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राहुल गांधी की मोदी सरकार को खुली चुनौती—‘200 अफसर हमारे संपर्क में, ज्ञानेश कुमार को जाना होगा!’

नेता विपक्ष का दावा—ED, CBI और विदेश मंत्रालय से मिल रही जानकारी; INDIA गठबंधन सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने निकला, संविधान बचाने के लिए BJP समेत सभी दलों के लोगों से साथ आने की अपील।

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 12 अक्टूबर 2026

कांग्रेस नेता और लोकसभा में नेता प्रतिपक्ष राहुल गांधी ने दिल्ली में प्रेस कॉन्फ्रेंस के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की सरकार और मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर तीखा हमला बोला। राहुल गांधी ने दावा किया कि सरकार के करीब 200 अधिकारी उनके संपर्क में हैं और ED, CBI तथा विदेश मंत्रालय के भीतर से उन्हें जानकारी मिल रही है। उन्होंने कहा कि मोदी सरकार बड़ी गलती कर रही है, क्योंकि विपक्ष देश को यह दिखाना चाहता है कि प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी आखिर ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए इतनी ताकत क्यों लगा रहे हैं। राहुल गांधी ने ज्ञानेश कुमार को सीधे चेतावनी देते हुए कहा कि उनके पास जानकारी है, वह बच नहीं सकते और उन्हें पद छोड़ना होगा। उन्होंने यह भी कहा, “आपको जो करना है करो, सच्चाई हमारे साथ है।” दूसरी ओर, INDIA गठबंधन ने चुनावी प्रक्रिया में कथित गड़बड़ियों, SIR और मुख्य चुनाव आयुक्त के खिलाफ अपनी मांगों को लेकर सुप्रीम कोर्ट का रुख करने का फैसला किया है। राहुल गांधी ने इसे संविधान, लोकतंत्र और नागरिकों के मतदान के अधिकार की लड़ाई बताया।

‘सरकार के 200 अफसर हमारे संपर्क में हैं’

राहुल गांधी ने प्रेस कॉन्फ्रेंस में दावा किया कि केंद्र सरकार के लगभग 200 अधिकारी विपक्ष के संपर्क में हैं। उन्होंने कहा कि ED, CBI और विदेश मंत्रालय के भीतर से भी उन्हें सूचनाएं मिल रही हैं। राहुल गांधी ने अपने बयान में सरकार को चुनौती देते हुए कहा कि उन्हें जो कहना है, वह सार्वजनिक रूप से कहेंगे और उन्हें सच्चाई पर भरोसा है।

उन्होंने कहा कि सरकार को यह समझना चाहिए कि विपक्ष चुनावी प्रक्रिया से जुड़े सवालों को लेकर पीछे हटने वाला नहीं है। हालांकि, जिन अधिकारियों और सूचनाओं का राहुल गांधी ने उल्लेख किया, उनके बारे में विस्तृत जानकारी सार्वजनिक नहीं की गई है। इन दावों की स्वतंत्र पुष्टि के लिए संबंधित तथ्यों का सामने आना महत्वपूर्ण होगा।

‘ज्ञानेश कुमार बचेंगे नहीं, उन्हें जाना होगा’

राहुल गांधी ने मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार पर निशाना साधते हुए कहा कि वह जानते हैं कि ज्ञानेश कुमार की स्थिति क्या है और उनके मुताबिक, वह इन दिनों सो नहीं पा रहे हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि लाखों लोगों के मतदान संबंधी अधिकारों पर सवाल उठ रहे हैं और लोग जवाब मांग रहे हैं।

राहुल गांधी ने कहा, “ज्ञानेश कुमार बचेंगे नहीं और मैं यह बात सीधे उन्हीं से कह रहा हूं।” उन्होंने यह भी कहा कि उन्हें ज्ञानेश कुमार के अतीत और कथित भ्रष्टाचार से जुड़ी जानकारी है।

ये राहुल गांधी के आरोप और राजनीतिक बयान हैं। मुख्य चुनाव आयुक्त या चुनाव आयोग की ओर से इन विशिष्ट आरोपों पर प्रतिक्रिया तथा उनके समर्थन में प्रस्तुत किए जाने वाले साक्ष्य इस विवाद के तथ्यों को स्पष्ट करने के लिए महत्वपूर्ण होंगे।

‘मोदी सरकार ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए इतनी ताकत क्यों लगा रही है?’

