Home » International » इजरायल पर 12 देशों का बड़ा दबाव: बस्तियों के सामान पर प्रतिबंध, ब्रिटेन से भिड़ा इजरायल

इजरायल पर 12 देशों का बड़ा दबाव: बस्तियों के सामान पर प्रतिबंध, ब्रिटेन से भिड़ा इजरायल

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | लंदन | 9 सितंबर 2026

वेस्ट बैंक की बस्तियों के खिलाफ यूरोप-कनाडा का बड़ा कदम

वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों के विस्तार को लेकर अंतरराष्ट्रीय दबाव तेजी से बढ़ रहा है। ब्रिटेन, फ्रांस, कनाडा समेत 12 देशों ने कब्जे वाले वेस्ट बैंक में इजरायली बस्तियों से होने वाले सामान के व्यापार पर प्रतिबंध लगाने या ऐसे प्रतिबंधों का समर्थन करने की घोषणा की है। इन देशों का कहना है कि वेस्ट बैंक में इजरायल की गतिविधियां दो-राष्ट्र समाधान की संभावना को कमजोर कर रही हैं। ब्रिटेन ने साफ किया है कि अब वह केवल अन्याय और हिंसा की आलोचना करने तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि आर्थिक स्तर पर भी कार्रवाई करेगा।

ब्रिटेन का बड़ा फैसला—बस्ती उत्पादों के आयात पर रोक

ब्रिटेन के विदेश मंत्री एड मिलिबैंड ने संसद में घोषणा की कि ब्रिटेन वेस्ट बैंक की इजरायली बस्तियों से आने वाले सामान के आयात पर प्रतिबंध लगाएगा। उन्होंने कहा कि बस्तियों का विस्तार और जमीन पर बनती नई परिस्थितियां दो-राष्ट्र समाधान को लगातार मुश्किल बना रही हैं। ब्रिटेन के अनुसार, अब केवल बयान देना पर्याप्त नहीं है और उसे इस मुद्दे पर ठोस कदम उठाना होगा।

ब्रिटेन के साथ फ्रांस और कनाडा भी बस्ती उत्पादों पर प्रतिबंध लगाने की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं। वहीं डेनमार्क, फिनलैंड, आइसलैंड, पोलैंड, पुर्तगाल और स्वीडन ने आगे की कार्रवाई का समर्थन करने की प्रतिबद्धता जताई है। 12 देशों के संयुक्त बयान में कहा गया है कि वेस्ट बैंक में इजरायल सरकार की कार्रवाई दो-राष्ट्र समाधान की संभावना को नुकसान पहुंचा रही है।

ALSO READ  अमेरिका में रोजगार का झटका: आर्थिक संकट का इशारा

इजरायल का पलटवार—ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद

ब्रिटेन के फैसले पर इजरायल ने बेहद तीखी प्रतिक्रिया दी है। इजरायल के विदेश मंत्री गिदोन सार ने ब्रिटिश सरकार के आरोपों को “झूठ” बताते हुए कहा कि इजरायल के पास जवाब देने के अलावा कोई विकल्प नहीं बचा है। उन्होंने घोषणा की कि कब्जे वाले पूर्वी यरुशलम में ब्रिटिश वाणिज्य दूतावास बंद किया जाएगा।

इसके अलावा इजरायल ने गाजा में अमेरिका के नेतृत्व वाले समन्वय मिशन से ब्रिटिश प्रतिनिधियों को हटाने, वेस्ट बैंक में फिलिस्तीनी प्राधिकरण की सुरक्षा बलों को ब्रिटेन द्वारा दिए जा रहे प्रशिक्षण को समाप्त करने और कुछ ब्रिटिश निर्वाचित नेताओं तथा अन्य नागरिकों के इजरायल प्रवेश पर रोक लगाने की भी घोषणा की है।

फ्रांस बोला—वेस्ट बैंक विस्फोटक स्थिति के करीब

फ्रांस के विदेश मंत्री जीन-नोएल बारो ने कहा कि फ्रांस भी फिलिस्तीन में इजरायली बस्तियों के साथ अपना व्यापार खत्म करने की दिशा में आगे बढ़ेगा। उन्होंने इसकी वजह बताते हुए कहा कि वेस्ट बैंक “विस्फोटक स्थिति के करीब” है, बस्तियों का विस्तार तेजी से हो रहा है और फिलिस्तीनियों के खिलाफ हिंसा बढ़ रही है।

