अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | इस्लामाबाद/तेहरान | 20 अप्रैल 2026
ईरान और अमेरिका के बीच बढ़ते तनाव के बीच एक नई कूटनीतिक हलचल देखने को मिली है। ईरान ने पाकिस्तान को एक 10 सूत्रीय प्रस्ताव सौंपा है, जिसे क्षेत्र में शांति और स्थिरता की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम माना जा रहा है। हालांकि, इस प्रस्ताव के बावजूद बातचीत के दूसरे दौर को लेकर अभी भी अनिश्चितता बनी हुई है। ईरान ने यह प्रस्ताव ऐसे समय में दिया है जब खाड़ी क्षेत्र में हालात लगातार तनावपूर्ण बने हुए हैं। अमेरिका और उसके सहयोगियों के साथ ईरान के रिश्ते पिछले कुछ दिनों में और बिगड़े हैं, खासकर होर्मुज जलडमरूमध्य को लेकर विवाद के बाद।
बताया जा रहा है कि ईरान के इस 10 सूत्रीय प्रस्ताव में कई अहम मुद्दों को शामिल किया गया है। इसमें क्षेत्रीय सुरक्षा, समुद्री मार्गों की सुरक्षा, ऊर्जा आपूर्ति की निर्बाध व्यवस्था, और सैन्य गतिविधियों में कमी जैसे विषय प्रमुख हैं। साथ ही, प्रस्ताव में यह भी कहा गया है कि किसी भी तरह के संघर्ष से बचने के लिए सभी पक्ष बातचीत और कूटनीतिक समाधान को प्राथमिकता दें।
पाकिस्तान की भूमिका इस पूरे घटनाक्रम में काफी अहम मानी जा रही है। पाकिस्तान पहले भी कई बार मध्यस्थता की कोशिश कर चुका है और इस बार भी वह ईरान और अमेरिका के बीच पुल का काम कर सकता है। हालांकि, पाकिस्तान की ओर से इस प्रस्ताव पर अभी तक कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया सामने नहीं आई है।
दूसरी ओर, अमेरिका की प्रतिक्रिया को लेकर भी स्थिति साफ नहीं है। अमेरिका ने अब तक इस प्रस्ताव पर कोई स्पष्ट बयान नहीं दिया है, जिससे यह सवाल उठ रहा है कि क्या वाकई बातचीत का दूसरा दौर जल्द शुरू हो पाएगा या नहीं।
विशेषज्ञों का मानना है कि अगर इस प्रस्ताव पर सकारात्मक पहल होती है, तो क्षेत्र में तनाव कम हो सकता है। लेकिन अगर बातचीत आगे नहीं बढ़ती है, तो हालात और बिगड़ सकते हैं, जिसका असर वैश्विक तेल बाजार और अंतरराष्ट्रीय व्यापार पर भी पड़ सकता है।
इस बीच, खाड़ी क्षेत्र में सैन्य गतिविधियां अभी भी जारी हैं, जिससे स्थिति और संवेदनशील बनी हुई है। अंतरराष्ट्रीय समुदाय की नजरें अब इस बात पर टिकी हैं कि क्या यह प्रस्ताव किसी ठोस नतीजे तक पहुंच पाएगा या फिर यह भी कूटनीतिक कोशिशों की लंबी सूची में शामिल हो जाएगा।




