अंतरराष्ट्रीय | ABC NATIONAL NEWS | अंकारा/तेहरान | 9 जुलाई 2026
ईरान और अमेरिका के बीच तनाव एक बार फिर खतरनाक मोड़ पर पहुंच गया है। अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप ने ईरान की नागरिक (सिविलियन) बुनियादी ढांचे पर भी हमला करने की धमकी देते हुए कहा कि जरूरत पड़ी तो खार्ग द्वीप पर कब्जा भी किया जा सकता है, जहां से ईरान का अधिकांश तेल निर्यात होता है।
ट्रंप ने नाटो शिखर सम्मेलन के दौरान कहा कि अमेरिका ईरान पर फिर से हमला कर सकता है, हालांकि बाद में उन्होंने यह भी दावा किया कि मौजूदा सैन्य टकराव “बहुत जल्दी खत्म हो जाएगा” और लंबा युद्ध नहीं चलेगा।
इस बीच ईरान ने अमेरिकी हमलों के जवाब में कुवैत और बहरीन स्थित अमेरिकी सैन्य ठिकानों को निशाना बनाने का दावा किया। बहरीन और कुवैत में हवाई हमले के सायरन बजे, कई धमाके सुने गए और दोनों देशों की वायु रक्षा प्रणाली सक्रिय करनी पड़ी।
उधर हॉर्मुज जलडमरूमध्य में लगातार तीसरे दिन जहाजों पर हमले हुए। कई तेल और एलएनजी टैंकरों ने सुरक्षा कारणों से अपना रास्ता बदल दिया, जिससे वैश्विक ऊर्जा आपूर्ति को लेकर चिंता और बढ़ गई। अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल की कीमतों में भी तेज उछाल दर्ज किया गया।
अमेरिकी हमलों में ईरान के आठ सैन्यकर्मियों के मारे जाने का दावा किया गया है, जबकि ईरान ने चेतावनी दी है कि जो भी देश अमेरिका की सैन्य कार्रवाई में सहयोग करेगा, उसे “वैध लक्ष्य” माना जाएगा।
चीन, यूरोपीय संघ, कतर और संयुक्त राष्ट्र समेत कई देशों और अंतरराष्ट्रीय संगठनों ने दोनों पक्षों से तत्काल तनाव कम करने और बातचीत का रास्ता अपनाने की अपील की है। वहीं नाटो महासचिव मार्क रुटे ने अमेरिकी कार्रवाई को “ज़रूरी” बताया है।
पश्चिम एशिया में बढ़ते इस टकराव ने वैश्विक ऊर्जा सुरक्षा, समुद्री व्यापार और क्षेत्रीय स्थिरता को लेकर नई चिंताएं पैदा कर दी हैं।