राहुल गांधी ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी पर सवाल उठाते हुए कहा कि सरकार बहुत बड़ी गलती कर रही है। उन्होंने कहा कि विपक्ष देश को दिखाना चाहता है कि प्रधानमंत्री आखिर ज्ञानेश कुमार को बचाने के लिए इतनी ताकत क्यों झोंक रहे हैं।

विपक्ष का आरोप है कि मतदाता सूची के विशेष गहन पुनरीक्षण (SIR) और चुनावी प्रक्रिया को लेकर उठाए गए सवालों का संतोषजनक जवाब नहीं दिया गया है। विपक्षी दल ज्ञानेश कुमार के इस्तीफे, SIR प्रक्रिया रोकने और चुनावी व्यवस्था में पारदर्शिता सुनिश्चित करने की मांग कर रहे हैं। दूसरी ओर, इन आरोपों पर चुनाव आयोग और केंद्र सरकार का पक्ष भी महत्वपूर्ण है।

तीन दिन की घटनाओं का जिक्र, अब सुप्रीम कोर्ट की ओर विपक्ष

राहुल गांधी ने बताया कि विपक्ष ने अपनी मांगों को लेकर लगातार अलग-अलग रास्तों से आवाज उठाई है। उन्होंने कहा कि पहले दिन INDIA गठबंधन के नेता चुनाव आयोग जाने निकले, लेकिन उन्हें रोककर बस में बैठा दिया गया। दूसरे दिन जंतर-मंतर जाने के दौरान भी उन्हें रोका गया और धक्का-मुक्की हुई। तीसरे दिन विपक्षी नेता राजघाट पहुंचे।

राहुल गांधी ने कहा कि अब विपक्ष सुप्रीम कोर्ट जा रहा है। उन्होंने बताया कि कांग्रेस अध्यक्ष मल्लिकार्जुन खड़गे और उन्होंने मुख्य न्यायाधीश को पत्र लिखकर चुनावी निष्पक्षता और लोकतंत्र को लेकर गंभीर चिंता जताई थी। उनके अनुसार, मुख्य न्यायाधीश की ओर से जवाब मिला और उन्हें कानूनी प्रक्रिया के तहत याचिका दाखिल करने को कहा गया।

हालांकि, उपलब्ध समाचार रिपोर्टों के अनुसार, मुख्य न्यायाधीश न्यायमूर्ति सूर्यकांत ने विपक्षी नेताओं से व्यक्तिगत मुलाकात का अनुरोध स्वीकार नहीं किया और कहा कि संबंधित मुद्दे न्यायिक प्रक्रिया के जरिए उठाए जाने चाहिए। उन्होंने याचिका दाखिल करने का रास्ता सुझाया।

‘संविधान बचाने की लड़ाई में BJP के लोग भी आएं’

राहुल गांधी ने आंदोलन को किसी एक राजनीतिक दल तक सीमित रखने के बजाय सभी नागरिकों से जुड़ने की अपील की। उन्होंने कहा कि जो भी संविधान की रक्षा करना चाहता है, चाहे वह किसी भी पार्टी का हो, वह साथ आ सकता है।

उन्होंने BJP के उन लोगों को भी आमंत्रित किया जो मानते हैं कि संविधान पर हमला हो रहा है। राहुल गांधी ने कहा कि यह संविधान को बचाने और देश के भविष्य की लड़ाई है। उन्होंने लोगों से अपील की कि यदि वे सीधे प्रदर्शन में शामिल नहीं हो सकते, तो भी अपनी एकजुटता और विचार सार्वजनिक रूप से व्यक्त करें।

बाराखंबा जंक्शन पर जुटने की अपील, याचिका दाखिल करने का कार्यक्रम

राहुल गांधी से जुड़े संदेश में दिल्ली के कनॉट प्लेस स्थित बाराखंबा जंक्शन पर दोपहर 1:30 बजे जुटने की अपील की गई थी। इसके बाद दोपहर 3 बजे सुप्रीम कोर्ट में याचिका दाखिल करने की बात कही गई। INDIA गठबंधन की मांगों में मुख्य चुनाव आयुक्त ज्ञानेश कुमार का इस्तीफा, SIR प्रक्रिया पर रोक और चुनावी निष्पक्षता से जुड़े सवाल शामिल हैं।

राहुल गांधी ने कहा कि लोगों को डरने की जरूरत नहीं है और सरकार की नीतियों से असहमति रखने वालों को अपनी आवाज उठानी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि सरकार के साथ संवाद होने के बावजूद वह अपनी बात फोन पर नहीं, बल्कि सार्वजनिक मंचों और सड़कों पर कहना पसंद करते हैं।

चुनावी पारदर्शिता पर बढ़ा राजनीतिक टकराव

राहुल गांधी के बयानों से केंद्र सरकार, चुनाव आयोग और विपक्ष के बीच जारी टकराव और तेज हो गया है। विपक्ष जहां SIR, मतदाता सूची और कथित वोट चोरी के मुद्दों पर जवाब मांग रहा है, वहीं अब उसने अपनी मांगों को अदालत के सामने रखने की दिशा में कदम बढ़ाया है।

अब सबकी नजरें सुप्रीम कोर्ट में दाखिल होने वाली याचिका, उसमें की गई मांगों और अदालत की आगे की कार्रवाई पर रहेंगी। राहुल गांधी के 200 अधिकारियों के संपर्क में होने और विभिन्न केंद्रीय एजेंसियों से जानकारी मिलने के दावों पर भी आगे कोई ठोस विवरण सामने आता है या नहीं, यह देखना महत्वपूर्ण होगा।

लोकतंत्र में चुनावी प्रक्रिया की विश्वसनीयता और मतदाताओं के अधिकारों से जुड़े सवालों का जवाब तथ्यों, पारदर्शिता और संवैधानिक प्रक्रिया के आधार पर दिया जाना चाहिए।

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