Home » Business » अडानी ने रचा इतिहास! चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट गुजरात में शुरू

अडानी ने रचा इतिहास! चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा बैटरी स्टोरेज प्रोजेक्ट गुजरात में शुरू

बिजनेस | हिरेन व्यास | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई / अहमदाबाद | 27 मई 2026

भारत ने ऊर्जा क्षेत्र में एक और बड़ा वैश्विक रिकॉर्ड अपने नाम कर लिया है। Adani Green Energy ने गुजरात के खावड़ा में चीन के बाहर दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-लोकेशन बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम (BESS) शुरू कर दिया है। कंपनी ने कुल 3.37 गीगावॉट-घंटा (GWh) क्षमता वाला यह विशाल प्रोजेक्ट चालू कर दिया है, जिसे दुनिया के सबसे बड़े बैटरी स्टोरेज डिप्लॉयमेंट्स में गिना जा रहा है। इस उपलब्धि के साथ भारत ने स्वच्छ ऊर्जा और ऊर्जा भंडारण तकनीक के क्षेत्र में अपनी वैश्विक ताकत का बड़ा संकेत दिया है।

कंपनी के मुताबिक मार्च 2026 में 1.37 GWh की अतिरिक्त क्षमता जोड़ने के बाद खावड़ा परियोजना की कुल परिचालन क्षमता 3.37 GWh तक पहुंच गई। सबसे खास बात यह रही कि इस विशाल परियोजना को ऑन-साइट निर्माण शुरू होने के केवल 10 महीनों के भीतर पूरा कर लिया गया, जिसे वैश्विक स्तर पर सबसे तेज utility-scale battery storage deployments में से एक माना जा रहा है। ऊर्जा विशेषज्ञों का कहना है कि इतनी बड़ी क्षमता का बैटरी स्टोरेज सिस्टम भारत के बिजली ढांचे को नई मजबूती देगा और renewable energy integration को तेज करेगा।

फिलहाल दुनिया का सबसे बड़ा सिंगल-साइट इलेक्ट्रोकेमिकल बैटरी स्टोरेज सिस्टम चीन के इनर मंगोलिया में स्थित Envision Energy का Jingyi Chagan Hada Energy Storage Power Station है, जिसकी क्षमता 4 GWh है। लेकिन चीन के बाहर अब गुजरात का खावड़ा प्रोजेक्ट सबसे बड़ा बैटरी स्टोरेज केंद्र बन गया है। यह उपलब्धि ऐसे समय आई है जब पूरी दुनिया ऊर्जा सुरक्षा, ग्रीन एनर्जी और कार्बन उत्सर्जन कम करने की दिशा में तेजी से काम कर रही है।

विशेषज्ञों के अनुसार बैटरी एनर्जी स्टोरेज सिस्टम भविष्य की बिजली व्यवस्था का सबसे महत्वपूर्ण हिस्सा बनने जा रहा है। सौर और पवन ऊर्जा जैसी renewable sources लगातार बिजली पैदा नहीं करतीं, इसलिए अतिरिक्त बिजली को स्टोर करने के लिए बड़े बैटरी सिस्टम की जरूरत पड़ती है। यही तकनीक बिजली की मांग और आपूर्ति के बीच संतुलन बनाए रखने में मदद करती है। खावड़ा जैसी परियोजनाएं भारत को 24×7 हरित ऊर्जा उपलब्ध कराने के लक्ष्य के करीब ले जा सकती हैं।

अडानी ग्रीन एनर्जी ने घोषणा की है कि वह वित्त वर्ष 2027 में 10 GWh से अधिक अतिरिक्त बैटरी स्टोरेज क्षमता जोड़ने की योजना बना रही है और अगले पांच वर्षों में इसे बढ़ाकर 50 GWh तक ले जाने का लक्ष्य रखा गया है। यदि यह लक्ष्य पूरा होता है तो भारत वैश्विक ग्रीन एनर्जी स्टोरेज मार्केट में बड़ी ताकत बनकर उभर सकता है।

ऊर्जा क्षेत्र के जानकार मानते हैं कि यह परियोजना केवल एक कॉर्पोरेट उपलब्धि नहीं बल्कि भारत की ऊर्जा आत्मनिर्भरता की दिशा में बड़ा कदम है। पश्चिम एशिया में तेल संकट, बढ़ती ईंधन कीमतों और वैश्विक ऊर्जा अस्थिरता के बीच भारत अब renewable energy और battery storage पर तेजी से फोकस कर रहा है। ऐसे में खावड़ा परियोजना भारत के ऊर्जा भविष्य की नई तस्वीर पेश करती है।

सरकार पहले ही 500 GW renewable energy capacity के महत्वाकांक्षी लक्ष्य की दिशा में काम कर रही है। ऐसे में बैटरी स्टोरेज क्षमता का तेजी से विस्तार भारत की ऊर्जा रणनीति का अहम हिस्सा बन चुका है। अडानी समूह की यह उपलब्धि अब केवल व्यापारिक खबर नहीं बल्कि भारत की तकनीकी और ऊर्जा क्षमता का वैश्विक प्रदर्शन बन गई है।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted
Inline Feedbacks
View all comments