Home » National » झारखंड में छात्र आंदोलन जारी, सरकार से वार्ता बेनतीजा; 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर अड़े अभ्यर्थी

झारखंड में छात्र आंदोलन जारी, सरकार से वार्ता बेनतीजा; 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने पर अड़े अभ्यर्थी

भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों के खिलाफ 15वें दिन भी प्रदर्शन तेज, JPSC के तीन मौजूदा सदस्यों को CID का नोटिस; 10 अगस्त को विधानसभा घेराव की तैयारी

राष्ट्रीय/झारखंड/शिक्षा | ABC NATIONAL NEWS | 8 अगस्त 2026

झारखंड में सरकारी नौकरी की भर्ती परीक्षाओं में कथित अनियमितताओं और पेपर लीक के आरोपों को लेकर छात्रों का आंदोलन 15वें दिन भी जारी रहा। सरकार ने प्रदर्शनकारी छात्रों के अलग-अलग गुटों से बातचीत शुरू की है, लेकिन शनिवार को हुई बैठकों के बाद भी गतिरोध खत्म नहीं हुआ। अभ्यर्थियों ने स्पष्ट किया है कि 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करने समेत प्रमुख मांगें पूरी होने तक आंदोलन जारी रहेगा।

सरकार ने अलग-अलग छात्र गुटों से की बातचीत

राज्य सरकार की पांच सदस्यीय समिति ने शनिवार को JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो के नेतृत्व वाले प्रदर्शनकारी गुट से बातचीत की। इसके बाद कांग्रेस समर्थित NSUI, ACS और JCM से जुड़े छात्र प्रतिनिधियों के साथ भी चर्चा हुई। इससे एक दिन पहले शुक्रवार को सरकार ने JPSC-JSSC Reforms Manch के 10 सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल से करीब दो घंटे बातचीत की थी, लेकिन उस बैठक में भी कोई ठोस सहमति नहीं बन सकी।

सरकार की ओर से मंत्री संजय प्रसाद यादव ने कहा कि प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों की मांगें गंभीर हैं और उन्हें मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन के सामने रखा जाएगा।

‘मांगें पूरी होने तक नहीं खत्म होगा आंदोलन’

सरकार के साथ बातचीत के बाद अभ्यर्थियों ने कहा कि उन्हें जल्द निर्णय लेने का आश्वासन मिला है, लेकिन केवल आश्वासन के आधार पर आंदोलन समाप्त नहीं किया जाएगा। छात्रों की प्रमुख मांगों में 14वीं JPSC परीक्षा रद्द करना, कथित अनियमितताओं की स्वतंत्र जांच और विवादित परीक्षा एजेंसियों की भूमिका की समीक्षा शामिल है।

JLKM नेता देवेंद्र नाथ महतो ने कहा कि यदि TDPL एजेंसी द्वारा कराई गई परीक्षाओं को रद्द किया जाता है, तो वह अपना अनशन समाप्त करेंगे। महतो पिछले सात दिनों से भूख हड़ताल पर हैं।

2022 से TDPL की परीक्षाओं की जांच की मांग

प्रदर्शनकारी छात्रों ने TSR Data Processing Private Limited यानी TDPL के माध्यम से वर्ष 2022 से कराई गई JPSC परीक्षाओं की समीक्षा की मांग उठाई है। छात्रों का आरोप है कि एजेंसी की भूमिका को लेकर गंभीर सवाल हैं।

अभ्यर्थियों ने यह भी आरोप लगाया है कि TDPL के पूर्व मार्केटिंग मैनेजर अभय तिवारी ने JSSC CGL और PGT सहित कुछ परीक्षाओं में हिस्सा लिया था। छात्रों का कहना है कि इन परीक्षाओं की भी निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।

JPSC के तीन सदस्यों को CID का नोटिस

छात्र आंदोलन के बीच झारखंड CID की जांच भी आगे बढ़ रही है। कथित परीक्षा अनियमितताओं की जांच कर रही CID ने JPSC के तीन मौजूदा सदस्यों—अजीता भट्टाचार्य, अनीमा हांसदा और जमाल अहमद—को पूछताछ के लिए नोटिस जारी किया है।

तीनों को क्रमशः 10, 12 और 14 अगस्त को जांच एजेंसी के समक्ष पेश होने के लिए कहा गया है।

जांच में यह भी देखा जा रहा है कि TDPL को परीक्षा आयोजित करने के लिए किस प्रक्रिया और आधार पर चयनित किया गया, जबकि एजेंसी के पूर्व में ब्लैकलिस्ट किए जाने से जुड़े सवाल सामने आए हैं।

