खेल | ABC NATIONAL NEWS | डार्विन | 17 अगस्त 2026
डार्विन के मरारा स्टेडियम में बांग्लादेश ने टेस्ट क्रिकेट का ऐसा अध्याय लिख दिया, जिसे उसकी क्रिकेट यात्रा की सबसे यादगार उपलब्धियों में गिना जाएगा। जिस ऑस्ट्रेलियाई टीम को उसकी घरेलू परिस्थितियों में हराना दुनिया की लगभग हर टीम के लिए बड़ी चुनौती माना जाता है, उसी ऑस्ट्रेलिया को बांग्लादेश ने चौथे दिन 9 विकेट से मात दे दी। जीत के लिए मिले सिर्फ 57 रन के छोटे से लक्ष्य को बांग्लादेश ने 14.2 ओवर में हासिल कर लिया। सलामी बल्लेबाज तंजीद हसन तमीम महज 2 रन बनाकर आउट हुए, लेकिन इसके बाद शादमान इस्लाम ने 25 रन नाबाद और मोमिनुल हक ने 30 रन नाबाद बनाकर मोर्चा संभाल लिया। दोनों ने 53 रन की अविजित साझेदारी की और बांग्लादेश को ऐसी जीत दिलाई, जो उसके क्रिकेट इतिहास में हमेशा खास रहेगी।
शुरुआत में ही ऑस्ट्रेलिया को लगा बड़ा झटका
इस कहानी की शुरुआत ही ऑस्ट्रेलिया के लिए बेहद खराब रही। टॉस जीतकर ऑस्ट्रेलिया ने पहले बल्लेबाजी का फैसला किया था, लेकिन बांग्लादेश के तेज गेंदबाज हसन महमूद ने नई गेंद से ऐसा कहर बरपाया कि मेजबान टीम संभल ही नहीं सकी। महमूद ने पहली पारी में सिर्फ 55 रन देकर 6 विकेट चटकाए और ऑस्ट्रेलिया को 198 रन पर समेट दिया। स्टीव स्मिथ ने 71 रन की महत्वपूर्ण पारी खेलकर ऑस्ट्रेलिया की पारी को कुछ हद तक संभाला, लेकिन उन्हें दूसरे छोर से पर्याप्त सहयोग नहीं मिला। महमूद का यह प्रदर्शन इसलिए भी ऐतिहासिक रहा क्योंकि वह ऑस्ट्रेलिया में टेस्ट क्रिकेट में पांच विकेट लेने वाले पहले बांग्लादेशी गेंदबाज बने। बांग्लादेश ने शुरुआत में ही साफ कर दिया था कि वह सिर्फ मुकाबला खेलने नहीं, बल्कि इतिहास बदलने के इरादे से मैदान में उतरा है।
तंजीद का बल्ला बोला, बांग्लादेश ने पलट दी बाजी
ऑस्ट्रेलिया को 198 रन पर रोकने के बाद बांग्लादेश की बारी आई और यहां से मैच का रुख पूरी तरह बदल गया। बांग्लादेश के बल्लेबाजों ने ऑस्ट्रेलियाई गेंदबाजों का डटकर सामना किया और पहली पारी में 426 रन का विशाल स्कोर खड़ा कर दिया। युवा सलामी बल्लेबाज तंजीद हसन तमीम ने 101 रन बनाकर अपना पहला टेस्ट शतक लगाया और बांग्लादेश की ऐतिहासिक जीत की नींव और मजबूत कर दी। कप्तान नजमुल हुसैन शांतो ने 84 रन की शानदार पारी खेली, जबकि मेहदी हसन मिराज ने 65 रन बनाकर बल्ले से भी महत्वपूर्ण योगदान दिया। ऑस्ट्रेलिया के तेज गेंदबाज जोश हेजलवुड ने 6 विकेट लेकर बांग्लादेश की बढ़ती पारी पर लगाम लगाने की कोशिश जरूर की और इसी दौरान टेस्ट क्रिकेट में अपने 300 विकेट भी पूरे किए, लेकिन तब तक बांग्लादेश अपनी स्थिति बेहद मजबूत कर चुका था। 426 रन के जवाब में ऑस्ट्रेलिया 228 रन से पीछे था और मैच पर बांग्लादेश की पकड़ लगातार मजबूत होती जा रही थी।
कैमरन ग्रीन ने उम्मीद जगाई, मिराज ने फिर बुझा दी
