तिरुवनंतपुरम 8 सितम्बर 2025
केरल में ब्रेन-ईटिंग अमीबा (Naegleria fowleri) से जुड़ा खतरा लगातार बढ़ रहा है। राज्य में अमीबिक मेनिंजियोएन्सेफलाइटिस से एक और मरीज की मौत हो गई है। बीते एक महीने में इस संक्रमण से अब तक पांच लोगों की जान जा चुकी है, जिससे स्वास्थ्य विभाग और आम जनता में चिंता का माहौल है।
दुर्लभ लेकिन घातक संक्रमण
विशेषज्ञों का कहना है कि यह संक्रमण बेहद दुर्लभ है, लेकिन संक्रमित होने पर मौत की संभावना लगभग तय मानी जाती है। यह अमीबा आमतौर पर गंदे या दूषित पानी में पाया जाता है और नाक के जरिए शरीर में प्रवेश कर सीधे दिमाग तक पहुंचकर संक्रमण फैलाता है।
स्वास्थ्य विभाग अलर्ट
राज्य स्वास्थ्य विभाग ने जिला स्तर पर विशेष निगरानी दल गठित किए हैं। लोगों को चेतावनी दी गई है कि वे तालाब, झील या दूषित जल स्रोतों में न जाएं और तैराकी से परहेज करें। यदि पानी में जाना जरूरी हो तो नाक को क्लिप या बंद करके ही जाएं।
लक्षणों पर सतर्कता
डॉक्टरों के अनुसार इस संक्रमण के शुरुआती लक्षण हैं —
तेज सिरदर्द, बुखार, उल्टी (मतली), गर्दन में अकड़न, भ्रम या दौरे। ऐसे में जरा सी भी आशंका होने पर तुरंत मेडिकल जांच कराने की अपील की गई है।
जनता में दहशत, सरकार की चुनौती
लगातार हो रही मौतों से जनता में दहशत का माहौल है। सरकार के सामने चुनौती है कि एक तरफ संक्रमण पर नियंत्रण पाया जाए और दूसरी ओर लोगों को घबराने से बचाते हुए सतर्क रहने के लिए जागरूक किया जाए।




