छत्तीसगढ़ : भाजपा शासन में नक्सलवाद की कमर टूटी, अब बंदूकें नहीं, किताबें बोलती हैं
6 जुलाई 2025 छत्तीसगढ़ की वह पहचान, जो कभी “लाल गलियारे” के नाम से अंतरराष्ट्रीय रिपोर्टों में दर्ज होती थी — आज भारतीय जनता पार्टी के शासन में बदलाव की ऐसी मिसाल बन चुकी है कि बस्तर, सुकमा और बीजापुर के जंगलों में अब बंदूक नहीं, किताब की आवाज़ गूंज रही है। यह एक नारा…