दूसरी पारी में ऑस्ट्रेलिया के सामने सबसे बड़ी चुनौती 228 रन की भारी कमी को पाटने की थी। इस बार मेजबान बल्लेबाजों ने पहली पारी के मुकाबले बेहतर संघर्ष दिखाया। कैमरन ग्रीन ने 201 गेंदों पर 104 रन की शानदार और धैर्यपूर्ण पारी खेली। उनके शतक ने ऑस्ट्रेलिया के खेमे में कुछ उम्मीद जरूर जगाई और लगा कि मेजबान टीम शायद बांग्लादेश के सामने एक चुनौतीपूर्ण लक्ष्य रख सकेगी। लेकिन बांग्लादेश ने दबाव कम नहीं होने दिया। मेहदी हसन मिराज ने गेंद हाथ में आते ही ऑस्ट्रेलियाई बल्लेबाजी की कमर तोड़ दी और 66 रन देकर 5 विकेट हासिल किए। हसन महमूद ने भी 56 रन देकर 3 विकेट लिए। नतीजा यह रहा कि ऑस्ट्रेलिया की दूसरी पारी 284 रन पर समाप्त हो गई। यानी पहली पारी में 228 रन की बढ़त लेने वाले बांग्लादेश के सामने जीत के लिए सिर्फ 57 रन का लक्ष्य था।
57 रन का लक्ष्य और इतिहास की दस्तक
57 रन का लक्ष्य बहुत बड़ा नहीं था, लेकिन यह सिर्फ 57 रन नहीं थे—इसके पीछे बांग्लादेश के लिए ऑस्ट्रेलियाई धरती पर पहली टेस्ट जीत का सपना था। शुरुआत में तंजीद हसन तमीम जल्दी आउट हुए, लेकिन इसके बाद बांग्लादेश ने कोई जोखिम नहीं लिया। शादमान इस्लाम और मोमिनुल हक ने धैर्य के साथ बल्लेबाजी की, गेंद को समझकर खेला और 53 रन की नाबाद साझेदारी कर टीम को मंजिल तक पहुंचा दिया। जैसे ही मोमिनुल हक ने विजयी रन पूरे किए, बांग्लादेश ने ऑस्ट्रेलिया की धरती पर अपनी पहली टेस्ट जीत दर्ज कर इतिहास रच दिया। यह जीत केवल स्कोरकार्ड पर दर्ज 9 विकेट की जीत नहीं है, बल्कि बांग्लादेश क्रिकेट के बदलते आत्मविश्वास और दुनिया की शीर्ष टेस्ट टीमों को चुनौती देने की उसकी क्षमता का बड़ा संकेत भी है।
एक टीम, कई हीरो और ऐतिहासिक नतीजा
इस जीत को किसी एक खिलाड़ी की उपलब्धि कहना बांग्लादेश के पूरे प्रदर्शन के साथ नाइंसाफी होगी। हसन महमूद ने पहली पारी में 6 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की शुरुआत बिगाड़ी, तंजीद हसन ने शतक लगाकर टीम को बड़ी बढ़त दिलाई, नजमुल हुसैन शांतो और मेहदी हसन मिराज ने बल्ले से महत्वपूर्ण योगदान दिया और फिर मिराज ने दूसरी पारी में 5 विकेट लेकर ऑस्ट्रेलिया की वापसी की उम्मीदों पर पानी फेर दिया। इसके बाद शादमान और मोमिनुल ने लक्ष्य का पीछा करते हुए जिस संयम का परिचय दिया, उसने इस पूरी कहानी को शानदार अंत दिया। दूसरी ओर ऑस्ट्रेलिया के लिए स्टीव स्मिथ और कैमरन ग्रीन की पारियां व्यक्तिगत तौर पर प्रभावशाली रहीं, लेकिन टीम को बचाने के लिए पर्याप्त साबित नहीं हुईं।
अब मैके में होगा अगला मुकाबला
बांग्लादेश की ऐतिहासिक जीत के साथ दो मैचों की टेस्ट सीरीज में उसे 1-0 की बढ़त मिल गई है। अब दोनों टीमें क्वींसलैंड के मैके रवाना होंगी, जहां सीरीज का दूसरा और आखिरी टेस्ट 22 अगस्त 2026 से खेला जाएगा। ऑस्ट्रेलिया निश्चित तौर पर डार्विन की हार का जवाब देने के इरादे से मैदान में उतरेगा, जबकि बांग्लादेश के पास अब सीरीज जीतकर अपनी इस ऐतिहासिक उपलब्धि को और बड़ा बनाने का मौका है। डार्विन में मिली यह जीत बांग्लादेश के लिए सिर्फ एक टेस्ट मैच की जीत नहीं, बल्कि उस विश्वास की जीत है जिसने उसे ऑस्ट्रेलिया जैसी मजबूत टीम के सामने डरने के बजाय मुकाबला करने और अंततः इतिहास रचने का साहस दिया।




