महेंद्र कुमार | नई दिल्ली 9 जनवरी 2026
लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने सोशल मीडिया के ज़रिये केंद्र और राज्यों की बीजेपी सरकारों पर जोरदार हमला बोला है। उन्होंने आरोप लगाया कि BJP की राजनीति में भ्रष्टाचार और सत्ता का अहंकार ऊपर से नीचे तक फैल चुका है, जिसका खामियाज़ा आम भारतीय को अपनी ज़िंदगी, स्वास्थ्य और सुरक्षा से चुकाना पड़ रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि देशभर में चल रही “डबल इंजन” सरकारें विकास नहीं, बल्कि तबाही की रफ्तार बन चुकी हैं। राहुल गांधी ने कहा कि भ्रष्टाचार के साथ सत्ता का दुरुपयोग BJP की राजनीति की पहचान बन गया है। उनके मुताबिक, इस व्यवस्था में गरीब, मज़दूर, असहाय और मध्यमवर्ग सिर्फ़ आंकड़े भर हैं, जबकि “विकास” के नाम पर एक वसूली-तंत्र चलाया जा रहा है। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार का पूरा सिस्टम आम जनता की ज़रूरतों से कट चुका है और सत्ता का इस्तेमाल चुनिंदा ताक़तवर लोगों को बचाने और फायदा पहुंचाने के लिए हो रहा है।
उत्तराखंड के अंकिता भंडारी हत्याकांड का ज़िक्र करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि यह घटना पूरे देश को झकझोर देने वाली थी, लेकिन आज भी सबसे बड़ा सवाल वही है—BJP का कौन-सा VIP सत्ता के संरक्षण में बचाया जा रहा है? उन्होंने पूछा कि कानून सबके लिए बराबर कब होगा, और पीड़ित परिवारों को कब वास्तविक न्याय मिलेगा।
उन्होंने उत्तर प्रदेश के उन्नाव कांड की याद दिलाते हुए कहा कि देश पहले ही देख चुका है कि सत्ता के गुरूर में अपराधियों को कैसे बचाया गया, और पीड़िता को न्याय के लिए कितनी भारी कीमत चुकानी पड़ी। राहुल गांधी के अनुसार, ये घटनाएं अलग-अलग नहीं हैं, बल्कि एक ही सत्ता-संरक्षित सिस्टम का नतीजा हैं।
स्वास्थ्य और बुनियादी सुविधाओं पर हमला बोलते हुए राहुल गांधी ने कहा कि इंदौर में ज़हरीला पानी पीने से हुई मौतें, गुजरात, हरियाणा और दिल्ली तक दूषित जल आपूर्ति की शिकायतें, और हर तरफ़ फैलता बीमारी का डर—यह सब सरकारी लापरवाही नहीं, भ्रष्टाचार की सीधी मार है। उन्होंने आरोप लगाया कि जनता को सुरक्षित पानी तक उपलब्ध नहीं कराया जा रहा, जबकि सरकार केवल प्रचार में व्यस्त है।
पर्यावरण के मुद्दे पर भी राहुल गांधी ने BJP सरकारों को घेरा। उन्होंने कहा कि राजस्थान की अरावली से लेकर देश के कई प्राकृतिक संसाधन अरबपतियों के लालच की भेंट चढ़ रहे हैं। पहाड़ काटे जा रहे हैं, जंगल उजाड़े जा रहे हैं, नियमों को रौंदा जा रहा है और बदले में जनता को मिल रहा है—प्रदूषण, आपदाएं और तबाही। उन्होंने आरोप लगाया कि पर्यावरण संरक्षण सिर्फ़ भाषणों तक सीमित है।
राहुल गांधी ने बच्चों और आम नागरिकों की मौतों से जुड़े मामलों का ज़िक्र करते हुए कहा कि खांसी के सिरप से बच्चों की मौतें, सरकारी अस्पतालों में नवजातों पर चूहों के हमले, सरकारी स्कूलों की गिरती छतें—ये सब महज़ हादसे नहीं हैं, बल्कि भ्रष्टाचार से उपजी व्यवस्थागत विफलता हैं। उन्होंने कहा कि जब सिस्टम बिक चुका हो, तो ऐसी त्रासदियां आम हो जाती हैं।
इन्फ्रास्ट्रक्चर और हादसों पर सरकार को घेरते हुए राहुल गांधी ने कहा कि पुल गिरते हैं, सड़कें धंसती हैं, ट्रेन हादसों में पूरे परिवार मिट जाते हैं, लेकिन BJP सरकार की प्रतिक्रिया हर बार एक जैसी होती है—फोटो-ऑप, ट्वीट और मुआवज़े की औपचारिकता। जवाबदेही तय करने और दोषियों पर कार्रवाई करने से सरकार बचती रहती है।
अपने हमले को और तीखा करते हुए राहुल गांधी ने कहा कि मोदी जी का “डबल इंजन” सिर्फ़ अरबपतियों के लिए दौड़ रहा है। आम भारतीय के लिए यह डबल इंजन सरकार विकास नहीं, बल्कि भ्रष्टाचार की रफ्तार बन चुकी है—एक ऐसी रफ्तार जो हर दिन किसी न किसी की ज़िंदगी कुचल रही है। उन्होंने देशवासियों से इस व्यवस्था के खिलाफ आवाज़ उठाने की अपील की।
राहुल गांधी के इस बयान ने राजनीतिक हलकों में हलचल मचा दी है और एक बार फिर BJP की डबल इंजन सरकारों पर भ्रष्टाचार, सत्ता के दुरुपयोग और अहंकार को लेकर बहस तेज़ हो गई है।




