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हवा में अफरा-तफरी, दिल्ली में इमरजेंसी लैंडिंग: एअर इंडिया की फ्लाइट में आग की आशंका से दहशत

राष्ट्रीय / विमानन / सुरक्षा | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 22 मई 2026

बेंगलुरु से दिल्ली आ रही एअर इंडिया की एक फ्लाइट में गुरुवार शाम उस समय हड़कंप मच गया जब उड़ान के दौरान इंजन में आग लगने या गंभीर तकनीकी खराबी की आशंका सामने आई। स्थिति की गंभीरता को देखते हुए पायलट ने तुरंत एयर ट्रैफिक कंट्रोल से संपर्क किया और दिल्ली एयरपोर्ट पर विमान की इमरजेंसी लैंडिंग कराई गई। राहत की बात यह रही कि विमान में सवार सभी यात्री और चालक दल पूरी तरह सुरक्षित बताए गए हैं, लेकिन घटना ने एक बार फिर देश में विमान सुरक्षा और तकनीकी निगरानी को लेकर बड़े सवाल खड़े कर दिए हैं।

सूत्रों के अनुसार उड़ान के दौरान विमान के इंजन से जुड़ी तकनीकी चेतावनी मिलने के बाद कॉकपिट में अलर्ट की स्थिति बन गई। इसके बाद पायलट ने किसी भी संभावित खतरे से बचने के लिए तुरंत आपातकालीन प्रोटोकॉल लागू किया। दिल्ली एयरपोर्ट पर पहले से ही इमरजेंसी सेवाओं को अलर्ट कर दिया गया था। रनवे के आसपास फायर ब्रिगेड, मेडिकल टीम और सुरक्षा एजेंसियों को तैनात किया गया ताकि किसी भी अप्रिय स्थिति से तुरंत निपटा जा सके। विमान के सुरक्षित उतरते ही यात्रियों ने राहत की सांस ली।

इस घटना ने इसलिए भी अधिक चिंता बढ़ा दी क्योंकि इसी विमान से जुड़ी एक और तकनीकी घटना पहले सामने आ चुकी थी। दिल्ली से बेंगलुरु जा रही एअर इंडिया की फ्लाइट AI-2651 को लैंडिंग के दौरान “टेलस्ट्राइक” का सामना करना पड़ा था, जिसमें विमान का पिछला हिस्सा रनवे से टकरा गया था। हालांकि उस समय भी सभी यात्री सुरक्षित रहे, लेकिन लगातार सामने आ रही तकनीकी घटनाओं ने यात्रियों के बीच असुरक्षा की भावना पैदा कर दी है। विमानन विशेषज्ञों का कहना है कि टेलस्ट्राइक जैसी घटनाएं गंभीर मानी जाती हैं और इनके बाद विमान की विस्तृत तकनीकी जांच बेहद जरूरी होती है।

एअर इंडिया ने घटना के बाद बयान जारी करते हुए कहा है कि यात्रियों की सुरक्षा सर्वोच्च प्राथमिकता है और प्रभावित विमान को विस्तृत निरीक्षण के लिए रोक दिया गया है। एयरलाइन ने यह भी स्पष्ट किया कि बेंगलुरु से दिल्ली की वापसी उड़ान AI-2652 रद्द कर दी गई है और यात्रियों के लिए वैकल्पिक व्यवस्था की जा रही है। साथ ही नियामक एजेंसियों के साथ मिलकर पूरे मामले की जांच शुरू कर दी गई है।

विशेषज्ञ मानते हैं कि भारतीय विमानन क्षेत्र इस समय तेजी से विस्तार के दौर से गुजर रहा है। घरेलू यात्रियों की संख्या लगातार बढ़ रही है, लेकिन इसके साथ तकनीकी रखरखाव, इंजीनियरिंग निरीक्षण और उड़ानों के दबाव को लेकर भी नई चुनौतियां सामने आ रही हैं। लगातार उड़ानों के संचालन और बेड़े के अधिक उपयोग के कारण एयरलाइंस पर तकनीकी दक्षता बनाए रखने का दबाव बढ़ा है। ऐसे में छोटी सी तकनीकी लापरवाही भी बड़े हादसे का कारण बन सकती है।

घटना के बाद सोशल मीडिया पर भी यात्रियों ने चिंता जाहिर की। कई लोगों ने सवाल उठाए कि हाल के महीनों में तकनीकी गड़बड़ियों और इमरजेंसी लैंडिंग की घटनाएं क्यों बढ़ती दिखाई दे रही हैं। कुछ यात्रियों ने विमानन कंपनियों से अधिक पारदर्शिता और सुरक्षा ऑडिट की मांग भी की। विमानन क्षेत्र से जुड़े जानकारों का कहना है कि यात्रियों का भरोसा बनाए रखने के लिए एयरलाइंस को तकनीकी सुरक्षा मानकों पर और अधिक सख्ती दिखानी होगी।

फिलहाल जांच एजेंसियां यह पता लगाने में जुटी हैं कि इंजन में वास्तव में आग लगने की स्थिति थी या यह केवल तकनीकी चेतावनी प्रणाली का अलर्ट था। लेकिन इतना साफ है कि पायलट की त्वरित कार्रवाई और आपातकालीन प्रोटोकॉल ने एक संभावित बड़े हादसे को टाल दिया।

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