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जब तक मैं असम में हूं, मियां समुदाय को परेशानी होगी — मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा

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एबीसी नेशनल न्यूज | 2 फरवरी 2026

गुवाहाटी। असम के मुख्यमंत्री Himanta Biswa Sarma एक बार फिर अपने बयान को लेकर तीखे विवाद में आ गए हैं। एक सार्वजनिक कार्यक्रम में मुख्यमंत्री ने कहा कि “अगर मैं असम में रहा, सत्ता में रहा, तो मियां समुदाय को परेशानी का सामना करना पड़ेगा।” उनके इस बयान के सामने आते ही राज्य की राजनीति में हलचल तेज हो गई है और विपक्ष ने इसे सीधे तौर पर एक विशेष समुदाय को डराने वाला बयान बताया है।

यह बयान ऐसे समय आया है जब असम में घुसपैठ, जमीन के अधिकार और जनसांख्यिकीय बदलाव को लेकर माहौल पहले से ही संवेदनशील बना हुआ है। ‘मियां’ शब्द आमतौर पर बंगाली भाषी मुस्लिम समुदाय के लिए प्रयोग किया जाता है, जिसे लेकर बीते वर्षों में कई बार सियासी बयानबाजी और सामाजिक तनाव देखने को मिला है। विपक्ष का आरोप है कि मुख्यमंत्री का बयान समाज में विभाजन पैदा करने वाला है और इससे अल्पसंख्यक समुदाय में असुरक्षा की भावना गहराती है।

कांग्रेस, एआईयूडीएफ और अन्य विपक्षी दलों ने मुख्यमंत्री के बयान को संविधान की मूल भावना के खिलाफ बताया है। विपक्षी नेताओं का कहना है कि एक निर्वाचित मुख्यमंत्री का दायित्व सभी नागरिकों की सुरक्षा और समानता सुनिश्चित करना होता है, न कि किसी समुदाय को ‘परेशानी’ की चेतावनी देना। कई दलों ने इस बयान पर सार्वजनिक माफी और विधानसभा में जवाब की मांग भी उठाई है।

वहीं बीजेपी और सरकार समर्थक खेमे का कहना है कि मुख्यमंत्री के बयान को तोड़-मरोड़ कर पेश किया जा रहा है। समर्थकों के अनुसार, उनका इशारा किसी धर्म या समुदाय के खिलाफ नहीं, बल्कि अवैध घुसपैठ और कानून-व्यवस्था से जुड़ी सख्ती की ओर था। बीजेपी नेताओं का दावा है कि असम की सांस्कृतिक पहचान, जमीन और संसाधनों की रक्षा सरकार की जिम्मेदारी है और मुख्यमंत्री उसी संदर्भ में कड़ा रुख जाहिर कर रहे हैं।

राजनीतिक जानकारों का मानना है कि इस तरह के बयान असम जैसे संवेदनशील राज्य में सामाजिक सौहार्द को प्रभावित कर सकते हैं। आने वाले दिनों में यह मुद्दा विधानसभा से लेकर सड़क तक गर्माने की पूरी संभावना है और मुख्यमंत्री हिमंता बिस्वा सरमा के इस बयान पर राष्ट्रीय स्तर पर भी बहस और तेज हो सकती है।

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