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खिलाड़ियों की सुरक्षा के लिए पहली बार देश में स्थापित हुई न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट टेस्टिंग लैब्स

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नई दिल्ली, 31 अगस्त 2025

भारत ने खेल और एथलीट सुरक्षा के क्षेत्र में एक ऐतिहासिक कदम उठाया है। आज युवा मामले और खेल मंत्रालय (MYAS) ने दिल्ली के द अशोक होटल में आयोजित स्पोर्ट्स गुड्स मैन्युफैक्चरिंग कॉन्क्लेव में देश की पहली विशेषीकृत न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट टेस्टिंग लैब्स की औपचारिक घोषणा की। यह पहल भारतीय खिलाड़ियों को सुरक्षित, प्रमाणित और विश्वसनीय सप्लीमेंट उपलब्ध कराने और अनजाने में डोपिंग की संभावना को रोकने के लिए की गई है।

इन लैब्स की स्थापना MYAS, फूड सेफ्टी एंड स्टैंडर्ड्स अथॉरिटी ऑफ इंडिया (FSSAI) और दो प्रमुख संस्थानों के बीच त्रिपक्षीय समझौते के तहत की गई है। इनमें शामिल हैं:

  1. नेशनल फॉरेंसिक साइंसेज यूनिवर्सिटी (NFSU), गांधीनगर, गुजरात – सेंटर ऑफ एक्सीलेंस फॉर रिसर्च एंड एनालिसिस ऑफ नार्कोटिक ड्रग्स एंड साइकोट्रॉपिक सबस्टेंस
  1. नेशनल इंस्टिट्यूट ऑफ फार्मास्यूटिकल एजुकेशन एंड रिसर्च (NIPER), हैदराबाद – एनालिटिकल टेस्टिंग लैबोरेटरी

केंद्रीय मंत्री डॉ. मनसुख मंडाविया, जो युवा मामलों और खेल के साथ-साथ श्रम एवं रोजगार मंत्रालय भी संभालते हैं, ने इन संस्थानों को सम्मानित किया और इस पहल की ऐतिहासिक महत्वता पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि यह कदम खिलाड़ियों के लिए सुरक्षित सप्लीमेंट सुनिश्चित करने और खेल में निष्पक्षता बढ़ाने के लिए देश के खेल इतिहास में मील का पत्थर साबित होगा।

खिलाड़ियों के लिए न्यूट्रिशनल सप्लीमेंट की सुरक्षा अब तक एक बड़ी चुनौती रही है। भारत में पहले ऐसे परीक्षण सुविधाओं का अभाव था, जिससे खिलाड़ी अनजाने में WADA (वर्ल्ड एंटी-डोपिंग एजेंसी) द्वारा प्रतिबंधित पदार्थों का सेवन कर सकते थे और डोपिंग टेस्ट में फंस सकते थे। अब इन नई लैब्स के माध्यम से यह खतरा पूरी तरह खत्म होगा और खिलाड़ी निष्पक्ष खेल और सुरक्षित सप्लीमेंट का भरोसा पा सकेंगे।

ये लैब्स न केवल सप्लीमेंट की गुणवत्ता और सुरक्षा सुनिश्चित करेंगी, बल्कि भारत के एंटी-डोपिंग ढांचे को भी मजबूत करेंगी, वैज्ञानिक क्षमता बढ़ाएंगी और खिलाड़ियों को विश्वसनीय, प्रमाणित न्यूट्रिशनल प्रोडक्ट उपलब्ध कराएंगी। विशेषज्ञों का मानना है कि यह पहल भारतीय खेल उद्योग और खिलाड़ियों के लिए नई उड़ान का मार्ग खोलेगी।

इस कदम से भारत ने यह संदेश साफ कर दिया है कि वह खेल विज्ञान, एंटी-डोपिंग और स्वदेशी उत्पादन में वैश्विक स्तर पर नेतृत्व करने के लिए तैयार है। अब खिलाड़ी सुरक्षित, प्रमाणित और भरोसेमंद सप्लीमेंट के साथ अंतरराष्ट्रीय स्तर पर प्रतिस्पर्धा कर सकेंगे, जिससे भारत की खेल प्रतिभाओं को नई ऊँचाइयां छूने का अवसर मिलेगा।

 

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