छात्रों से सुझाव मांगेगी सरकार

सरकार ने छात्रों और अन्य हितधारकों से सीधे सुझाव लेने के लिए एक ई-मेल आईडी भी जारी की है। मंत्री सुदिव्य कुमार सोनू ने कहा कि सरकार विभिन्न छात्र संगठनों से लगातार बातचीत करेगी और उनके सुझावों के आधार पर भर्ती परीक्षा व्यवस्था में सुधार के लिए नीति तैयार करने की कोशिश करेगी।

सरकार का कहना है कि सभी पक्षों से बातचीत के बाद सामूहिक निर्णय तक पहुंचने का प्रयास किया जा रहा है।

10 अगस्त को विधानसभा घेराव का ऐलान

सरकार से बातचीत के बावजूद आंदोलनकारी संगठनों ने अपना अगला कार्यक्रम तय कर दिया है। JPSC-JSSC Reforms Manch ने 10 अगस्त को झारखंड विधानसभा के घेराव का ऐलान किया है। संगठन ने राज्यभर के छात्रों से इसमें शामिल होने की अपील की है।

इसी बीच ABVP कार्यकर्ताओं ने भी छात्रों के समर्थन में मुख्यमंत्री आवास की ओर मार्च किया। पुलिस के साथ टकराव के बाद कई प्रदर्शनकारियों को हिरासत में लिए जाने की बात सामने आई।

AISA ने भी बनाया अलग मंच

रांची के जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम में चल रहे आंदोलन में अब विभिन्न छात्र संगठनों की भागीदारी बढ़ रही है। शनिवार को ऑल इंडिया स्टूडेंट्स एसोसिएशन (AISA) ने भी अपना अलग मंच बनाया।

AISA की राष्ट्रीय अध्यक्ष नेहा बोरा ने प्रदर्शन में शामिल होकर 14वीं JPSC और JSSC-CGL परीक्षाओं को रद्द करने की मांग उठाई। इसके साथ ही प्रदर्शन स्थल पर आंदोलन से जुड़े तीन अलग-अलग मंच सक्रिय हो गए हैं।

हालांकि संगठनों के बीच मतभेदों के बावजूद भर्ती परीक्षाओं में कथित गड़बड़ियों की जांच और परीक्षा व्यवस्था में सुधार उनकी प्रमुख मांगों में शामिल हैं।

पियूष मिश्रा ने छात्रों से की मुलाकात

अभिनेता और गायक पियूष मिश्रा भी शनिवार को जयपाल सिंह मुंडा स्टेडियम पहुंचे और प्रदर्शनकारी अभ्यर्थियों से मुलाकात की। उन्होंने छात्रों के आंदोलन के प्रति समर्थन जताया और कहा कि वे बिना राजनीतिक भागीदारी के लंबे समय से अपनी मांगों को लेकर संघर्ष कर रहे हैं।

उन्होंने अपनी ओर से छात्रों को हरसंभव सहयोग देने की बात कही।

अब सरकार के सामने बड़ी चुनौती

झारखंड सरकार के सामने अब आंदोलन को समाप्त कराने के साथ-साथ भर्ती परीक्षा व्यवस्था में उठे गंभीर सवालों का जवाब देने की चुनौती है। छात्रों की मांगें केवल एक परीक्षा को रद्द करने तक सीमित नहीं हैं, बल्कि वे भर्ती प्रक्रिया की पारदर्शिता, परीक्षा एजेंसियों की जवाबदेही और स्वतंत्र जांच की मांग भी कर रहे हैं।

दूसरी ओर, CID की ओर से JPSC के तीन मौजूदा सदस्यों को पूछताछ के लिए बुलाया जाना मामले की गंभीरता को बढ़ाता है। सरकार की बातचीत और जांच दोनों आगे बढ़ रहे हैं, लेकिन छात्रों को ठोस निर्णय का इंतजार है।

10 अगस्त का प्रस्तावित विधानसभा घेराव, देवेंद्र नाथ महतो की जारी भूख हड़ताल और CID की जांच—आने वाले दिनों में ये तीनों घटनाक्रम झारखंड के छात्र आंदोलन की दिशा तय कर सकते हैं। सरकार के सामने अब सबसे बड़ी चुनौती यही है कि वह छात्रों की मांगों पर समयबद्ध, पारदर्शी और विश्वसनीय कार्रवाई का रास्ता निकाले, ताकि लंबे समय से चल रहा यह आंदोलन और व्यापक रूप न ले।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted