Home » International » भारत से रिश्ते पर ईरान का बड़ा बयान: ‘पुराने, ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध’, चाबहार पर भी हुई बात

भारत से रिश्ते पर ईरान का बड़ा बयान: ‘पुराने, ऐतिहासिक और सभ्यतागत संबंध’, चाबहार पर भी हुई बात

अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | 8 सितंबर 2026

मोदी-पेजेशकियन मुलाकात के बाद तेहरान ने भारत से रिश्तों को बताया बेहद महत्वपूर्ण

प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और ईरान के राष्ट्रपति मसूद पेजेशकियन की एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान हुई मुलाकात के कुछ दिनों बाद ईरान ने भारत के साथ अपने संबंधों को लेकर महत्वपूर्ण बयान दिया है। ईरान के विदेश मंत्रालय के प्रवक्ता इस्माइल बघाई ने भारत के साथ संबंधों को “पुराना, ऐतिहासिक और सभ्यतागत” बताते हुए कहा कि तेहरान इन रिश्तों को बहुत महत्व देता है। उन्होंने कहा कि दोनों देशों के बीच व्यापार और आर्थिक सहयोग सहित कई क्षेत्रों में अच्छे संबंध हैं और भारत शंघाई सहयोग संगठन तथा ब्रिक्स दोनों का सदस्य है। बघाई का यह बयान ऐसे समय आया है जब पश्चिम एशिया में ईरान और अमेरिका-इजरायल के बीच तनाव बना हुआ है और भारत सभी पक्षों के साथ अपने रणनीतिक और आर्थिक हितों को संतुलित करने की कोशिश कर रहा है।

चाबहार बंदरगाह पर भी चर्चा

ईरानी विदेश मंत्रालय के अनुसार, भारत और ईरान के बीच होने वाली नियमित बातचीत में चाबहार बंदरगाह लगातार महत्वपूर्ण मुद्दा रहता है। बघाई ने कहा कि चाबहार दोनों देशों के लिए महत्वपूर्ण है और भारत-ईरान संबंध लगातार विकसित हो रहे हैं। भारत के लिए चाबहार केवल एक बंदरगाह परियोजना नहीं है, बल्कि मध्य एशिया और अफगानिस्तान तक वैकल्पिक संपर्क उपलब्ध कराने के लिहाज से भी इसका रणनीतिक महत्व है। ऐसे समय में जब क्षेत्रीय परिस्थितियां तेजी से बदल रही हैं, चाबहार पर सहयोग भारत और ईरान के बीच आर्थिक तथा रणनीतिक संपर्क का अहम हिस्सा बना हुआ है।

ALSO READ  व्यापार असंतुलन के बीच चीन-जर्मनी रिश्तों को रीसेट करने की कोशिश, बीजिंग में अहम वार्ता

मोदी-पेजेशकियन की मुलाकात में क्षेत्रीय हालात पर भी बात

किर्गिज गणराज्य में हुए एससीओ शिखर सम्मेलन के दौरान प्रधानमंत्री मोदी ने ईरानी राष्ट्रपति पेजेशकियन से मुलाकात की थी। प्रधानमंत्री कार्यालय के अनुसार, भारत ने ईरान के साथ लंबे समय से चले आ रहे मैत्रीपूर्ण संबंधों को विभिन्न क्षेत्रों में और मजबूत करने की प्रतिबद्धता दोहराई। प्रधानमंत्री मोदी ने सोशल मीडिया पर बताया कि दोनों नेताओं ने क्षेत्रीय स्थिति पर भी चर्चा की और जारी संघर्ष के बीच स्थायी शांति के प्रयासों के लिए भारत के समर्थन पर बातचीत हुई।

अमेरिका की भी नजर, रूबियो ने प्रतिबंधों का मुद्दा उठाया

भारत और ईरान के बीच बढ़ते संपर्क पर अमेरिका की भी नजर है। अमेरिकी विदेश मंत्री मार्को रूबियो ने एक साक्षात्कार में कहा कि उन्हें भारत और ईरान के बीच किसी व्यापार समझौते की जानकारी नहीं है, लेकिन उन्होंने यह भी कहा कि दुनिया के देश अपनी-अपनी विदेश नीति बनाते हैं और कई देश ईरान से बातचीत करते हैं। साथ ही उन्होंने अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप की स्थिति दोहराते हुए कहा कि किसी भी देश को ईरान को अमेरिकी प्रतिबंधों से बचने में मदद नहीं करनी चाहिए। इससे स्पष्ट है कि भारत-ईरान संबंधों को लेकर नई दिल्ली को अपने आर्थिक और रणनीतिक हितों के साथ अमेरिकी प्रतिबंधों से जुड़े दबाव को भी ध्यान में रखना पड़ रहा है।

भारत की संतुलित विदेश नीति पर फिर दुनिया की नजर

ईरान का यह बयान भारत के लिए इसलिए महत्वपूर्ण है क्योंकि नई दिल्ली एक ओर ईरान के साथ अपने ऐतिहासिक, आर्थिक और रणनीतिक संबंध बनाए रखना चाहती है, वहीं दूसरी ओर अमेरिका के साथ भी भारत के रिश्ते लगातार महत्वपूर्ण बने हुए हैं। ऐसे माहौल में भारत का जोर किसी एक खेमे का हिस्सा बनने के बजाय अपने राष्ट्रीय हितों के आधार पर अलग-अलग देशों के साथ संबंध बनाए रखने पर दिखाई देता है। चाबहार से लेकर व्यापार और क्षेत्रीय शांति तक भारत-ईरान संबंधों का दायरा बड़ा है, लेकिन आगे की राह में अमेरिकी प्रतिबंध और पश्चिम एशिया का बदलता संकट बड़ी चुनौती बने रह सकते हैं।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *