राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 20 जुलाई 2026
कांग्रेस की राष्ट्रीय प्रवक्ता सुप्रिया श्रीनेत ने लोकसभा में विपक्ष के नेता राहुल गांधी की सार्वजनिक रूप से सराहना करते हुए कहा है कि मौजूदा राजनीतिक माहौल में वे ऐसे नेता हैं जो युवाओं की बात सुनते हैं, उनकी समस्याओं को समझते हैं और उनके समाधान की जिम्मेदारी लेने का साहस रखते हैं। उन्होंने दावा किया कि हाल के एक कार्यक्रम ने यह साबित कर दिया कि राहुल गांधी की स्वीकार्यता और राजनीतिक मजबूती लगातार बढ़ रही है।
सोशल मीडिया मंच एक्स (X) पर साझा किए गए अपने विस्तृत संदेश में श्रीनेत ने कहा कि कार्यक्रम से पहले कई तरह की बाधाएं सामने आईं। उनके अनुसार, कार्यक्रम का स्थल बदल दिया गया, खराब मौसम और तेज बारिश ने आयोजन पर संकट खड़ा कर दिया, लेकिन इसके बावजूद बड़ी संख्या में युवा वहां पहुंचे और पूरा परिसर लोगों से भर गया।
उन्होंने लिखा कि इतनी बड़ी संख्या में युवाओं की मौजूदगी इस बात का संकेत है कि राहुल गांधी केवल भाषण देने वाले नेता नहीं हैं, बल्कि युवाओं के साथ संवाद स्थापित करने वाले नेता हैं। उनके अनुसार, राहुल गांधी ने अपने संबोधन में राजनीतिक कटाक्ष या विरोधियों पर व्यक्तिगत हमले करने के बजाय देश की शिक्षा व्यवस्था, युवाओं के भविष्य और परीक्षा प्रणाली से जुड़े मुद्दों पर गंभीर चर्चा की।
सुप्रिया श्रीनेत ने कहा कि राहुल गांधी ने अपने संबोधन में किसी टेलीप्रॉम्प्टर का सहारा नहीं लिया, बल्कि युवाओं की चिंताओं और अनुभवों को सीधे संबोधित किया। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी ने एक ऐसे पिता से भी मुलाकात की, जिसने NEET से जुड़े घटनाक्रम में अपने बच्चे को खोया है, और उनकी पीड़ा को साझा किया। साथ ही उन्होंने शिक्षा व्यवस्था से जुड़े मुद्दों पर अपने तर्क तथ्यों और आंकड़ों के आधार पर रखे।
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि राहुल गांधी ने बिना किसी उत्तेजक बयानबाजी के सरकार की शिक्षा व्यवस्था से जुड़ी कथित विफलताओं और युवाओं पर पड़े उसके प्रभाव को सामने रखा। उनके अनुसार, देश के लाखों छात्र परीक्षा प्रणाली में पारदर्शिता, जवाबदेही और सुधार की मांग कर रहे हैं, जिनकी आवाज़ राहुल गांधी लगातार उठाते रहे हैं।
अपने संदेश में श्रीनेत ने कहा कि भारत को केवल सरकार की आलोचना करने वाला नेता नहीं, बल्कि ऐसा नेतृत्व चाहिए जो लोगों की बात सुने, सहमति बनाए, समस्याओं का समाधान खोजे और व्यवस्था की कमियों को दूर करने की जिम्मेदारी स्वीकार करे। उन्होंने दावा किया कि राहुल गांधी की यही कार्यशैली उन्हें अन्य नेताओं से अलग बनाती है।
उन्होंने अपने संदेश के अंत में कहा कि राहुल गांधी की विनम्रता, समाधान खोजने की इच्छा, जिम्मेदारी स्वीकार करने की क्षमता तथा विचार और व्यवहार में ईमानदारी ही उनकी सबसे बड़ी ताकत है और वर्तमान समय में देश को ऐसे ही नेतृत्व की आवश्यकता है।
हालांकि, सुप्रिया श्रीनेत की यह टिप्पणी कांग्रेस का राजनीतिक दृष्टिकोण है। भाजपा और केंद्र सरकार पहले भी राहुल गांधी तथा कांग्रेस के इन आरोपों को खारिज करते हुए कह चुकी है कि शिक्षा व्यवस्था में सुधार और परीक्षाओं को पारदर्शी बनाने के लिए लगातार कदम उठाए जा रहे हैं। NEET और शिक्षा सुधार का मुद्दा फिलहाल संसद के भीतर और बाहर राजनीतिक बहस का प्रमुख विषय बना हुआ है।




