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नंदीग्राम से उम्मीदवार नहीं हटेगा, गिरफ्तारी को बनाएंगे राष्ट्रीय मुद्दा: वेणुगोपाल

पश्चिम बंगाल/ राजनीति | ABC NATIONAL NEWS | कोलकाता/ नई दिल्ली | 19 सितंबर 2026

नंदीग्राम विधानसभा उपचुनाव से पहले कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने पश्चिम बंगाल की राजनीति को गरमा दिया है। कांग्रेस महासचिव के.सी. वेणुगोपाल ने शनिवार को साफ कहा कि पार्टी मिलन प्रधान को चुनाव मैदान से नहीं हटाएगी और उनकी गिरफ्तारी को राष्ट्रीय मुद्दा बनाएगी। वेणुगोपाल ने आरोप लगाया कि नंदीग्राम में विपक्षी उम्मीदवार के खिलाफ कार्रवाई ने चुनाव प्रक्रिया पर गंभीर सवाल खड़े किए हैं। उनके ये आरोप राजनीतिक दावे हैं, जिनकी स्वतंत्र पुष्टि अभी नहीं हुई है।

वेणुगोपाल ने कहा कि “कांग्रेस अपना उम्मीदवार वापस नहीं लेगी” और पार्टी मिलन प्रधान की ओर से चुनाव लड़ेगी। उन्होंने आरोप लगाया कि पुलिस उम्मीदवार पर चुनाव से हटने का दबाव बना रही है। कांग्रेस महासचिव ने यह भी कहा कि पार्टी इस मामले को देशभर में उठाएगी और नंदीग्राम की घटना को राष्ट्रीय राजनीतिक मुद्दा बनाएगी।

मिलन प्रधान को शुक्रवार को पूर्व मेदिनीपुर जिले के चांदीपुर स्थित एक होटल से गिरफ्तार किए जाने की जानकारी सामने आई। उनके खिलाफ कार्रवाई 2007 के नंदीग्राम भूमि अधिग्रहण आंदोलन से जुड़े एक पुराने हत्या के मामले में हुई है। कांग्रेस से जुड़े सूत्रों के अनुसार, प्रधान का नाम नंदीग्राम आंदोलन से जुड़े 12 से अधिक मामलों में आया है। दूसरी ओर, रिपोर्टों के अनुसार पुलिस की कार्रवाई एक लंबित कानूनी मामले और वारंट से जुड़ी बताई गई है।

इस गिरफ्तारी का समय राजनीतिक विवाद का सबसे बड़ा कारण बन गया है। शुक्रवार को ही ममता बनर्जी के नेतृत्व वाले तृणमूल कांग्रेस गुट ने नंदीग्राम से अपने उम्मीदवार को मैदान से हटाने के बाद कांग्रेस उम्मीदवार मिलन प्रधान को समर्थन देने का ऐलान किया था। इसके कुछ ही समय बाद प्रधान की गिरफ्तारी की खबर सामने आई। इसी क्रम को लेकर कांग्रेस और ममता बनर्जी ने सवाल उठाए हैं। हालांकि, गिरफ्तारी का समय अपने आप में यह साबित नहीं करता कि कार्रवाई राजनीतिक कारणों से की गई थी।

ममता बनर्जी की ओर से समर्थन का फैसला भी नंदीग्राम के चुनावी समीकरण में बड़ा बदलाव माना जा रहा है। उनके गुट की उम्मीदवार संचिता प्रधान डे ने अपना नामांकन वापस ले लिया, जिसके बाद ममता ने कांग्रेस उम्मीदवार का समर्थन किया। इसके बाद मिलन प्रधान की गिरफ्तारी ने इस पूरे घटनाक्रम को और ज्यादा विवादित बना दिया।

कांग्रेस ने गिरफ्तारी को चुनाव से जोड़ते हुए कहा है कि उसका उम्मीदवार पीछे नहीं हटेगा। वेणुगोपाल ने कहा कि कांग्रेस के नेता और कार्यकर्ता मिलन प्रधान के लिए प्रचार करेंगे। पार्टी का आरोप है कि कार्रवाई का उद्देश्य विपक्षी उम्मीदवार पर दबाव बनाना है। इन आरोपों को फिलहाल कांग्रेस का पक्ष मानना जरूरी है; मामले की कानूनी प्रक्रिया में अदालत के सामने गिरफ्तारी के आधार और आरोपों की जांच होगी।

वहीं बंगाल BJP ने कांग्रेस के आरोपों को खारिज किया है। BJP की ओर से कहा गया कि मिलन प्रधान के खिलाफ कई मामले दर्ज हैं और गिरफ्तारी कानून-व्यवस्था से जुड़ी कार्रवाई है, राजनीतिक बदले की कार्रवाई नहीं। इसलिए इस पूरे मामले में दो अलग-अलग दावे सामने हैं—कांग्रेस गिरफ्तारी के समय और चुनावी संदर्भ पर सवाल उठा रही है, जबकि BJP इसे लंबित मामलों से जुड़ी कानूनी कार्रवाई बता रही है।

अब नंदीग्राम का उपचुनाव केवल एक विधानसभा सीट का मुकाबला नहीं रह गया है। 6 अक्टूबर को होने वाले उपचुनाव से पहले उम्मीदवार की गिरफ्तारी, ममता का कांग्रेस को समर्थन और कांग्रेस का उम्मीदवार वापस नहीं लेने का फैसला—इन तीन घटनाओं ने चुनाव को राष्ट्रीय राजनीतिक बहस का विषय बना दिया है। आने वाले दिनों में यह देखना महत्वपूर्ण होगा कि अदालत की प्रक्रिया क्या दिशा लेती है और चुनाव आयोग इस घटनाक्रम पर क्या रुख अपनाता है।

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