अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | वॉशिंगटन | 17 जुलाई 2026
अमेरिका में स्थायी रूप से बसने का सपना देखने वाले लाखों लोगों के लिए बड़ा बदलाव हो सकता है। ट्रंप प्रशासन एक ऐसे प्रस्ताव पर विचार कर रहा है, जिसके तहत विदेश से ग्रीन कार्ड के लिए आवेदन करने वाले कुछ लोगों को अमेरिका आने से पहले 1 लाख डॉलर (करीब 85 लाख रुपये) तक की सिक्योरिटी राशि जमा करनी पड़ सकती है।
मीडिया रिपोर्टों के अनुसार, अमेरिकी विदेश विभाग इस प्रस्ताव पर काम कर रहा है। इसका उद्देश्य यह सुनिश्चित करना है कि अमेरिका आने वाले नए प्रवासी आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर हों और उन्हें सरकारी सहायता योजनाओं पर निर्भर न रहना पड़े।
हालांकि यह प्रस्ताव अभी शुरुआती चरण में है और इस पर अंतिम फैसला नहीं लिया गया है।
किन लोगों पर लागू हो सकता है नियम?
प्रस्ताव मुख्य रूप से उन लोगों पर लागू हो सकता है, जो इमिग्रेंट वीज़ा के जरिए अमेरिका में स्थायी रूप से बसने के लिए आवेदन करते हैं। ऐसे लोगों को अमेरिका पहुंचने पर ग्रीन कार्ड मिलता है और वे स्थायी निवासी बन जाते हैं।
रिपोर्ट के अनुसार, सभी आवेदकों के लिए राशि एक जैसी नहीं होगी। कुछ मामलों में यह 1 लाख डॉलर तक हो सकती है, जबकि अन्य मामलों में आवेदक की परिस्थितियों के आधार पर कम या अधिक भी तय की जा सकती है।
नागरिक बनने के बाद वापस मिलेगी राशि
प्रस्ताव के मुताबिक, आवेदक को यह राशि अमेरिका जाने से पहले जमा करनी होगी। यह पैसा तब लौटाया जाएगा, जब वह अमेरिकी नागरिक बन जाएगा। आमतौर पर ग्रीन कार्ड मिलने के बाद अमेरिकी नागरिकता प्राप्त करने में कम से कम पांच वर्ष लगते हैं।
यदि ग्रीन कार्ड धारक अमेरिका में आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर नहीं रह पाता, तो यह जमा राशि सरकार के लिए एक तरह की वित्तीय सुरक्षा (Collateral) का काम करेगी। प्रस्ताव में यह भी विचार किया जा रहा है कि आवेदक की ओर से उसके परिवार के सदस्य भी यह राशि जमा करा सकें।
पहले पायलट प्रोजेक्ट के तौर पर लागू हो सकती है योजना
ट्रंप प्रशासन इस नीति को पहले कुछ चुनिंदा देशों में पायलट प्रोजेक्ट के रूप में लागू करने पर भी विचार कर रहा है। इसके बाद परिणामों की समीक्षा कर इसे अन्य देशों तक बढ़ाने का फैसला लिया जा सकता है।
अमेरिकी विदेश विभाग के प्रवक्ता टॉमी पिगॉट ने कहा कि राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप का मानना है कि अमेरिका में बसने की इच्छा रखने वाले लोगों को आर्थिक रूप से आत्मनिर्भर होना चाहिए।
किन लोगों पर सबसे ज्यादा असर पड़ेगा?
इस प्रस्ताव का सबसे अधिक असर उन लोगों पर पड़ सकता है, जो परिवार आधारित इमिग्रेंट वीज़ा के जरिए अमेरिका जाना चाहते हैं। इनमें अमेरिकी नागरिकों के पति-पत्नी, माता-पिता, बच्चे और भाई-बहन शामिल होते हैं।
वहीं, रोजगार आधारित ग्रीन कार्ड पर इसका असर अपेक्षाकृत कम माना जा रहा है, क्योंकि अधिकांश विदेशी पेशेवर पहले H-1B जैसे अस्थायी वीज़ा पर अमेरिका जाते हैं और बाद में स्थायी निवास के लिए आवेदन करते हैं।
हर वर्ष अमेरिकी विदेश विभाग लगभग पांच लाख इमिग्रेंट वीज़ा जारी करता है। यदि यह प्रस्ताव लागू होता है, तो अमेरिका की आव्रजन नीति में यह हाल के वर्षों का सबसे बड़ा बदलाव माना जाएगा। हालांकि, जब तक इस प्रस्ताव को आधिकारिक मंजूरी नहीं मिलती, तब तक इसे अंतिम नीति नहीं माना जा सकता।




