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CBSE री-इवैल्यूएशन पोर्टल पर फिर साइबर हमला, 70 हजार से ज्यादा छात्रों ने किया आवेदन

शिक्षा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 5 जून 2026

सीबीएसई (CBSE) के री-इवैल्यूएशन और उत्तरपुस्तिका सत्यापन पोर्टल पर एक बार फिर साइबर हमले की कोशिश की गई, लेकिन बोर्ड ने दावा किया है कि उसकी तकनीकी टीम ने हमले को विफल कर दिया और पोर्टल लगातार सुचारु रूप से काम करता रहा। बोर्ड के अनुसार 4 जून तक 70,433 से अधिक छात्रों ने अपने अंकों के सत्यापन, उत्तरपुस्तिका की प्रति प्राप्त करने और पुनर्मूल्यांकन के लिए सफलतापूर्वक आवेदन जमा किए हैं।

सीबीएसई ने बताया कि इस वर्ष परिणाम घोषित होने के बाद बड़ी संख्या में छात्र री-इवैल्यूएशन प्रक्रिया में शामिल हो रहे हैं। इसी दौरान पोर्टल को निशाना बनाते हुए कई साइबर हमलों और अनधिकृत पहुंच के प्रयासों का पता चला। बोर्ड के अनुसार शुरुआती दिनों में पोर्टल पर दो मिनट के भीतर लगभग 15 लाख हिट्स दर्ज हुईं और एक लाख से अधिक बार फाइलों तक अनधिकृत पहुंच बनाने की कोशिश की गई। इसके बावजूद सुरक्षा तंत्र सक्रिय रहा और पोर्टल बंद नहीं हुआ।

सीबीएसई अधिकारियों का कहना है कि हाल के दिनों में एक बड़े डिनायल-ऑफ-सर्विस (DoS) हमले को भी रोका गया। बोर्ड ने जानकारी दी कि लगभग 38 लाख डेटा पैकेट वाले साइबर हमले को सफलतापूर्वक ब्लॉक कर दिया गया और छात्रों की सेवाएं प्रभावित नहीं होने दी गईं। यही कारण है कि लगातार बढ़ती ट्रैफिक और साइबर खतरों के बावजूद आवेदन प्रक्रिया जारी रही।

बोर्ड ने यह भी स्पष्ट किया है कि री-इवैल्यूएशन फीस जमा करने के लिए छात्रों को किसी विशेष बैंक में खाता रखने की आवश्यकता नहीं है। कुछ सोशल मीडिया पोस्ट और अफवाहों में दावा किया गया था कि केवल चुनिंदा बैंकों के माध्यम से ही भुगतान संभव है, लेकिन सीबीएसई ने इन दावों को गलत बताते हुए कहा कि पोर्टल पर सामान्य ऑनलाइन भुगतान की सुविधा उपलब्ध है।

इस पूरे विवाद के बीच सीबीएसई की डिजिटल प्रणाली पहले से ही चर्चा में रही है। पिछले दिनों उत्तरपुस्तिका मूल्यांकन प्रणाली और कथित हैकिंग दावों को लेकर विवाद सामने आया था। हालांकि बोर्ड ने साफ कहा है कि वास्तविक मूल्यांकन पोर्टल में कोई सुरक्षा सेंध नहीं लगी थी और सोशल मीडिया पर वायरल किए गए दावे एक परीक्षण वेबसाइट से जुड़े थे, न कि वास्तविक मूल्यांकन प्रणाली से।

छात्रों और अभिभावकों की शिकायतों को देखते हुए केंद्र सरकार ने भी मामले पर नजर रखी है। शिक्षा मंत्रालय ने आईआईटी और सार्वजनिक क्षेत्र के बैंकों के विशेषज्ञों को तकनीकी सहायता के लिए शामिल किया है ताकि पोर्टल की स्थिरता और सुरक्षा को और मजबूत बनाया जा सके।

सीबीएसई ने छात्रों से अपील की है कि वे अंतिम समय का इंतजार न करें और निर्धारित समयसीमा के भीतर अपने आवेदन जमा करें। बोर्ड का कहना है कि साइबर हमलों के बावजूद पोर्टल पूरी तरह सुरक्षित और कार्यशील है तथा सभी वैध आवेदनों पर नियमानुसार कार्रवाई की जाएगी।

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