आतंकवाद का असली चेहरा: धर्म नहीं, नफरत की इंडस्ट्री—जहां हर पीड़ित सिर्फ इंसान

एबीसी डेस्क 15 दिसंबर 2025 आतंकवाद की बहस में सबसे बड़ा धोखा यही है कि उसे बार-बार किसी एक धर्म से जोड़ दिया जाता है, जबकि हकीकत यह है कि आतंकवाद मानवता के खिलाफ अपराध है, किसी आस्था की उपज नहीं। धर्म अक्सर इस क्रूरता का मुखौटा बना दिया जाता है—नफरत को वैध ठहराने का […]
SIR गैरकानूनी, चुनाव आयोग की भूमिका कठघरे में : मनीष तिवारी

अवधेश कुमार । नई दिल्ली 15 दिसंबर 2025 दिल्ली में ‘वोट चोरी’ के खिलाफ आयोजित कांग्रेस की मेगा रैली में चुनावी प्रक्रिया और मतदाता अधिकारों को लेकर तीखी बहस देखने को मिली। इस रैली में कांग्रेस सांसद मनीष तिवारी ने SIR (स्पेशल इंटेंसिव रिवीजन) को लेकर चुनाव आयोग पर सीधा और गंभीर सवाल उठाया। तिवारी […]
जनसूराज से कांग्रेस तक? प्रियंका गांधी से मुलाकात ने प्रशांत किशोर की सियासी चाल पर लगाए बड़े सवाल

एबीसी डेस्क 15 दिसंबर 2025 क्या जनसूराज पार्टी के सूत्रधार और देश के जाने-माने चुनावी रणनीतिकार प्रशांत किशोर अब कांग्रेस की राजनीति में औपचारिक एंट्री की ओर बढ़ रहे हैं? यह सवाल इन दिनों राजनीतिक गलियारों में तेजी से गूंज रहा है। वजह है—प्रशांत किशोर और कांग्रेस की वरिष्ठ नेता प्रियंका गांधी के बीच हाल […]
हार के बाद तीन चालें? ‘मैनेज्ड लोकतंत्र’ पर योगेन्द्र यादव का तीखा प्रहार

एबीसी डेस्क 15 दिसंबर 2025 वरिष्ठ सामाजिक कार्यकर्ता और चुनाव विश्लेषक योगेन्द्र यादव ने राज्यसभा सांसद और वरिष्ठ अधिवक्ता कपिल सिब्बल को दिए एक इंटरव्यू में केंद्र की मोदी सरकार और BJP की राजनीतिक रणनीतियों पर तीखा और व्यंग्यात्मक हमला किया है। लोकसभा चुनावों में मिले झटके के बाद सरकार किस रास्ते पर आगे बढ़ […]
रैली दबाओ, हेडलाइन चलाओ: BJP का टाइम्ड फैसला और मैनेज्ड मीडिया का खेल

भारतीय राजनीति में पिछले 11 साल से लड़ाई सिर्फ चुनावी मैदान में नहीं, हेडलाइन के स्पेस में लड़ी जा रही है। और इस लड़ाई में भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने एक बार फिर यह साबित कर दिया कि वह नीतियों, बहसों या जनभावनाओं से ज़्यादा खबरों के नैरेटिव को नियंत्रित करने पर भरोसा करती है। […]
Listen Audio of Sardar Patel : हिंदू राष्ट्र की सोच अस्वीकार्य, मुसलमान भारत के अपने लोग, और विभाजन पर कोई पछतावा नहीं

एबीसी डेस्क 15 दिसंबर 2025 सरदार वल्लभभाई पटेल की पुण्यतिथि के अवसर पर जब देश उन्हें “लौह पुरुष” के रूप में याद करता है, तब इतिहास के पन्नों से उनका फरवरी 1949 का एक भाषण फिर सामने आना आज की राजनीति और वैचारिक बहसों के लिए बेहद प्रासंगिक बन जाता है। यह वह दौर था […]
गांधी की हत्या, पटेल की पीड़ा और राष्ट्र की आत्मा: जब सरदार ने निजी दुःख से ऊपर रखी देश की एकता

एबीसी डेस्क 15 दिसंबर 2025 महात्मा गांधी की हत्या केवल एक व्यक्ति की हत्या नहीं थी, वह आज़ाद भारत की आत्मा पर किया गया पहला और सबसे गहरा प्रहार था। 30 जनवरी 1948 को जब नाथूराम गोडसे की गोलियों ने गांधी जी की सांसें छीन लीं, उस क्षण देश सिर्फ अपने राष्ट्रपिता को ही नहीं, […]
हिमालय की बर्फ़ में छुपा परमाणु सवाल: क्या महाशक्तियों की गलतियों की कोई समय-सीमा नहीं होती?

ओपिनियन | एबीसी डेस्क | 15 दिसंबर 2025 हिमालय को अक्सर राष्ट्रों की सीमाओं से ऊपर उठकर देखने की ज़रूरत होती है, क्योंकि वह किसी एक देश की संपत्ति नहीं, बल्कि पूरे उपमहाद्वीप की जीवनरेखा है। इसी हिमालय की नंदा देवी चोटी पर 1965 में घटित एक घटना आज भी अंतरराष्ट्रीय राजनीति, पर्यावरणीय जिम्मेदारी और […]
???? नंदा देवी में दबी CIA की परमाणु भूल—60 साल बाद भी मंडराता खतरा

एबीसी डेस्क 15 दिसंबर 2025 दुनिया की सबसे ऊँची पर्वत श्रंखला हिमालय के नंदा देवी शिखर (25,645 फीट) पर 1965 में अमेरिकी केंद्रीय खुफिया एजेंसी (CIA) और भारत के इंटेलिजेंस ब्यूरो (IB) द्वारा मिलकर चलाया गया एक गुप्त कोल्ड वॉर मिशन आज भी एक भयानक रहस्य बनकर खड़ा है। इसका लक्ष्य चीन के परमाणु परीक्षणों […]
रूस में इस्लाम की मजबूत जड़ें: गणराज्यों से लेकर सेना तक, राष्ट्र-निर्माण में मुसलमानों का निर्णायक योगदान

रूस महासंघ में इस्लाम आज केवल एक धार्मिक पहचान नहीं रह गया है, बल्कि वह देश की राजनीति, प्रशासन, सुरक्षा और सामाजिक संरचना का एक स्थायी और प्रभावशाली घटक बन चुका है। ऐतिहासिक रूप से रूस एक बहुधार्मिक और बहुजातीय देश रहा है, जहां ईसाई, मुस्लिम, यहूदी और बौद्ध परंपराएं सदियों से सह-अस्तित्व में रही […]