राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली 3 अगस्त 2026
NEET पेपर लीक के खिलाफ हुए CJP आंदोलन में शामिल छात्रों को बड़ी कानूनी राहत मिलने का रास्ता साफ हो गया है। सुप्रीम कोर्ट ने सोमवार को स्पष्ट किया कि उसका 28 जुलाई का आदेश दिल्ली सरकार या देश के किसी अन्य राज्य को छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज FIR से जुड़ी कार्यवाही कानून के मुताबिक बंद करने या वापस लेने से नहीं रोकता।
केंद्र बोला—अपने आश्वासन को लेकर गंभीर
सुप्रीम कोर्ट में सुनवाई के दौरान केंद्र सरकार ने कहा कि वह CJP को दिए गए अपने आश्वासन को लेकर “गंभीर” है। सरकार ने NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शनों में शामिल छात्रों को राहत देने का भरोसा दिया था। इसमें दिल्ली में 20 जुलाई को हुआ संसद मार्च और उसके बाद विभिन्न राज्यों में हुए प्रदर्शन भी शामिल हैं।
राज्य सरकारें कानून के मुताबिक ले सकेंगी फैसला
सुप्रीम कोर्ट की स्पष्टता के बाद दिल्ली और अन्य संबंधित राज्य सरकारों के सामने छात्र प्रदर्शनकारियों के खिलाफ दर्ज मामलों पर कानून के मुताबिक फैसला लेने का रास्ता खुल गया है। जहां कानूनी रूप से संभव होगा, वहां FIR से जुड़ी कार्यवाही बंद या मामले वापस लिए जा सकते हैं।
पुलिस कार्रवाई के बाद देशभर में उठा था विवाद
CJP आंदोलन के दौरान छात्रों के खिलाफ पुलिस कार्रवाई और मुकदमों को लेकर देशभर में राजनीतिक विवाद खड़ा हुआ था। विपक्षी दलों और छात्र संगठनों ने कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए छात्रों के खिलाफ दर्ज मामले वापस लेने की मांग की थी।
अब सुप्रीम कोर्ट की इस महत्वपूर्ण स्पष्टता के बाद नजर केंद्र, दिल्ली और संबंधित राज्य सरकारों पर है कि छात्रों को दिए गए राहत के आश्वासन को जमीन पर कितनी जल्दी अमल में लाया जाता है।