यानी यह अब केवल ब्रिटेन और इजरायल के बीच विवाद नहीं है। यूरोप के कई देश एक साझा आर्थिक दबाव की दिशा में बढ़ रहे हैं।

ब्रिटेन की नीति में बड़ा बदलाव

ब्रिटिश विदेश मंत्री ने यह भी कहा कि ब्रिटेन अब वेस्ट बैंक पर इजरायली कब्जे को अवैध मानता है। उन्होंने संसद में वेस्ट बैंक के कुछ इलाकों में फिलिस्तीनियों के जातीय विस्थापन यानी “एथनिक क्लीनजिंग” का भी आरोप लगाया। संयुक्त राष्ट्र के विशेष रैपोर्टर फ्रांसेस्का अल्बानीज़ ने ब्रिटेन के इस रुख को उसकी नीति में “बड़ा बदलाव” बताया और कहा कि यह इजरायली कब्जे पर ब्रिटेन की अब तक की सबसे कड़ी आलोचनाओं में से एक है।

ALSO READ  चीन पर नरम पड़े हेगसेथ, फिर भी इंडो-पैसिफिक में अमेरिकी दबदबा कायम रखने का संदेश

यहां ध्यान देने वाली बात यह है कि “एथनिक क्लीनजिंग” का इस्तेमाल ब्रिटिश सरकार के आकलन और आरोप के रूप में किया गया है; इसे सभी पक्षों द्वारा स्वीकार किया गया तथ्य नहीं माना जाता।

बस्तियों में करीब 7.8 लाख इजरायली बसने वालों का दावा

फिलिस्तीनी अधिकारियों के अनुसार, वेस्ट बैंक और पूर्वी यरुशलम में अब लगभग 7.8 लाख इजरायली बसने वाले रह रहे हैं। बस्तियों और आउटपोस्ट के विस्तार को लेकर मानवाधिकार संगठनों की लंबे समय से चिंता रही है। आरोप है कि कुछ इलाकों में फिलिस्तीनी परिवारों पर दबाव, उनकी जमीन पर कब्जे, पानी और अन्य बुनियादी सुविधाओं तक पहुंच में बाधा तथा संपत्ति को नुकसान पहुंचाने जैसी घटनाएं बढ़ी हैं।

इजरायली बस्तियों को अंतरराष्ट्रीय कानून के तहत अवैध माना जाता है। इजरायल इस कानूनी स्थिति को स्वीकार नहीं करता और वेस्ट बैंक की अंतिम स्थिति को बातचीत के जरिए तय करने की बात करता है।

सबसे बड़ा सवाल—क्या आर्थिक प्रतिबंध वास्तव में बस्ती विस्तार रोक पाएंगे?

ब्रिटेन और उसके सहयोगी देशों का कदम राजनीतिक संदेश से कहीं आगे जा सकता है, लेकिन इसकी वास्तविक आर्थिक ताकत अभी स्पष्ट नहीं है। ब्रिटेन और इजरायल के बीच सालाना करीब 6 अरब पाउंड यानी 8 अरब डॉलर से अधिक का द्विपक्षीय व्यापार है। हालांकि बस्ती उत्पादों पर प्रतिबंध का असर पूरे इजरायली व्यापार पर कितना पड़ेगा, यह इस बात पर निर्भर करेगा कि ब्रिटेन बस्ती में बने सामान और इजरायल के अंदर बने सामान के बीच अंतर को कितनी प्रभावी तरीके से लागू करता है।

एक तरफ 12 देश आर्थिक दबाव बढ़ा रहे हैं, दूसरी तरफ इजरायल राजनयिक जवाबी कार्रवाई कर रहा है। सवाल अब सिर्फ यह नहीं है कि बस्ती उत्पाद यूरोपीय बाजार में बिकेंगे या नहीं—सवाल यह है कि क्या यह अंतरराष्ट्रीय दबाव वेस्ट बैंक में जमीन पर बदलती स्थिति, हिंसा और बस्ती विस्तार को रोक पाएगा?

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *