महिला | ABC NATIONAL NEWS | फरीदाबाद | 8 सितंबर 2026
महिलाओं के हुनर को आत्मनिर्भरता से जोड़ने की सार्थक पहल
महिलाओं को हुनर, सम्मान, आत्मविश्वास और आर्थिक आत्मनिर्भरता से जोड़ने की दिशा में ‘एक हाथ सब साथ ट्रस्ट’ ने फरीदाबाद में एक दिवसीय महिला सशक्तिकरण एवं आधुनिक सिलाई प्रशिक्षण कार्यशाला का आयोजन किया। कार्यशाला में महिलाओं को आधुनिक सिलाई तकनीक का प्रशिक्षण देने के साथ उनके अधिकारों, नेतृत्व क्षमता, आत्मसम्मान और आर्थिक स्वतंत्रता से जुड़े महत्वपूर्ण विषयों पर भी जानकारी दी गई। कार्यक्रम का उद्देश्य केवल सिलाई सिखाना नहीं, बल्कि महिलाओं के हाथों में ऐसा हुनर देना रहा, जिसे वे आगे चलकर रोजगार, स्वरोजगार और अपने आर्थिक विकास का माध्यम बना सकें। ट्रस्ट की इस पहल के पीछे यही सोच दिखाई दी कि जब किसी महिला के पास हुनर और उसे इस्तेमाल करने का आत्मविश्वास होता है, तो वह अपने परिवार के लिए सहारा बनने के साथ समाज में भी अपनी मजबूत पहचान बना सकती है।
पुरानी मशीन से आधुनिक तकनीक तक की जानकारी
कार्यशाला के दौरान महिलाओं को पारंपरिक हस्तचालित सिलाई मशीन और आधुनिक स्वचालित सिलाई मशीनों के बीच अंतर को व्यावहारिक तरीके से समझाया गया। प्रशिक्षण में बताया गया कि आधुनिक तकनीक के इस्तेमाल से समय और मेहनत की बचत के साथ सिलाई में बेहतर सटीकता, गुणवत्ता और फिनिशिंग हासिल की जा सकती है। आज के बाजार में अच्छी गुणवत्ता और कम समय में बेहतर काम करने की जरूरत लगातार बढ़ रही है। ऐसे में आधुनिक सिलाई तकनीक महिलाओं के लिए घर से काम शुरू करने, छोटे स्तर पर अपना कारोबार खड़ा करने और धीरे-धीरे स्वरोजगार को आगे बढ़ाने का मजबूत माध्यम बन सकती है। प्रशिक्षण का यह पहलू महिलाओं को पारंपरिक हुनर से आगे बढ़कर बदलते बाजार और रोजगार की नई जरूरतों से जोड़ने की दिशा में महत्वपूर्ण रहा।
‘हुनरमंद महिला पूरे परिवार की ताकत’
कार्यक्रम को संबोधित करते हुए ट्रस्ट के वरिष्ठ सदस्य सांवरिया जी ने महिलाओं के हुनर और आर्थिक स्वतंत्रता के महत्व पर जोर दिया। उन्होंने कहा कि एक हुनरमंद महिला केवल अपने परिवार के लिए आर्थिक सहारा नहीं बनती, बल्कि वह आने वाली पीढ़ियों के बेहतर भविष्य की मजबूत नींव भी तैयार करती है। उन्होंने कहा कि आर्थिक आत्मनिर्भरता महिला के आत्मविश्वास और स्वाभिमान को मजबूत करती है। जब महिला अपने हुनर के दम पर आगे बढ़ती है, तो उसका लाभ केवल उसे ही नहीं बल्कि पूरे परिवार और समाज को मिलता है। उनका संदेश साफ था कि महिलाओं को अवसर और प्रशिक्षण दिया जाए तो वे अपनी मेहनत और प्रतिभा के दम पर अपने लिए नई राह बना सकती हैं।
कार्यक्रम को सफल बनाने में टीम की महत्वपूर्ण भूमिका
कार्यशाला के सफल आयोजन और संचालन में शिवानी जी, मीनू जी, मीनाक्षी जी और उनकी पूरी टीम का विशेष योगदान रहा। ट्रस्ट की सक्रिय सहयोगी चंपा जी ने भी कार्यक्रम में बढ़-चढ़कर हिस्सा लिया और महिलाओं को प्रशिक्षण से जुड़ने तथा अपने हुनर को रोजगार का माध्यम बनाने के लिए प्रोत्साहित किया। कार्यक्रम में महिलाओं की सक्रिय भागीदारी ने यह भी दिखाया कि सही मार्गदर्शन और व्यावहारिक प्रशिक्षण मिलने पर महिलाएं नए कौशल सीखने और उन्हें अपने जीवन में उतारने के लिए पूरी तरह तैयार हैं।
समापन पर महिलाओं का बढ़ाया उत्साह
कार्यक्रम के समापन पर ट्रस्ट के सम्मानित सदस्य नागर जी ने उपस्थित महिलाओं का उत्साहवर्धन किया। उन्होंने कार्यशाला को सफल बनाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाने वाली मीनाक्षी जी, चंपा जी और पूरी टीम का आभार व्यक्त किया। इस दौरान महिलाओं को आगे भी सीखने, अपने हुनर को निखारने और उसे आत्मनिर्भरता का आधार बनाने के लिए प्रेरित किया गया। कार्यक्रम का संदेश यही रहा कि किसी महिला को मजबूत बनाने के लिए केवल सहायता देना पर्याप्त नहीं है, बल्कि उसे ऐसा कौशल और अवसर देना जरूरी है, जिसके सहारे वह स्वयं अपने भविष्य को बेहतर बना सके।
हुनर से स्वाभिमान और स्वावलंबन की नई राह
‘एक हाथ सब साथ ट्रस्ट’ महिलाओं को कौशल विकास, आधुनिक तकनीक और स्वावलंबन से जोड़ने के अपने प्रयासों को आगे बढ़ा रहा है। सिलाई जैसे व्यावहारिक हुनर को आधुनिक तकनीक और रोजगार की संभावनाओं से जोड़ने की यह पहल महिलाओं के लिए घर से काम शुरू करने और धीरे-धीरे आर्थिक रूप से मजबूत बनने का रास्ता खोल सकती है। आखिरकार, हुनर केवल हाथों को काम नहीं देता, वह आत्मविश्वास देता है, सम्मान देता है और अपने फैसले खुद लेने की ताकत भी देता है। यही आत्मनिर्भरता मजबूत महिला, मजबूत परिवार और मजबूत समाज की नींव बनती है।




