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नौकरी, कार्यस्थल की बाधाएँ और बेरोजगारी का ज्योतिषीय विश्लेषण

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नई दिल्ली 5 सितम्बर 2025

जीवन में सबसे बड़ी समस्या तब महसूस होती है जब आदमी को नौकरी नहीं मिल रही हो या कार्यस्थल पर लगातार परेशानियाँ झेलनी पड़ रही हों। यह स्थिति आर्थिक ही नहीं, मानसिक और सामाजिक दबाव भी बढ़ाती है। ज्योतिष शास्त्र कहता है कि नौकरी और करियर से जुड़ी समस्याओं का सीधा संबंध ग्रहों और भावों से होता है। विशेषकर दशम भाव (10वाँ भाव), षष्ठ भाव (6वाँ भाव) और अष्टम भाव (8वाँ भाव) नौकरी, सेवा और कार्यक्षेत्र से जुड़े होते हैं। इन भावों में पाप ग्रहों का प्रभाव हो या शुभ ग्रह पीड़ित हों, तो व्यक्ति बेरोजगारी या नौकरी की अस्थिरता का सामना करता है। आइए तथ्यों के साथ समझते हैं।

  1. सूर्य ग्रह और नौकरी

सूर्य आत्मबल, अधिकार, पद और प्रतिष्ठा का ग्रह है। यदि सूर्य कमजोर या नीच राशि में हो तो व्यक्ति को नौकरी में सम्मान नहीं मिलता, बॉस से टकराव होता है या सरकारी नौकरी में कठिनाई आती है।

निवारण: प्रतिदिन सुबह सूर्य को जल अर्पित करें, रविवार को लाल कपड़ा और गुड़ दान करें तथा “ॐ घृणिः सूर्याय नमः” मंत्र का जप करें।

तर्क: सूर्य प्रकाश और ऊर्जा का स्रोत है। जल अर्पण से आत्मविश्वास और नेतृत्व क्षमता बढ़ती है, जिससे नौकरी में पदोन्नति और स्थिरता मिलती है।

  1. शनि ग्रह और कार्यस्थल

शनि सेवा, अनुशासन और कर्म का कारक ग्रह है। अशुभ शनि की दशा में नौकरी में रुकावटें, कार्यस्थल पर तनाव और प्रमोशन में बाधाएँ आती हैं।

निवारण: शनिवार को पीपल के नीचे दीपक जलाएँ, काले तिल और उड़द का दान करें, श्रमिकों की सेवा करें और “ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जाप करें।

तर्क: शनि श्रम और कर्म का प्रतीक है। इसका उपाय करने से व्यक्ति के कामकाज में स्थिरता आती है और बॉस व सहकर्मी सहयोगी बनते हैं।

  1. बुध ग्रह और संवाद कौशल

बुध वाणी, बुद्धिमत्ता और संचार का ग्रह है। यदि बुध अशुभ हो तो नौकरी में संवाद की समस्या आती है, इंटरव्यू में असफलता मिलती है और दफ्तर में गलतफहमी होती है।

निवारण: बुधवार को हरे वस्त्र पहनें, मूंग दान करें और “ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” मंत्र का जप करें।

तर्क: बुध के शुभ होने से निर्णय क्षमता और बोलचाल में सुधार आता है, जिससे इंटरव्यू में सफलता और सहकर्मियों से बेहतर संबंध बनते हैं।

  1. बृहस्पति ग्रह और करियर में उन्नति

बृहस्पति ज्ञान, सलाह और गुरु का ग्रह है। यदि बृहस्पति कमजोर हो तो व्यक्ति को नौकरी में मार्गदर्शन की कमी और अस्थिरता का सामना करना पड़ता है।

निवारण: गुरुवार को पीली वस्तुएँ (चने की दाल, हल्दी, पीला वस्त्र) दान करें, बृहस्पति मंत्र “ॐ बृं बृहस्पतये नमः” का जप करें।

तर्क: बृहस्पति के प्रभाव से व्यक्ति को सही मार्गदर्शक मिलता है और कार्यक्षेत्र में उन्नति की संभावनाएँ बढ़ती हैं।

  1. राहु-केतु और भ्रम की स्थिति

राहु-केतु नौकरी और करियर में अचानक बदलाव, अस्थिरता और धोखा लाते हैं। राहु की दशा में व्यक्ति गलत निर्णय लेता है और केतु की दशा में प्रयास निष्फल हो सकते हैं।

निवारण: राहु के लिए नीला कपड़ा और नारियल दान करें, केतु के लिए कुत्तों को भोजन कराएँ और तिल-गुड़ का दान करें। दोनों के लिए बीज मंत्र का जप लाभकारी है।

तर्क: राहु-केतु भ्रम और अस्थिरता को कम करके मानसिक स्पष्टता और स्थिरता प्रदान करते हैं।

