Home » National » ‘धर्मेंद्र प्रधान हटें तो स्मृति ईरानी नहीं’: AAP का BJP पर तंज, सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाने की मांग

‘धर्मेंद्र प्रधान हटें तो स्मृति ईरानी नहीं’: AAP का BJP पर तंज, सोनम वांगचुक को शिक्षा मंत्री बनाने की मांग

राष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | नई दिल्ली | 17 जुलाई 2026

दिल्ली के जंतर-मंतर पर शिक्षा व्यवस्था और NEET विवाद को लेकर जारी विरोध प्रदर्शन के बीच आम आदमी पार्टी (AAP) ने केंद्र सरकार पर तीखा हमला बोला है। पार्टी ने केंद्रीय शिक्षा मंत्री धर्मेंद्र प्रधान को हटाने की मांग दोहराते हुए कहा कि उनकी जगह स्मृति ईरानी या किसी अन्य भाजपा नेता की नियुक्ति नहीं होनी चाहिए। AAP ने इसके बजाय सामाजिक कार्यकर्ता और वैज्ञानिक सोनम वांगचुक को देश का अगला शिक्षा मंत्री बनाने की मांग उठाई है।

जंतर-मंतर पर आंदोलन को समर्थन देने पहुंचे AAP के राष्ट्रीय संयोजक अरविंद केजरीवाल ने कहा, “धर्मेंद्र प्रधान को हटाओ और सोनम वांगचुक को देश का शिक्षा मंत्री बनाओ।” उन्होंने आरोप लगाया कि मौजूदा शिक्षा व्यवस्था गंभीर संकट से गुजर रही है और उसे सुधारने के लिए ऐसे व्यक्ति की जरूरत है, जिसे शिक्षा व्यवस्था की गहरी समझ हो।

AAP के वरिष्ठ नेता सौरभ भारद्वाज ने भी इसी मांग का समर्थन करते हुए कहा कि यदि सरकार केवल धर्मेंद्र प्रधान को हटाकर उनकी जगह किसी अन्य भाजपा नेता, जैसे स्मृति ईरानी या नितिन गडकरी, को नियुक्त करती है तो इससे शिक्षा व्यवस्था की समस्याओं का समाधान नहीं होगा।

उन्होंने कहा, “देश को ऐसे शिक्षा मंत्री की जरूरत है जो शिक्षा को समझता हो। अगर सोनम वांगचुक जैसे वैज्ञानिक को शिक्षा मंत्री बनाया जाता है, तो यह पूरी दुनिया के लिए एक सकारात्मक संदेश होगा।”

भारद्वाज ने सोनम वांगचुक को गांधीवादी विचारों से प्रेरित बताते हुए कहा कि वे अहिंसक तरीके से अपनी मांगों के लिए संघर्ष कर रहे हैं और देश के भविष्य को बेहतर बनाने की कोशिश कर रहे हैं।

इस बीच आंदोलन का नेतृत्व कर रही कॉकरोच जनता पार्टी (CJP) ने घोषणा की है कि 20 जुलाई को संसद की ओर मार्च निकाला जाएगा। संगठन का कहना है कि सरकार तक अपनी मांगें पहुंचाने के लिए यह मार्च आयोजित किया जाएगा।

AAP ने विपक्षी दलों, छात्र संगठनों और सामाजिक संस्थाओं से इस मार्च में शामिल होने की अपील की है। सौरभ भारद्वाज ने कहा कि वह स्वयं इसमें भाग लेंगे और पार्टी के अन्य नेता भी मार्च में मौजूद रहेंगे।

जंतर-मंतर पर अपने संबोधन में अरविंद केजरीवाल ने 2011 के अन्ना हज़ारे आंदोलन का भी जिक्र किया। उन्होंने कहा कि इसी स्थान से शुरू हुआ आंदोलन देश की राजनीति में बड़ा बदलाव लेकर आया था। उन्होंने केंद्र सरकार से अपील की कि वह सोनम वांगचुक की मांगों को गंभीरता से सुने और बातचीत के जरिए समाधान निकाले।

गौरतलब है कि सोनम वांगचुक पिछले कई दिनों से जंतर-मंतर पर अनशन कर रहे हैं। उनका आंदोलन शिक्षा व्यवस्था और NEET परीक्षा से जुड़े मुद्दों पर केंद्रित है। इस आंदोलन को कई विपक्षी दलों और सामाजिक संगठनों का समर्थन मिल रहा है, जबकि केंद्र सरकार की ओर से अभी तक इस पर कोई आधिकारिक प्रतिक्रिया नहीं आई है।

अब 20 जुलाई को प्रस्तावित संसद मार्च पर राजनीतिक दलों और सरकार, दोनों की नजरें टिकी हैं। आने वाले दिनों में यह आंदोलन राष्ट्रीय राजनीति और शिक्षा व्यवस्था पर बहस को और तेज कर सकता है।

0 0 votes
Article Rating
Subscribe
Notify of
guest
0 Comments
Oldest
Newest Most Voted