राष्ट्रीय | महेंद्र सिंह | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 23 जुलाई 2026
NEET पेपर लीक विवाद पर प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की पहली प्रतिक्रिया के बाद CJP ने उन पर तीखा तंज कसा है। प्रधानमंत्री ने कहा था कि “युवाओं के हित और भविष्य से बढ़कर कुछ भी नहीं है (Nothing is more important than the welfare and future of our youth).” इसके जवाब में CJP ने सोशल मीडिया पर “My Name is Nothing” लिखकर पोस्ट साझा किया और दावा किया कि सरकार ने डेढ़ महीने तक आंदोलन को नजरअंदाज करने के बाद अब इसकी सुध ली है।
CJP के राष्ट्रीय प्रवक्ता आशुतोष रांका ने कहा कि प्रधानमंत्री का बयान स्वागत योग्य है, लेकिन इससे आंदोलन की मूल मांग पूरी नहीं होती। उनका कहना था कि केवल पेपर लीक के बाद दोषियों को सजा देने की बात करना पर्याप्त नहीं है। असली सवाल यह है कि बार-बार पेपर लीक क्यों हो रहे हैं और इसके लिए जवाबदेही किसकी तय होगी।
रांका ने दोहराया कि आंदोलन तब तक जारी रहेगा, जब तक केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान इस्तीफा नहीं देते। उन्होंने कहा कि अब यह आंदोलन केवल शिक्षा मंत्री तक सीमित नहीं रह गया है, बल्कि लोग सरकार की भूमिका पर भी सवाल उठा रहे हैं।
उधर CJP संस्थापक अभिजीत दीपके ने बताया कि तेज बुखार और शरीर में दर्द के कारण वह दिन में कुछ समय के लिए प्रदर्शन स्थल पर मौजूद नहीं रहेंगे, लेकिन शाम तक फिर जंतर-मंतर लौटेंगे। उन्होंने कहा कि आंदोलन किसी भी स्थिति में जारी रहेगा।
दीपके ने एक बार फिर आरोप लगाया कि प्रदर्शन को बदनाम करने के लिए बाहरी लोगों को भेजा जा रहा है। उन्होंने दावा किया कि भाजपा समर्थक तत्व आंदोलन में घुसकर पथराव कर रहे हैं और बाद में इसका दोष CJP पर मढ़ा जा रहा है। इन आरोपों की स्वतंत्र पुष्टि नहीं हुई है।
इस बीच दिल्ली पुलिस ने जंतर-मंतर और कनॉट प्लेस इलाके में हुई कथित पथराव की घटना के संबंध में मामला दर्ज कर जांच शुरू कर दी है। पुलिस का कहना है कि हिंसा में कई पुलिसकर्मी घायल हुए हैं, जबकि CJP पुलिस कार्रवाई को अत्यधिक बल प्रयोग बता रहा है।
जंतर-मंतर पर आंदोलन के मद्देनजर सुरक्षा व्यवस्था कड़ी कर दी गई है। दिल्ली मेट्रो के 16 स्टेशन लगातार दूसरे दिन बंद रहे, जबकि संसद के भीतर भी NEET विवाद और शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर विपक्ष का विरोध जारी है।




