नई दिल्ली | ABC NATIONAL NEWS | 2 अगस्त 2026
दिल्ली के जंतर-मंतर पर NEET पेपर लीक के खिलाफ प्रदर्शन के दौरान प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के खिलाफ कथित रूप से आपत्तिजनक टिप्पणी करने वाली 15 वर्षीय छात्रा से जुड़ा मामला एक बार फिर चर्चा में है। Cockroach Janta Party (CJP) ने दावा किया है कि छात्रा के माफी मांगने और प्रधानमंत्री मोदी द्वारा प्रदर्शनकारी छात्रों को माफ करने की बात कहे जाने के बावजूद उसके खिलाफ दर्ज FIR अब तक वापस नहीं ली गई है।
CJP की कानूनी शाखा से जुड़ी अधिवक्ता रत्ना सिंह ने कहा कि उन्होंने छात्रा की मां से बातचीत की है। उनके मुताबिक, परिवार इस बात से परेशान है कि माफी का वीडियो सामने आने के बाद भी मामला खत्म नहीं हुआ और मीडिया की ओर से लगातार सवाल किए जा रहे हैं।
रत्ना सिंह ने कहा कि CJP की ओर से परिवार को हर संभव कानूनी सहायता देने का भरोसा दिलाया गया है। जरूरत पड़ने पर छात्रा को काउंसलिंग और अन्य सहयोग उपलब्ध कराने की बात भी कही गई है।
नोएडा में दर्ज हुई थी Zero FIR
रिपोर्ट के मुताबिक, 23 जुलाई के प्रदर्शन के दौरान कथित आपत्तिजनक नारे लगाने के मामले में छात्रा के खिलाफ नोएडा के एक पुलिस स्टेशन में शिकायत की गई थी। इसके बाद Zero FIR दर्ज कर मामला नई दिल्ली के Parliament Street Police Station को स्थानांतरित कर दिया गया।
छात्रा ने बाद में वीडियो जारी कर अपनी टिप्पणी के लिए माफी मांगी थी। उसने कहा था कि प्रदर्शन के दौरान वह कुछ लोगों के प्रभाव में आ गई और उससे गलती हुई। उसने इसे अपनी “पहली और आखिरी गलती” बताते हुए देश से माफी मांगी थी।
PM मोदी बोले थे—बच्चों को सजा नहीं, सही रास्ता दिखाने की जरूरत
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने भी बाद में वीडियो संदेश जारी कर कहा था कि जंतर-मंतर पर उनके साथ-साथ उनकी दिवंगत मां के खिलाफ इस्तेमाल की गई भाषा से उन्हें दुख पहुंचा। हालांकि उन्होंने प्रदर्शनकारी युवाओं को “misguided children” बताते हुए उन्हें माफ करने की बात कही।
प्रधानमंत्री ने कहा था कि गलत रास्ते पर चले गए बच्चों को लंबे कानूनी मामलों में उलझाने या समाज में परेशान करने के बजाय उन्हें सही दिशा दिखाने की जरूरत है। उन्होंने समाज से भी युवाओं को माफ करने की अपील की थी।
मां ने पहले जताया था PM मोदी का आभार
किशोरी की मां ने प्रधानमंत्री के बयान के बाद उनका आभार जताया था। उन्होंने कहा था कि प्रधानमंत्री द्वारा उनकी बेटी को माफ किए जाने से परिवार को बड़ी राहत मिली है और बच्ची को अपनी गलती सुधारकर आगे बढ़ने का दूसरा मौका मिला है।
लेकिन अब CJP का कहना है कि परिवार इस बात को लेकर चिंतित है कि प्रधानमंत्री के सार्वजनिक रूप से माफ करने के बावजूद कानूनी प्रक्रिया समाप्त नहीं हुई है।
ऐसे में मामला अब एक नए सवाल पर आकर टिक गया है—जब प्रधानमंत्री खुद किशोरी को माफ करने और उसे सही रास्ता दिखाने की बात कह चुके हैं, तो उसके खिलाफ दर्ज FIR का आगे क्या होगा?




