हैदराबाद, 28 जनवरी 2025 — वित्तीय प्रबंधन की दिशा में एक बड़ा कदम उठाते हुए तेलंगाना सरकार ने 28 जनवरी को उच्चस्तरीय बैठक में एक प्रस्ताव पर विचार किया, जिसके तहत राज्य के सरकारी कर्मचारियों की सेवानिवृत्ति आयु को 61 वर्ष से बढ़ाकर 65 वर्ष किया जा सकता है। इसका उद्देश्य पेंशन देनदारी में देरी और राजकोषीय संतुलन बनाना है।
राज्य सरकार इस प्रस्ताव को लेकर ₹10,000 करोड़ के लंबित भुगतानों (pending dues) को धीरे-धीरे व्यवस्थित करना चाहती है। यह आयु-वृद्धि प्रस्ताव केंद्र सरकार द्वारा किए गए सेवा विस्तार और उच्च न्यायिक उम्रसीमा जैसी नीतियों से प्रेरित माना जा रहा है।
हालांकि इस निर्णय पर अंतिम मुहर अभी नहीं लगी है, परंतु 28 जनवरी की कैबिनेट उप-समिति की बैठक में इसे विस्तार से प्रस्तुत किया गया। वित्त विभाग, कार्मिक विभाग और सामाजिक न्याय मंत्रालय को इस पर विस्तृत रिपोर्ट फरवरी तक देने को कहा गया है।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि यह लागू होता है तो शॉर्ट-टर्म में भर्ती पर असर पड़ेगा, लेकिन लॉन्ग टर्म में अनुभव, निरंतरता और वित्तीय अनुशासन जैसे लाभ सामने आ सकते हैं।
तेलंगाना गवर्नमेंट एंप्लॉयीज यूनियन के महासचिव वेंकट रेड्डी ने प्रतिक्रिया दी, “हम उम्र बढ़ाने के फैसले का स्वागत करते हैं, लेकिन सरकार को यह सुनिश्चित करना होगा कि युवाओं के लिए नई भर्ती पर कोई नकारात्मक असर न पड़े।”




