राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 27 जून 2026
कांग्रेस ने अपने सबसे पुराने और ऐतिहासिक जनसंगठनों में से एक कांग्रेस सेवा दल की कमान युवा नेता और भारतीय युवा कांग्रेस के पूर्व राष्ट्रीय अध्यक्ष बी. वी. श्रीनिवास को सौंप दी है। पदभार संभालने के बाद श्रीनिवास ने स्पष्ट संकेत दिया कि सेवा दल को केवल संगठनात्मक इकाई नहीं, बल्कि संविधान, लोकतंत्र और सामाजिक सद्भाव की रक्षा के लिए सक्रिय जनशक्ति के रूप में पुनर्गठित किया जाएगा।
अपने पहले सार्वजनिक संदेश में श्रीनिवास ने कांग्रेस सेवा दल के 102 वर्षों के इतिहास को याद करते हुए कहा कि इसकी स्थापना 1923 में ब्रिटिश शासन के दौरान हिंदुस्तानी सेवा दल के रूप में हुई थी और 1924 में पंडित जवाहरलाल नेहरू इसके पहले अध्यक्ष बने थे। उन्होंने कहा कि उस समय संगठन का उद्देश्य कांग्रेस के लिए अनुशासित कार्यकर्ताओं का निर्माण करना, हर परिस्थिति में समाज और देश की सेवा करना, राष्ट्र निर्माण की भावना जगाना तथा आजादी के आंदोलन को संगठित शक्ति प्रदान करना था।
उन्होंने कहा कि आज की परिस्थितियां भी किसी बड़ी चुनौती से कम नहीं हैं। उनके अनुसार, पहले संघर्ष विदेशी शासन के खिलाफ था, जबकि आज संविधान, लोकतांत्रिक संस्थाओं और Idea of India की रक्षा की चुनौती सामने है। उन्होंने आरोप लगाया कि नफरत और विभाजन की राजनीति देश की आत्मा को चुनौती दे रही है और ऐसे समय में सेवा दल की भूमिका पहले से अधिक महत्वपूर्ण हो जाती है।
श्रीनिवास ने कहा कि जिस संगठन का नेतृत्व कभी पंडित जवाहरलाल नेहरू ने किया था, उसकी ऐतिहासिक विरासत को आगे बढ़ाने की जिम्मेदारी केवल उनकी नहीं, बल्कि कांग्रेस के प्रत्येक कार्यकर्ता की है। उन्होंने इस जिम्मेदारी के लिए कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे, कांग्रेस संसदीय दल की अध्यक्ष सोनिया गांधी, लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी, कांग्रेस महासचिव प्रियंका गांधी तथा संगठन महासचिव के.सी. वेणुगोपाल का आभार व्यक्त किया। साथ ही उन्होंने पूर्व अध्यक्ष लालजी देसाई के योगदान की भी सराहना की।
उन्होंने घोषणा की कि कांग्रेस सेवा दल का पहला लक्ष्य संगठन को नए स्वरूप में देश के गांव-गांव तक पहुंचाना, सेवा और अनुशासन की नई संस्कृति विकसित करना तथा संविधान और राष्ट्रीय एकता की रक्षा के लिए हर स्तर पर सक्रिय कैडर तैयार करना होगा। उन्होंने कहा कि “नफरत के बाजार में मोहब्बत की दुकान खोलना” ही सेवा दल की पहचान बनेगा।
अपने संदेश के अंत में श्रीनिवास ने कांग्रेस कार्यकर्ताओं से संगठन से जुड़ने की अपील करते हुए कहा कि कांग्रेस सेवा दल इस देश का बल है और आने वाले भारत के निर्माण में प्रत्येक कार्यकर्ता की भूमिका महत्वपूर्ण होगी।
उन्होंने अपने संघर्ष के संकल्प को दोहराते हुए कहा—
“हम टोपी भी पहनेंगे, हम लाठी भी खाएंगे। हम गांधी का रास्ता भी चुनेंगे, भगत सिंह के इंकलाब की चेतना भी जिएंगे। हम बाबा साहेब के संविधान की रक्षा करेंगे और राहुल गांधी के बब्बर शेर बनकर हर चुनौती के सामने फौलाद की तरह खड़े रहेंगे। लड़ाई अब शुरू हुई है।”
कांग्रेस नेतृत्व को उम्मीद है कि कोविड-19 महामारी के दौरान राहत कार्यों और संगठनात्मक सक्रियता के कारण राष्ट्रीय पहचान बना चुके बी. वी. श्रीनिवास के नेतृत्व में सेवा दल को नई ऊर्जा मिलेगी और यह संगठन फिर से कांग्रेस के जमीनी कैडर निर्माण में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा।




