अवधेश कुमार | नई दिल्ली 8 जनवरी 2026
केंद्र सरकार ने जनगणना 2027 के पहले चरण को लेकर आधिकारिक अधिसूचना (नोटिफिकेशन) जारी कर दी है। इसके साथ ही देश में लंबे समय बाद जनगणना की औपचारिक प्रक्रिया शुरू हो गई है। यह नोटिफिकेशन गृह मंत्रालय द्वारा जारी किया गया है और इसके तहत जनगणना के पहले चरण को पूरे देश में लागू किया जाएगा। सरकार के मुताबिक, पहला चरण 1 अप्रैल 2026 से 30 सितंबर 2026 के बीच पूरा किया जाएगा। इस दौरान राज्यों और केंद्र शासित प्रदेशों को अपनी सुविधा के अनुसार लगभग 30 दिनों की अवधि दी जाएगी, जिसमें वे यह प्रक्रिया पूरी करेंगे। इसके अलावा, लोगों को डिजिटल माध्यम से स्व-गणना (Self Enumeration) का विकल्प भी दिया जाएगा, ताकि वे स्वयं ऑनलाइन अपनी जानकारी दर्ज कर सकें।
नोटिफिकेशन के अनुसार, जनगणना 2027 का पहला चरण “हाउस लिस्टिंग और हाउसिंग सेंसस” होगा। इस चरण में देशभर के सभी घरों और इमारतों की सूची तैयार की जाएगी। इसमें यह जानकारी जुटाई जाएगी कि किसी क्षेत्र में कितने घर हैं, वे किस तरह के हैं, उनमें रहने की स्थिति कैसी है और वहां बुनियादी सुविधाएं उपलब्ध हैं या नहीं।
जनगणना 2027 दो चरणों में कराई जाएगी। पहला चरण आवास और घरों से जुड़ी जानकारी के लिए होगा, जबकि दूसरा चरण जनसंख्या गणना का होगा। दूसरे चरण में हर व्यक्ति से संबंधित विवरण—जैसे उम्र, लिंग, शिक्षा, रोजगार आदि—एकत्र किए जाएंगे। यह दूसरा चरण फरवरी 2027 में प्रस्तावित है।
सरकार ने साफ किया है कि इस बार की जनगणना डिजिटल तकनीक के जरिए की जाएगी। मोबाइल ऐप और ऑनलाइन प्लेटफॉर्म के इस्तेमाल से आंकड़े जुटाए जाएंगे, जिससे प्रक्रिया अधिक पारदर्शी, तेज और सटीक हो सके। इसे भारत की अब तक की सबसे आधुनिक जनगणना माना जा रहा है।
गौरतलब है कि इससे पहले देश में आखिरी जनगणना 2011 में हुई थी। 2021 की जनगणना कोविड-19 महामारी के कारण नहीं हो सकी थी। ऐसे में 2027 की जनगणना देश की 16वीं राष्ट्रीय जनगणना होगी, जो नीति निर्धारण, संसाधनों के बंटवारे और विकास योजनाओं के लिए बेहद अहम मानी जा रही है। केंद्र सरकार द्वारा पहला नोटिफिकेशन जारी किया जाना इस बात का संकेत है कि जनगणना की लंबे समय से रुकी प्रक्रिया अब औपचारिक रूप से आगे बढ़ चुकी है।




