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लोकसभा स्पीकर ने उद्धव गुट के 6 बागी सांसदों के शिवसेना में विलय को दी मंजूरी, टीएमसी के बागी सांसदों को भी अलग पहचान

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 18 जुलाई 2026

लोकसभा अध्यक्ष ओम बिरला ने महाराष्ट्र की राजनीति में बड़ा फैसला लेते हुए शिवसेना (उद्धव बालासाहेब ठाकरे) के छह बागी सांसदों के एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना में विलय को मंजूरी दे दी है। लोकसभा सचिवालय की ओर से जारी आदेश के साथ ही इन सांसदों को अब शिंदे गुट के सांसदों के रूप में मान्यता मिल गई है। यह फैसला संसद के मानसून सत्र से ठीक पहले उद्धव ठाकरे के लिए बड़ा राजनीतिक झटका माना जा रहा है।

मान्यता पाने वाले सांसदों में रविंद्र वायकर, नरेश म्हस्के, धैर्यशील माने, योगेश कदम, सदाशिव लोखंडे और हेमंत पाटिल शामिल हैं। इन सांसदों ने पहले लोकसभा अध्यक्ष से मिलकर दावा किया था कि वे शिवसेना (यूबीटी) छोड़कर मूल शिवसेना के साथ हैं और उन्हें शिंदे गुट का हिस्सा माना जाए।

इससे पहले उद्धव ठाकरे गुट ने लोकसभा अध्यक्ष को पत्र लिखकर दलील दी थी कि केवल सांसदों का समूह अलग होकर किसी दूसरे दल में विलय का दावा नहीं कर सकता, क्योंकि दसवीं अनुसूची के तहत मूल राजनीतिक दल के विलय के बिना संसदीय दल का विलय मान्य नहीं है। हालांकि, लोकसभा अध्यक्ष ने छह सांसदों के पक्ष में फैसला सुनाते हुए उनके विलय को मान्यता दे दी।

इसी के साथ लोकसभा अध्यक्ष ने तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के बागी सांसदों को भी राहत देते हुए उन्हें लोकसभा में अलग बैठने की अनुमति दे दी है। यह निर्णय संसद में उनके अलग समूह के रूप में पहली औपचारिक पहचान माना जा रहा है। हालांकि, उनके नए दल से जुड़े अन्य औपचारिक मामलों पर प्रक्रिया आगे भी जारी रहेगी।

लोकसभा अध्यक्ष का यह फैसला ऐसे समय आया है जब 20 जुलाई से संसद का मानसून सत्र शुरू होने वाला है। माना जा रहा है कि इससे लोकसभा के भीतर विभिन्न दलों की संख्या और राजनीतिक समीकरणों पर असर पड़ेगा।

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