पटना, सितंबर 25, 2025 —
बहुजन समाज पार्टी (BSP) और ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (AIMIM) के बीच बिहार विधानसभा चुनाव को लेकर गठबंधन की संभावनाएँ चर्चा में हैं। इस बीच AIMIM के राष्ट्रीय अध्यक्ष ओवैसी ने RJD की प्रतिक्रिया को ठंडा करार देते हुए कहा कि उनकी पार्टी ने मंत्री पद नहीं बल्कि बराबरी और साझेदारी की माँग की थी। उनकी ये टिप्पणी इस बात की ओर इशारा करती है कि गठबंधन और सीट बंटवारे की बातचीत अभी भी विवादों और तनातनी से कम नहीं हुई है।
ओवैसी ने कहा कि AIMIM को राजनीतिक बराबरी की जगह नहीं दी गई, बल्कि उन्हें एक तरह से उपयुक्त पहचान और हिस्सेदारी के अधिकार से वंचित रखा गया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि अगर गठबंधन है, तो सभी दलों को समान भूमिका निभानी चाहिए — केवल नाममात्र का हिस्सा देना पर्याप्त नहीं है।
RJD ने अभी तक AIMIM की इस शिकायत पर सार्वजनिक रूप से कोई विस्तृत प्रतिक्रिया नहीं दी है। राजनीतिक विश्लेषक मानते हैं कि ओवैसी की यह टिप्पणी एक रणनीतिक कदम है—जिसका उद्देश्य गठबंधन रणनीति में अपनी पार्टी की स्थिति को मजबूत करना है और यह दिखाना है कि वे किसी को हाथ में लेने वाला दल नहीं हैं बल्कि साझेदार दल हैं।
बिहार चुनाव की नज़दीकी ने गठबन्धन की चर्चाएँ और ज़्यादा गरम कर दी हैं। अभी यह देखना बाकी है कि RJD इस दबाव के बाद क्या सियासी कदम उठाती है और AIMIM के प्रति अपनी रणनीति में क्या बदलाव करती है।




