कांग्रेस पार्टी के प्रवक्ता और अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी (AICC) के मीडिया एवं पब्लिसिटी विभाग के चेयरमैन, पवन खेड़ा ने केरल के युवा इंजीनियर आनंदु अजी की कथित आत्महत्या की घटना पर राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) पर तीखा और करारा हमला बोला है। खेड़ा ने बेहद कड़े शब्दों में यह दावा किया है कि आनंदु की मृत्यु केवल एक व्यक्तिगत “आत्महत्या” नहीं है, बल्कि यह “संघ के भीतर गहरे छिपे वहशीपन, अमानवीयता और पूरे सिस्टम की लंबी चुप्पी की सामूहिक हत्या” है।
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि आनंदु अजी की यह हृदयविदारक कहानी केवल एक व्यक्ति की दुखद त्रासदी मात्र नहीं है; बल्कि यह समाज के उस भयावह और अंधेरे कोने की परतें खोलकर सामने रखती है, जहां ‘संस्कार’ और राष्ट्रवाद की आड़ में बच्चों और युवाओं का व्यवस्थित तरीके से शोषण किया जाता है, और जब कोई पीड़ित इसके खिलाफ आवाज उठाने की हिम्मत करता है, तो उसे संगठित शक्ति द्वारा चुप करा दिया जाता है या हाशिये पर धकेल दिया जाता है।
खेड़ा ने भावुक होते हुए कहा, “आनंदु की आखिरी इंस्टाग्राम पोस्ट जो उसने मरने से पहले लिखी थी, वह वास्तव में उसकी आखिरी चीख थी, एक ऐसी पुकार थी जो न्याय मांग रही थी। अगर हम इस दर्द भरी चीख को नहीं सुनेंगे, इसे अनसुना कर देंगे, तो यह पूरे समाज और राष्ट्र का सबसे बड़ा नैतिक और सामाजिक पाप होगा।”
कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने अपनी बात को आगे बढ़ाते हुए बताया कि आनंदु अजी ने अपनी आखिरी पोस्ट में कई बार सीधे तौर पर RSS का नाम लिया था, उन पर शोषण का आरोप लगाया था, इसके बावजूद इस पूरे मामले की एफआईआर (FIR) में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) का नाम तक दर्ज नहीं किया गया है।
उन्होंने इस गंभीर चूक पर सवाल उठाते हुए कहा, “आखिर यह कैसा आतंक और खौफ का माहौल है? यह किस तरह की सत्ता है, जहां किसी अपराध का नाम तक दर्ज करना और उसकी जांच शुरू करना भी मना है? यह स्पष्ट रूप से कानून का नहीं, बल्कि संगठित डर और राजनीतिक संरक्षण के राज का सूचक है।”
खेड़ा ने विस्तार से बताया कि आनंदु अपने बचपन के दिनों से ही भयानक शोषण का शिकार था और वह लगभग 22 साल की लंबी अवधि तक इस दर्द और सदमे के साथ संघर्ष करता रहा। उन्होंने मार्मिक तरीके से उल्लेख किया कि आनंदु ने अपनी मां और बहन से माफी मांगते हुए यह कहा था कि वह अब और ज्यादा ‘नहीं झेल सकता’।
पवन खेड़ा ने स्पष्ट किया, “यह केवल एक युवा लड़के का व्यक्तिगत दर्द नहीं है; यह एक पूरा अमानवीय सिस्टम है, एक व्यवस्था है जो वर्षों से युवाओं की आत्मा तक को कुचल देती है, उनके मनोबल को तोड़ देती है, और उन्हें आत्महत्या जैसे अंतिम कदम के लिए मजबूर कर देती है।”
