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CJP प्रवक्ता सौरव दास को मद्रास हाईकोर्ट का नोटिस, पासपोर्ट और आधार रद्द करने की मांग वाली याचिका पर जवाब तलब

सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक करने और पृष्ठभूमि की जांच कराने की भी मांग; छह सप्ताह में जवाब दाखिल करने का निर्देश, अदालत ने आरोपों पर अभी कोई निष्कर्ष नहीं दिया

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | चेन्नई | 31 अक्टूबर 2026

कॉकroach जनता पार्टी (CJP) के प्रवक्ता और पत्रकार सौरव दास की मुश्किलें बढ़ सकती हैं। मद्रास हाईकोर्ट ने शुक्रवार को उनके खिलाफ दायर एक जनहित याचिका पर सौरव दास और केंद्र सरकार के विभिन्न विभागों को नोटिस जारी किया है। याचिका में उनकी पृष्ठभूमि की जांच कराने, पासपोर्ट और आधार कार्ड रद्द करने तथा उनके सोशल मीडिया अकाउंट ब्लॉक करने की मांग की गई है।

यह याचिका चेन्नई के जामिन पल्लावरम निवासी आर. गणेश कुमार ने दायर की है। याचिकाकर्ता का आरोप है कि सौरव दास ने न्यायपालिका, भारत के मुख्य न्यायाधीश और सुप्रीम कोर्ट के अन्य न्यायाधीशों के खिलाफ बार-बार अपमानजनक टिप्पणियां की हैं।

मुख्य न्यायाधीश की पीठ ने जारी किया नोटिस

मामले की सुनवाई मुख्य न्यायाधीश सुश्रुत अरविंद धर्माधिकारी और न्यायमूर्ति जी. अरुल मुरुगन की पीठ ने की। पीठ ने सौरव दास के साथ केंद्र सरकार के संबंधित अधिकारियों और विभागों को भी नोटिस जारी किए हैं।

अदालत ने नोटिस का जवाब देने के लिए छह सप्ताह का समय निर्धारित किया है। हालांकि, पीठ ने याचिका में लगाए गए आरोपों पर फिलहाल कोई टिप्पणी या निष्कर्ष नहीं दिया है।

याचिका में क्या-क्या मांग की गई है?

याचिकाकर्ता ने अदालत से मांग की है कि सौरव दास की पृष्ठभूमि की जांच कराई जाए। इसके अलावा उनका पासपोर्ट और आधार कार्ड रद्द करने तथा सोशल मीडिया अकाउंट को ब्लॉक करने के निर्देश देने की मांग भी की गई है।

याचिका में इन मांगों के पीछे न्यायपालिका के खिलाफ कथित अपमानजनक टिप्पणियों को आधार बनाया गया है।

अभी आरोप साबित नहीं, जवाब के बाद आगे बढ़ेगी सुनवाई

हाईकोर्ट की ओर से नोटिस जारी किए जाने का अर्थ यह नहीं है कि अदालत ने याचिका में लगाए गए आरोपों को सही मान लिया है। फिलहाल अदालत ने संबंधित पक्षों से जवाब मांगा है और किसी भी आरोप पर अंतिम फैसला नहीं सुनाया है। अब छह सप्ताह के भीतर सौरव दास और संबंधित सरकारी विभागों के जवाब के बाद मामले में आगे की सुनवाई होगी।

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