कश्मीर की नाशपाती: हिमालय की गोद से राष्ट्रीय और वैश्विक बाज़ार तक सफर
कश्मीर को अक्सर सेब और केसर की भूमि कहा जाता है, लेकिन नाशपाती (Pears) भी घाटी की एक ऐसी फल-फसल है, जिसे पर्याप्त पहचान नहीं
कश्मीर को अक्सर सेब और केसर की भूमि कहा जाता है, लेकिन नाशपाती (Pears) भी घाटी की एक ऐसी फल-फसल है, जिसे पर्याप्त पहचान नहीं
जम्मू-कश्मीर के परंपरागत और अत्यंत सुगंधित चावल की किस्म मुश्कबुदजी को 7 फरवरी 2025 को GI टैग (Geographical Indication Tag) प्राप्त हुआ है, जो न
फरवरी की उस सुबह जब वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने संसद में संघीय बजट 2025–26 पेश किया, तब यह स्पष्ट था कि यह मोदी सरकार
कश्मीर के कालीन: इतिहास की ज़मीन से विश्व मंच तक की यात्रा कश्मीर का कालीन उद्योग केवल कारीगरी नहीं, सभ्यता और सौंदर्यबोध का जीवित प्रतीक
जब भी कश्मीर के फलों का जिक्र होता है, अधिकतर लोगों की स्मृति में सेब और केसर की छवि उभरती है। लेकिन इसी हिमालयी घाटी
कश्मीर घाटी न केवल अपनी बेमिसाल सुंदरता और प्राकृतिक संसाधनों के लिए मशहूर है, बल्कि यहाँ की फल-संस्कृति भी उतनी ही समृद्ध और विविध है।
ऐतिहासिक पृष्ठभूमि: शॉल की शुरुआत और कश्मीर से रिश्ता कश्मीर के शॉल उद्योग की जड़ें 14वीं सदी तक जाती हैं, जब मध्य एशिया और फारस
10 मई को भारत ने अपना पहला ग्रीन हाइड्रोजन कंटेनर जापान को निर्यात किया। यह कंटेनर गुजरात के कांडला पोर्ट से रवाना हुआ। यह भारत
चीन की सरकार ने आधिकारिक तौर पर वर्ष 2023–24 के लिए 4.6% GDP वृद्धि दर दर्ज की, जो हाल के वर्षों में सबसे कम रही।
15 जनवरी को अमेरिकी SEC ने पहली बार Bitcoin ETF को मंजूरी दी । इससे क्रिप्टोक्यूरेंसी बाजार में निवेशकों को पारंपरिक वित्तीय प्लेटफॉर्म के जरिए