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युद्धविराम टूटा? ईरान का अमेरिका पर बड़ा आरोप, नए हमलों से फिर भड़का पश्चिम एशिया

अंतरराष्ट्रीय | अमित भास्कर | ABC NATIONAL NEWS | तेहरान / दोहा / वॉशिंगटन | 27 मई 2026

पश्चिम एशिया में जारी तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंचता दिखाई दे रहा है। Iran ने अमेरिका पर युद्धविराम तोड़ने का गंभीर आरोप लगाया है। ईरान का दावा है कि अमेरिकी सेना ने दक्षिणी ईरान के होर्मोज़गन क्षेत्र में नए हवाई हमले किए, जिससे हाल ही में लागू हुआ संघर्षविराम कमजोर पड़ गया है और क्षेत्र में फिर युद्ध जैसे हालात बनने लगे हैं। इन घटनाओं के बाद अंतरराष्ट्रीय तेल बाजार में भी हलचल तेज हो गई और ब्रेंट क्रूड की कीमतों में लगभग तीन प्रतिशत तक उछाल दर्ज किया गया।

ईरान के विदेश मंत्रालय ने अमेरिका पर “युद्धविराम का घोर उल्लंघन” करने का आरोप लगाते हुए कहा कि अमेरिकी सेना पिछले 48 घंटों से लगातार अवैध और आक्रामक गतिविधियां कर रही है। मंत्रालय ने चेतावनी दी कि तेहरान किसी भी “दुश्मनाना कार्रवाई” का जवाब देने से पीछे नहीं हटेगा। ईरानी सरकारी मीडिया के मुताबिक दक्षिणी बंदरगाह शहर बंदर अब्बास और होर्मुज जलडमरूमध्य के आसपास देर रात कई विस्फोटों की आवाजें सुनी गईं। वहीं Islamic Revolutionary Guard Corps ने दावा किया कि उसने ईरानी हवाई क्षेत्र में घुसे एक अमेरिकी ड्रोन को मार गिराया और एक अमेरिकी F-35 लड़ाकू विमान पर भी फायरिंग की।

दूसरी ओर अमेरिकी सेना ने इन हमलों को “आत्मरक्षा में की गई कार्रवाई” बताया है। United States Central Command के प्रवक्ता टिम हॉकिन्स ने कहा कि अमेरिकी सैनिकों की सुरक्षा के लिए दक्षिणी ईरान में मिसाइल लॉन्च साइट्स और समुद्र में बारूदी सुरंगें बिछाने की कोशिश कर रही नौकाओं को निशाना बनाया गया। हालांकि अमेरिका ने हमलों के विस्तृत विवरण सार्वजनिक नहीं किए हैं।

इस बीच पश्चिम एशिया के सबसे संवेदनशील समुद्री मार्ग होर्मुज जलडमरूमध्य के पास एक तेल टैंकर में विस्फोट की खबर ने वैश्विक चिंता और बढ़ा दी। ब्रिटेन की समुद्री सुरक्षा एजेंसी UKMTO के मुताबिक ओमान के पास एक टैंकर के बाहरी हिस्से में विस्फोट हुआ, हालांकि जहाज और चालक दल सुरक्षित बताए जा रहे हैं। यह इलाका दुनिया की ऊर्जा सप्लाई का सबसे महत्वपूर्ण मार्ग माना जाता है और यहां किसी भी तनाव का सीधा असर वैश्विक तेल बाजार पर पड़ता है।

तनाव के बावजूद कूटनीतिक बातचीत जारी है। अमेरिकी विदेश मंत्री Marco Rubio ने भारत दौरे के दौरान कहा कि कतर में बातचीत चल रही है और समझौते की संभावना अभी खत्म नहीं हुई है। हालांकि उन्होंने साफ किया कि होर्मुज जलडमरूमध्य किसी भी हालत में खुला रहेगा। उन्होंने कहा कि वहां जो कुछ हो रहा है वह “अवैध, अस्थिर और दुनिया के लिए अस्वीकार्य” है।

उधर ईरान के सर्वोच्च नेता Mojtaba Khamenei ने ईद-उल-अजहा के मौके पर जारी बयान में कहा कि अमेरिका मध्य पूर्व में अपना प्रभाव तेजी से खो रहा है। उन्होंने क्षेत्रीय देशों को चेतावनी दी कि वे अमेरिकी सैन्य ठिकानों को अपने यहां जगह देना बंद करें। खामेनेई ने दावा किया कि अमेरिका अब क्षेत्र में पहले जैसी ताकत नहीं रखता और हर गुजरते दिन के साथ उसकी स्थिति कमजोर हो रही है।

सूत्रों के मुताबिक कतर में ईरानी प्रतिनिधिमंडल और अमेरिकी पक्ष के बीच 14 सूत्रीय समझौते पर बातचीत चल रही है। इसमें ईरान की लगभग 24 अरब डॉलर की जमी हुई संपत्तियों को चरणबद्ध तरीके से रिलीज करने का प्रस्ताव शामिल है। रिपोर्ट्स के अनुसार शुरुआती समझौते पर हस्ताक्षर होते ही 12 अरब डॉलर जारी किए जा सकते हैं।

हालांकि नए अमेरिकी हमलों ने पूरे शांति प्रयासों पर गंभीर सवाल खड़े कर दिए हैं। अप्रैल में लागू युद्धविराम के बाद पहली बार हालात इतने तनावपूर्ण हुए हैं। विशेषज्ञों का मानना है कि यदि आने वाले दिनों में दोनों देशों के बीच सैन्य टकराव बढ़ता है तो इसका असर केवल पश्चिम एशिया तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि वैश्विक तेल बाजार, समुद्री व्यापार और अंतरराष्ट्रीय सुरक्षा पर भी गहरा प्रभाव पड़ सकता है।

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