एबीसी डेस्क 21 दिसंबर 2025
केंद्रीय जांच ब्यूरो (CBI) ने गुरुवार को रिश्वतखोरी के एक गंभीर मामले में सेना के अधिकारी लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा और एक निजी व्यक्ति विनोद कुमार को गिरफ्तार किया है। यह कार्रवाई रक्षा मंत्रालय से जुड़े एक संवेदनशील विभाग में कथित भ्रष्टाचार को लेकर की गई है।
CBI के मुताबिक, यह मामला 19 दिसंबर 2025 को एक भरोसेमंद सूचना के आधार पर दर्ज किया गया था। आरोप है कि लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा, जो रक्षा उत्पादन विभाग (Ministry of Defence) में इंटरनेशनल कोऑपरेशन और एक्सपोर्ट्स से जुड़े डिप्टी प्लानिंग ऑफिसर के पद पर तैनात हैं, ने एक दुबई स्थित कंपनी के इशारे पर रिश्वत ली। इस पूरे मामले में उनकी पत्नी कर्नल काजल बाली, जो श्रीगंगानगर (राजस्थान) में 16 इन्फैंट्री डिवीजन ऑर्डनेंस यूनिट की कमांडिंग ऑफिसर हैं, समेत अन्य लोगों की भूमिका की भी जांच की जा रही है।
CBI का कहना है कि 18 दिसंबर 2025 को विनोद कुमार ने संबंधित कंपनी के कहने पर लेफ्टिनेंट कर्नल शर्मा को 3 लाख रुपये की रिश्वत दी थी। इसी के बाद जांच एजेंसी ने श्रीगंगानगर, बेंगलुरु, जम्मू और अन्य स्थानों पर छापेमारी की।
दिल्ली में लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा के आवास से 3 लाख रुपये की रिश्वत की रकम के अलावा करीब 2.23 लाख रुपये नकद बरामद किए गए। वहीं श्रीगंगानगर स्थित आवास से 10 लाख रुपये नकद और कई आपत्तिजनक दस्तावेज भी जब्त किए गए हैं। इसके अलावा, नई दिल्ली में उनके कार्यालय परिसर की तलाशी भी अभी जारी है।
CBI ने बताया कि दोनों आरोपियों—लेफ्टिनेंट कर्नल दीपक कुमार शर्मा और विनोद कुमार—को आज अदालत में पेश किया गया, जहां से उन्हें 23 दिसंबर 2025 तक पुलिस हिरासत में भेज दिया गया है। एजेंसी का कहना है कि मामले की जांच अभी जारी है और आने वाले दिनों में और भी खुलासे हो सकते हैं।
यह मामला एक बार फिर रक्षा से जुड़े अहम पदों पर पारदर्शिता और जवाबदेही को लेकर गंभीर सवाल खड़े करता है।




