर निकलें और पढ़ाई, खेल और वास्तविक जीवन से जुड़ें।
प्रस्तावित नियमों के तहत 15 साल से कम उम्र के बच्चे Facebook, Instagram, TikTok, Snapchat जैसे सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म का इस्तेमाल नहीं कर पाएंगे। इतना ही नहीं, स्कूलों में मोबाइल फोन ले जाने और इस्तेमाल करने पर भी कड़ी पाबंदियां लगाने की योजना है, ताकि बच्चे पढ़ाई पर ज्यादा ध्यान दे सकें।
इससे पहले ऑस्ट्रेलिया ने बड़ा कदम उठाते हुए 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया पर प्रतिबंध लगाने का फैसला किया था। ऑस्ट्रेलिया दुनिया का पहला ऐसा देश बना, जिसने बच्चों के ऑनलाइन समय को लेकर इतने सख्त नियम लागू किए। अब फ्रांस भी उसी राह पर आगे बढ़ता दिख रहा है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यह फैसला बच्चों के भविष्य के लिए जरूरी है। लगातार स्क्रीन देखने से बच्चों की आंखों, दिमाग और व्यवहार पर बुरा असर पड़ता है। वहीं कुछ लोग इस फैसले को लेकर सवाल भी उठा रहे हैं कि क्या पूरी तरह बैन करना सही समाधान है या फिर सुरक्षित इस्तेमाल सिखाना ज्यादा बेहतर होगा।
फिलहाल फ्रांस में इस प्रस्ताव पर चर्चा जारी है और आने वाले समय में इस पर अंतिम फैसला लिया जाएगा। लेकिन इतना साफ है कि दुनिया अब बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल को लेकर गंभीर हो चुकी है, और आने वाले दिनों में और भी देश इस दिशा में सख्त कदम उठा सकते हैं।