खेड़ा ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (RSS) की आलोचना करते हुए उसे “भेड़ की खाल में छिपा हुआ एक भेड़िया” बताया और कहा कि, “आज जब यह संगठन अपनी स्थापना के 100 साल पूरे होने का जश्न मना रहा है, जिस मौके पर सिक्के और डाक टिकट तक जारी किए जा रहे हैं, तब भी संगठन के अंदर एक भयावह और अंधेरा साम्राज्य चल रहा है।
यह वह अंधेरा साम्राज्य है, जहां 4 साल के मासूम बच्चों तक को भी नहीं बख्शा जाता है और उनका शोषण किया जाता है।” उन्होंने इस बात को याद करते हुए एक व्यक्तिगत और भावुक खुलासा किया कि जब वे छोटे थे, तब उनकी दादी उन्हें RSS की शाखा में जाने से कड़ाई से रोकती थीं। उन्होंने बताया कि, “मैं उनसे पूछता था कि क्यों नहीं जाना चाहिए? मेरी दादी हमेशा कहती थीं कि ‘वो बच्चों को खराब कर देते हैं’।
मुझे इस बयान का असली मतलब और उस सच्चाई की गहराई अब जाकर समझ आई है कि वहां वास्तव में क्या होता है।” खेड़ा ने कहा कि, “अगर हम आनंदु अजी और उनके जैसे लाखों अन्य बच्चों को न्याय दिलाना चाहते हैं, तो RSS के इस काले चेहरे को पूरी तरह से दुनिया के सामने उजागर करना और उसे एक्सपोज करना अनिवार्य है।”
उन्होंने इस बात पर जोर दिया कि यह संगठन न तो औपचारिक रूप से कहीं रजिस्टर है और न ही इसके पास किसी प्रकार का कोई सदस्यता रिकॉर्ड है, फिर भी यह खुद को एक महान समाज सुधारक और राष्ट्रवादी संगठन बताता है। उन्होंने आरोप लगाया कि, “RSS के भीतर एक भयानक यौन शोषण की संस्कृति पनपी हुई है, जो संगठित रूप से फल-फूल रही है।
एक पिता अपने चार साल के बेटे को अच्छे संस्कार सिखाने के लिए शाखा में भेजता है, और वहां उसका यौन उत्पीड़न होता है – इससे ज्यादा शर्मनाक, अमानवीय और घिनौना कार्य और क्या हो सकता है?”
अपने बयान के अंत में, कांग्रेस प्रवक्ता पवन खेड़ा ने देश की जनता से आह्वान करते हुए कहा कि अब वह समय आ गया है कि देश इस “अघोषित अंधेरे संगठन” की पूरी पोल खोले और इसे बेनकाब करे। उन्होंने पुरजोर मांग की कि, “RSS की सभी शाखाओं और उनके द्वारा संचालित किए जा रहे कैंपों की एक निष्पक्ष, राष्ट्रीय स्तर पर, और उच्च-स्तरीय जांच होनी चाहिए, और इस अपराध में सीधे तौर पर जिम्मेदार लोगों को इतनी कड़ी और कठोर सजा दी जानी चाहिए जो हमारे समाज के लिए एक निर्णायक उदाहरण बन जाए।” खेड़ा ने स्पष्ट किया कि, “यह लड़ाई केवल आनंदु अजी को न्याय दिलाने की नहीं है – यह उन तमाम बच्चों की लड़ाई है जिन्हें ‘संस्कार’ के नाम पर इंसानियत से काटकर, भय, शोषण और अपराध के एक गहरे घेरे में धकेल दिया गया है।”
उन्होंने अंत में यह घोषणा की कि कांग्रेस पार्टी, आनंदु अजी के लिए न्याय की मांग को एक राष्ट्रीय अभियान का रूप देगी। उन्होंने कहा, “अगर कोई बच्चा अपनी आखिरी सांस तक न्याय की गुहार लगाता रहे, और पूरा देश खामोश बना रहे – तो यह हमारे राष्ट्र की आत्मा पर एक बहुत बड़ा और अक्षम्य कलंक है, जिसे मिटाना हमारी सामूहिक जिम्मेदारी है।”




