[the_ad id="179"]
Home » National » भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार से कहा- आदेश का अक्षरशः पालन करें

भोजशाला मामले में सुप्रीम कोर्ट सख्त, केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार से कहा- आदेश का अक्षरशः पालन करें

राष्ट्रीय | सुमन कुमार | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 22 जुलाई 2026

मध्य प्रदेश के धार स्थित विवादित भोजशाला- कमाल मौला मस्जिद परिसर मामले में सुप्रीम कोर्ट ने बुधवार को केंद्र और मध्य प्रदेश सरकार को स्पष्ट निर्देश दिया कि 14 जुलाई के उसके अंतरिम आदेश का “अक्षरशः और पूरी भावना के साथ” पालन सुनिश्चित किया जाए।

मुख्य न्यायाधीश सूर्यकांत, न्यायमूर्ति जॉयमाल्य बागची और न्यायमूर्ति वी. मोहन की पीठ ने कहा कि प्रशासन पर अदालत के आदेश को पूरी तरह लागू करने की जिम्मेदारी है। अदालत ने मामले की अगली सुनवाई शुक्रवार को तय की है, ताकि यह देखा जा सके कि उसके निर्देशों का पालन हुआ है या नहीं।

सुनवाई के दौरान अदालत को बताया गया कि प्रशासन ने मुस्लिम समुदाय के लिए जुमे की नमाज अदा करने हेतु जो वैकल्पिक स्थान चिन्हित किया है, वह विवादित परिसर से करीब दो किलोमीटर दूर है। इस पर सुप्रीम कोर्ट ने कहा कि उसके पूर्व आदेश का उद्देश्य केवल औपचारिक अनुपालन नहीं, बल्कि ऐसा व्यावहारिक समाधान सुनिश्चित करना था जिससे अंतरिम व्यवस्था प्रभावी ढंग से लागू हो सके।

गौरतलब है कि 14 जुलाई को सुप्रीम कोर्ट ने मध्य प्रदेश हाई कोर्ट के उस फैसले पर यथास्थिति बहाल करने से इनकार कर दिया था, जिसमें भोजशाला- कमाल मौला मस्जिद परिसर को मां सरस्वती का मंदिर बताया गया था और परिसर में शुक्रवार की नमाज पर रोक लगा दी गई थी। हालांकि शीर्ष अदालत ने अंतरिम व्यवस्था के तहत प्रशासन को निर्देश दिया था कि वह परिसर के निकट कोई खुला स्थान चिन्हित करे, जहां मुस्लिम समुदाय दोपहर 1 बजे से 3 बजे के बीच जुमे की नमाज अदा कर सके।

भोजशाला- कमाल मौला मस्जिद परिसर लंबे समय से धार्मिक विवाद का केंद्र रहा है। हिंदू पक्ष इसे मां सरस्वती का प्राचीन मंदिर मानता है, जबकि मुस्लिम पक्ष का कहना है कि यह कमाल मौला मस्जिद है और यहां नमाज अदा करने का उनका अधिकार है। दोनों समुदाय लंबे समय से इस परिसर पर अपने-अपने धार्मिक दावे करते रहे हैं।

सुप्रीम कोर्ट के ताजा निर्देश से स्पष्ट है कि वह अंतरिम व्यवस्था के प्रभावी क्रियान्वयन को लेकर गंभीर है। अब सभी की नजरें शुक्रवार की सुनवाई पर टिकी हैं, जब अदालत प्रशासन द्वारा किए गए अनुपालन की समीक्षा करेगी।

Leave a Reply

Your email address will not be published. Required fields are marked *