[the_ad id="179"]
Home » Politics » ₹15 करोड़ में सांसद खरीदने की कोशिश? संजय राउत का बड़ा आरोप, बोले- आज रात दी जाएगी एडवांस रकम

₹15 करोड़ में सांसद खरीदने की कोशिश? संजय राउत का बड़ा आरोप, बोले- आज रात दी जाएगी एडवांस रकम

राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | मुंबई | 17 जून 2026

महाराष्ट्र की राजनीति में शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के सांसदों के संभावित दल-बदल की अटकलों के बीच पार्टी के वरिष्ठ नेता और राज्यसभा सांसद संजय राउत ने बेहद गंभीर आरोप लगाया है। राउत ने दावा किया है कि शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों को तोड़ने के लिए करोड़ों रुपये का इस्तेमाल किया जा रहा है और प्रत्येक सांसद को 15 करोड़ रुपये तक की रकम देने की तैयारी की गई है।

संजय राउत ने सोशल मीडिया प्लेटफॉर्म X पर एक तीखी टिप्पणी करते हुए लिखा, “अपना सपना मनी-मनी। यह जानकारी बेहद चौंकाने वाली और शर्मनाक है कि महाराष्ट्र के सांसदों को आज रात 15 करोड़ रुपये एडवांस के तौर पर दिए जाएंगे।” राउत ने अपने पोस्ट में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को भी टैग किया।

यह बयान ऐसे समय आया है जब महाराष्ट्र की राजनीति में यह चर्चा तेज है कि शिवसेना (यूबीटी) के कई सांसद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में शामिल हो सकते हैं। राजनीतिक गलियारों में सात से नौ सांसदों के पार्टी छोड़ने की अटकलें लगाई जा रही हैं, हालांकि अभी तक इस संबंध में कोई आधिकारिक घोषणा नहीं हुई है।

राउत का आरोप है कि विपक्षी दलों के निर्वाचित प्रतिनिधियों को राजनीतिक और आर्थिक प्रलोभन देकर सत्ता पक्ष में शामिल करने का प्रयास किया जा रहा है। उनका कहना है कि यह केवल एक पार्टी को कमजोर करने का मामला नहीं बल्कि लोकतांत्रिक जनादेश के साथ खिलवाड़ है। उन्होंने संकेत दिया कि यदि ऐसे आरोप सही साबित होते हैं तो यह भारतीय राजनीति में धनबल के बढ़ते प्रभाव का एक गंभीर उदाहरण होगा।

दूसरी ओर, अब तक भाजपा या शिंदे गुट की ओर से राउत के आरोपों पर कोई औपचारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है। सत्ता पक्ष पहले भी इस तरह के आरोपों को निराधार और राजनीतिक बयानबाजी करार देता रहा है।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि महाराष्ट्र में पिछले कुछ वर्षों में हुए बड़े राजनीतिक घटनाक्रमों के बाद दल-बदल और विधायकों-सांसदों की निष्ठा को लेकर लगातार सवाल उठते रहे हैं। ऐसे में संजय राउत का यह नया आरोप राजनीतिक तापमान को और बढ़ा सकता है।

अब सभी की निगाहें इस बात पर टिकी हैं कि क्या शिवसेना (यूबीटी) के सांसदों में वास्तव में कोई बड़ी टूट होती है या फिर यह केवल राजनीतिक दबाव और मनोवैज्ञानिक लड़ाई का हिस्सा है। यदि आने वाले दिनों में दल-बदल की कोई बड़ी घटना होती है तो राउत के आरोपों को लेकर राजनीतिक विवाद और गहरा सकता है।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *