राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 19 अगस्त 2026
बीजेपी के पूर्व प्रवक्ता शहजाद पूनावाला ने पार्टी से अपने इस्तीफे को लेकर खुलकर बात की है। उन्होंने कहा कि उनके फैसले के पीछे आर्थिक दबाव एक बड़ी वजह रहा। एक इंटरव्यू में पूनावाला ने साफ कहा कि उन्हें अपना किराया देना है और सिर्फ बीजेपी से जुड़े होने के कारण मकान मालिक उन्हें मुफ्त में घर नहीं देगा।
पूनावाला ने कहा कि बीजेपी या कोई दूसरी राजनीतिक पार्टी अपने प्रवक्ताओं को वेतन नहीं देती। उन्होंने बताया कि पार्टी से इस्तीफा देने या निजी क्षेत्र में जाने का विचार उनके मन में 2024 से ही चल रहा था। उनके मुताबिक, लगातार 24 घंटे और साल के 365 दिन काम करने वाली यह भूमिका अब आर्थिक रूप से उनके लिए टिकाऊ नहीं रह गई थी।
जब उनसे पूछा गया कि क्या आर्थिक परिस्थितियां उनके इस्तीफे की मुख्य वजह थीं, तो उन्होंने इसका सीधा जवाब दिया—“बिल्कुल।”
अपने फैसले को समझाते हुए पूनावाला ने ‘न लेता हूं, न किसी का बेटा हूं’ जैसी बात कही। उन्होंने कहा कि वह किसी राजनीतिक परिवार की विरासत से नहीं आते और न ही किसी बड़े नेता के बेटे हैं। उनका कहना था कि उन्हें पार्टी में रहने से आर्थिक लाभ नहीं मिल रहा था और उन्हें अपने भविष्य के लिए दूसरे विकल्प तलाशने थे।
पूनावाला ने इस बात से भी इनकार किया कि बीजेपी की नई संगठनात्मक टीम में जगह नहीं मिलने से वह नाराज थे। उन्होंने कहा कि एक प्रवक्ता के तौर पर संगठन की ऐसी नियुक्तियों में उनकी कोई भूमिका नहीं होती और न ही उन्हें नई टीम में शामिल होने की उम्मीद थी।
हाल ही में बीजेपी ने अपनी नई संगठनात्मक टीम की घोषणा की है, जिसमें 13 उपाध्यक्षों को शामिल किया गया। इस टीम में स्मृति ईरानी और राम माधव जैसे चर्चित नेताओं की वापसी भी हुई है।
शहजाद पूनावाला ने सोमवार को बीजेपी अध्यक्ष नितिन नबीन को अपना इस्तीफा सौंपा था। उन्होंने पार्टी के सभी पदों के साथ प्राथमिक सदस्यता से भी इस्तीफा दे दिया। इससे पहले 30 जुलाई को उन्होंने इस्तीफे की पेशकश की थी, लेकिन पार्टी ने उन्हें फैसले पर पुनर्विचार करने को कहा था।
पूनावाला ने कहा कि काफी सोच-विचार के बाद उन्होंने अपने फैसले पर कायम रहने का निर्णय लिया। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि वह पार्टी की व्यवस्था यानी संगठन से अलग हो रहे हैं, लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी और बीजेपी के विचारों तथा काम का जहां संभव होगा, समर्थन करते रहेंगे।
उन्होंने कहा कि वह अब निजी क्षेत्र में नए अवसर तलाशेंगे। उनके इस्तीफे के बाद पिछले कुछ समय से चल रही अटकलों को भी विराम मिला है। पिछले महीने उनके एक्स प्रोफाइल में बीजेपी से जुड़ा उल्लेख हटाए जाने के बाद उनके पार्टी छोड़ने की चर्चा तेज हो गई थी।




