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अखिलेश यादव का आरोप—BJP के इशारे पर काम कर रहा चुनाव आयोग, वोटर लिस्ट में कई जगह दर्ज हैं नाम

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | लखनऊ/नई दिल्ली | 12 अक्टूबर 2026

समाजवादी पार्टी के राष्ट्रीय अध्यक्ष अखिलेश यादव ने चुनाव आयोग पर गंभीर सवाल उठाते हुए आरोप लगाया है कि निर्वाचन आयोग भारतीय जनता पार्टी के इशारे पर काम कर रहा है और मतदाता सूची में कई लोगों के नाम एक से अधिक बार दर्ज हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि वोटर लिस्ट तैयार करने की प्रक्रिया में निष्पक्षता और समानता के सिद्धांतों का पालन नहीं हो रहा है। अखिलेश यादव सोमवार को लखनऊ के चौधरी चरण सिंह अंतरराष्ट्रीय हवाई अड्डे पर पत्रकारों से बातचीत कर रहे थे। वह कथित ‘वोट चोरी’ के मुद्दे और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार के खिलाफ ज्ञापन सौंपने के लिए विपक्षी नेताओं के साथ दिल्ली में सुप्रीम कोर्ट तक मार्च में शामिल होने जा रहे थे।

अखिलेश यादव ने आरोप लगाया कि चुनाव आयोग का रवैया राजनीतिक पक्षपात से प्रभावित है। उन्होंने कहा, “BJP जिसे चाहती है, उसका वोट बनवा देती है। अगर आप BJP के सदस्य हैं, तो चुनाव आयोग आपका वोटर के रूप में पंजीकरण कर देगा। अगर आप BJP के सदस्य हैं, तो आपको भारतीय नागरिक माना जाता है।” उनके इस बयान के जरिए मतदाता पंजीकरण की प्रक्रिया में कथित भेदभाव और चुनाव आयोग की निष्पक्षता पर सवाल उठाए गए।

मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्टियों का दावा

अखिलेश यादव ने दावा किया कि मतदाता सूची में कई लोगों के नाम एक से अधिक बार दर्ज हैं। यह आरोप ऐसे समय आया है, जब विपक्षी दल मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता को लेकर सवाल उठा रहे हैं। विपक्ष की मांग है कि मतदाता सूची में नाम जोड़ने, हटाने और संशोधित करने की प्रक्रिया की निष्पक्ष जांच हो तथा सभी पात्र नागरिकों के मतदान के अधिकार की रक्षा की जाए।

मतदाता सूची में दोहरी प्रविष्टियों का मुद्दा चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता से जुड़ा है। हालांकि, अखिलेश यादव के इस दावे की पुष्टि के लिए संबंधित मतदाता रिकॉर्ड और निर्वाचन आयोग के आंकड़ों की स्वतंत्र जांच आवश्यक होगी।

‘वोट चोरी’ के आरोपों पर दिल्ली में मार्च

समाजवादी पार्टी प्रमुख दिल्ली में विपक्षी नेताओं के साथ सुप्रीम कोर्ट तक प्रस्तावित मार्च में शामिल होने जा रहे थे। इस मार्च का उद्देश्य कथित ‘वोट चोरी’ और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार की भूमिका को लेकर ज्ञापन सौंपना बताया गया। विपक्षी दलों ने चुनावी प्रक्रिया में पारदर्शिता, मतदाता सूची की विश्वसनीयता और निर्वाचन आयोग की जवाबदेही को लेकर अपनी चिंताएं सामने रखी हैं।

अखिलेश यादव के बयान ने चुनाव आयोग की निष्पक्षता और मतदाता सूची की शुद्धता को लेकर चल रही राजनीतिक बहस को और तेज कर दिया है। अब इस विवाद में महत्वपूर्ण सवाल यह है कि मतदाता सूची में कथित दोहरी प्रविष्टियों को लेकर क्या ठोस प्रमाण सामने आते हैं और संबंधित शिकायतों पर किस तरह की जांच या कार्रवाई होती है।

अखिलेश यादव का आरोप स्पष्ट है—मतदाता सूची और वोटर पंजीकरण की प्रक्रिया में पक्षपात हो रहा है। इन आरोपों की सच्चाई का निर्धारण रिकॉर्ड, जांच और संबंधित संस्थाओं के तथ्यों के आधार पर ही हो सकेगा।

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