  1. बेरोजगारी और ज्योतिषीय उपाय

यदि लंबे समय से नौकरी नहीं मिल रही हो, तो सोमवार को शिवलिंग पर जल चढ़ाएँ, मंगलवार को हनुमानजी के मंदिर जाएँ, गुरुवार को पीली वस्तु दान करें और शनिवार को गरीबों को भोजन कराएँ। साथ ही गायत्री मंत्र और हनुमान चालीसा का नियमित पाठ बेरोजगारी से मुक्ति दिलाने में सहायक माना गया है।

तर्क: ये उपाय शुभ ग्रहों को मजबूत करते हैं और पाप ग्रहों का दुष्प्रभाव कम करते हैं, जिससे व्यक्ति को अवसर मिलने लगते हैं।

नौकरी, कार्यस्थल की बाधाएँ और बेरोजगारी ज्योतिषीय दृष्टि से ग्रहों की स्थिति और दशा-अंतरदशा का परिणाम होती हैं। सूर्य, शनि, बुध, बृहस्पति, राहु और केतु की स्थिति विशेष रूप से प्रभाव डालती है। यदि इनके लिए उचित उपाय किए जाएँ, तो धीरे-धीरे नौकरी में स्थिरता, कार्यस्थल पर सम्मान और बेरोजगारी से छुटकारा संभव है। साथ ही व्यावहारिक जीवन में कड़ी मेहनत, धैर्य और सही दिशा में प्रयास करना भी अनिवार्य है।

सोमवार (चंद्र और शिव)

सुबह शिवलिंग पर दूध या जल चढ़ाएँ।

सफेद वस्त्र धारण करें और चावल का दान करें।

चंद्र मंत्र “ॐ चंद्राय नमः” का जप करें।

लाभ: मानसिक शांति, भावनात्मक संतुलन और कार्य में स्थिरता आती है।

मंगलवार (मंगल और हनुमान)

हनुमानजी के मंदिर में जाएँ और सिंदूर अर्पित करें।

लाल मसूर दाल का दान करें।

“ॐ क्रां क्रीं क्रौं सः भौमाय नमः” मंत्र का जप करें।

लाभ: साहस बढ़ेगा, बाधाएँ दूर होंगी और नौकरी के अवसर खुलेंगे।

बुधवार (बुध और गणपति)

गणेशजी की पूजा करें और दूर्वा अर्पित करें।

हरे वस्त्र धारण करें और मूंग का दान करें।

“ॐ ब्रां ब्रीं ब्रौं सः बुधाय नमः” मंत्र का जप करें।

लाभ: संवाद कौशल बेहतर होगा, इंटरव्यू और ऑफिस में सफलता मिलेगी।

गुरुवार (बृहस्पति और विष्णु)

भगवान विष्णु की पूजा करें और पीले वस्त्र धारण करें।

चने की दाल, हल्दी या पीली मिठाई का दान करें।

“ॐ बृं बृहस्पतये नमः” मंत्र का जप करें।

लाभ: सही मार्गदर्शक मिलेंगे, करियर में स्थिरता और पदोन्नति के योग बनेंगे।

शुक्रवार (शुक्र और लक्ष्मी)

माँ लक्ष्मी की पूजा करें और शंख पर जल चढ़ाएँ।

सफेद वस्त्र या इत्र का दान करें।

“ॐ शुक्राय नमः” मंत्र का जप करें।

लाभ: आर्थिक स्थिति सुधरेगी और नौकरी में सुख-सुविधाएँ मिलेंगी।

शनिवार (शनि और पीपल)

पीपल के पेड़ के नीचे सरसों के तेल का दीपक जलाएँ।

काले तिल, उड़द और चप्पल का दान करें।

“ॐ शं शनैश्चराय नमः” मंत्र का जप करें।

लाभ: कार्यस्थल की बाधाएँ दूर होंगी और नौकरी में स्थिरता आएगी।

रविवार (सूर्य और आत्मबल)

सुबह जल्दी उठकर सूर्य को अर्घ्य दें (जल अर्पित करें)।

लाल कपड़ा और गुड़ का दान करें।

“ॐ घृणिः सूर्याय नमः” मंत्र का जप करें।

लाभ: आत्मविश्वास बढ़ेगा, बॉस और अधिकारियों से संबंध सुधरेंगे।

यदि कोई बेरोजगार है या नौकरी में बाधाएँ आ रही हैं, तो ऊपर बताए गए साप्ताहिक ग्रहवार उपाय नियमित रूप से करने चाहिए। ज्योतिषीय दृष्टि से यह ग्रहों की अशुभता कम करके शुभ ग्रहों को मजबूत बनाता है। साथ ही यह अनुशासन और आत्मविश्वास भी सिखाता है, जिससे व्यक्ति वास्तविक जीवन में भी सफल होता है।

 

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